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Yamuna Nagar News: शुगर मिल में 31 से होगी गन्ने की पेराई, तीन जिलों के 22 हजार किसानों को राहत
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यमुनानगर, कुरुक्षेत्र व अंबाला के गन्ना उत्पादक करीब 22 हजार किसानों के लिए इस बार राहत भरी खबर है। सरस्वती शुगर मिल में गन्ने की पेराई इस बार पिछले साल से एक सप्ताह पहले शुरू होगी। मैनेजमेंट ने इस इसी माह 31 अक्तूबर को शुगर मिल चलाने का निर्णय लिया है। पेराई के लिए सरस्वती शुगर मिल में मरम्मत का कार्य जोरों पर चल रहा है। मिल प्रबंधकों के मुताबिक पेराई अंतिम चरण में हैं। जल्द ही इसका ट्रायल लिया जाएगा।
सरस्वती शुगर मिल की परंपरा के अनुसार हर साल गन्ने का पेराई सत्र मंगलवार को शुरू होता है। इस बार नवंबर में सात तारीख को मंगलवार था। परंतु इस बार एक सप्ताह पहले 31 अक्तूबर को ही मिल में पेराई करने का निर्णय लिया। शुगर मिल में यमुनानगर के अलावा कुरुक्षेत्र व अंबाला जिले के किसान भी गन्ना डालते हैं। मिल पहले चलने से किसान गन्ने की कटाई जल्द करके खाली खेतों में गेहूं की बिजाई कर सकेंगे।
शुगर मिल में इस बार 175 लाख क्विंटल गन्ना पेराई करने का लक्ष्य रखा है। शुगर मिल में जो गन्ना आता उसका रकबा करीब 96 हजार एकड़ है। गन्ने की खरीद के लिए मिल मैनेजमेंट ने इस बार 45 खरीद केंद्र बनाए हैं। किसान अपना गन्ना ट्रालियों के माध्यम से खरीद केंद्रों पर डालेंगे। खरीद केंद्र से शुगर मिल अपने वाहनों में गन्ने को मिल तक पहुंचाएंगे। इसके अलावा किसान सीधे शुगर मिल में भी गन्ना डाल सकेंगे।
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भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के जिला प्रधान संजू गुंदियाना ने बताया कि हर बार शुगर मिल नवंबर में चलता था। जिस कारण किसानों को गेहूं की बिजाई करने में दिक्कत होती थी। मिल मैनेजमेंट से यही अपील है कि पेराई के दौरान किसानों को गन्ना डालने के इंडेंट रूटीन में दिया जाए जिससे किसानों को खेत खाली करने में इंतजार न करना पड़े।
सरस्वती शुगर मिल के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (केन) डीपी सिंह ने बताया कि इस बार शुगर मिल 31 अक्तूबर को चलाई जाएगी। इससे करीब 22 हजार किसानों को फायदा होगा। शुगर मिल में मरम्मत कार्य अंतिम चरण में है। 45 केंद्रों पर किसानों का गन्ना खरीदा जाएगा।
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सरस्वती शुगर मिल की परंपरा के अनुसार हर साल गन्ने का पेराई सत्र मंगलवार को शुरू होता है। इस बार नवंबर में सात तारीख को मंगलवार था। परंतु इस बार एक सप्ताह पहले 31 अक्तूबर को ही मिल में पेराई करने का निर्णय लिया। शुगर मिल में यमुनानगर के अलावा कुरुक्षेत्र व अंबाला जिले के किसान भी गन्ना डालते हैं। मिल पहले चलने से किसान गन्ने की कटाई जल्द करके खाली खेतों में गेहूं की बिजाई कर सकेंगे।
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शुगर मिल में इस बार 175 लाख क्विंटल गन्ना पेराई करने का लक्ष्य रखा है। शुगर मिल में जो गन्ना आता उसका रकबा करीब 96 हजार एकड़ है। गन्ने की खरीद के लिए मिल मैनेजमेंट ने इस बार 45 खरीद केंद्र बनाए हैं। किसान अपना गन्ना ट्रालियों के माध्यम से खरीद केंद्रों पर डालेंगे। खरीद केंद्र से शुगर मिल अपने वाहनों में गन्ने को मिल तक पहुंचाएंगे। इसके अलावा किसान सीधे शुगर मिल में भी गन्ना डाल सकेंगे।
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भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के जिला प्रधान संजू गुंदियाना ने बताया कि हर बार शुगर मिल नवंबर में चलता था। जिस कारण किसानों को गेहूं की बिजाई करने में दिक्कत होती थी। मिल मैनेजमेंट से यही अपील है कि पेराई के दौरान किसानों को गन्ना डालने के इंडेंट रूटीन में दिया जाए जिससे किसानों को खेत खाली करने में इंतजार न करना पड़े।
सरस्वती शुगर मिल के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (केन) डीपी सिंह ने बताया कि इस बार शुगर मिल 31 अक्तूबर को चलाई जाएगी। इससे करीब 22 हजार किसानों को फायदा होगा। शुगर मिल में मरम्मत कार्य अंतिम चरण में है। 45 केंद्रों पर किसानों का गन्ना खरीदा जाएगा।