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Yamuna Nagar News: अब विद्यार्थी सीख सकेंगे जर्मन भाषा, वैकल्पिक रहेगा विषय
Tue, 02 Jun 2026 01:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Tue, 02 Jun 2026 01:16 AM IST
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जिला शिक्षा सदन। आर्काइव
संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। राजकीय विद्यालयों में जर्मन भाषा को वैकल्पिक विषय के रूप में शुरू करने की शिक्षा विभाग ने तैयारी तेज कर दी है। इसके लिए विभाग ने पात्र शिक्षकों से ऑनलाइन एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (ईओआई) आवेदन आमंत्रित किए हैं। यह कार्यक्रम हरियाणा विद्यालय शिक्षा विभाग की ओर से जर्मन एंबेसी के सहयोग से शुरू किया जा रहा है।
शिक्षा विभाग की ओर से इसे लेकर कई दिनों से कसरत की जा रही है। निर्देशों के अनुसार प्रदेशभर के राजकीय विद्यालयों में जर्मन भाषा शिक्षा लागू करने के उद्देश्य से इच्छुक शिक्षकों का एक समूह तैयार किया जाएगा। इसके लिए शिक्षक एमआईएस पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। पीजीटी इंग्लिश, टीजीटी सोशल स्टडीज और टीजीटी इंग्लिश शिक्षक इस कार्यक्रम के लिए आवेदन कर सकते हैं।
शिक्षकों को एमआईएस पोर्टल पर ऑनलाइन ईओआई फॉर्म भरना होगा। हालांकि अभी तक जिला शिक्षा विभाग के पास आवेदन करने वाले शिक्षकों की जानकारी नहीं है। चूंकि आवेदन ऑनलाइन मंगवाए गए हैं, जो पोर्टल पर हैं। पंरतु अधिकारियों का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य राजकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों को विदेशी भाषाओं की शिक्षा से जोड़ना और शिक्षकों को नई भाषा प्रशिक्षण के अवसर उपलब्ध करवाना है।
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राजकीय विद्यालयों में जर्मन भाषा पढ़ाए जाने से विद्यार्थियों को बहुत लाभ होगा। इससे अपनाकर विद्यार्थी अंतरराष्ट्रीय शिक्षा से जुड़ेंगे। वहीं, अन्य देशों में रोजगार व स्वरोजगार के अवसरों के बारें में जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। इससे उनका कौशल विकास होगा। इसके साथ वे वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए स्वयं को तैयार भी कर सकेंगे। ऐसे में निदेशालय इसे लेकर बेहद गंभीरता से कार्य कर रहा है।
यदि किसी शिक्षक के पास जर्मन या अन्य विदेशी भाषाओं के ज्ञान संबंधित कोई प्रमाणपत्र अथवा कोर्स है, तो उन्हें आवेदन करते समय फार्म में यह जानकारी भी देनी होगी। ऐसे शिक्षकों को शिक्षा विभाग की ओर से प्राथमिकता दी जाएगी। हालांकि विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि केवल ईओआई जमा करने से चयन की गारंटी नहीं होगी। इसमें केवल एमआईएस पोर्टल से किए ऑनलाइन आवेदन ही मान्य होंगे।
शिक्षा विभाग निदेशालय ने ऑनलाइन ही आवेदन मांगे हैं, अभी जिला मुख्यालय पर इसकी रिपोर्ट नहीं आई है। जर्मन भाषा की शुरुआत से विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय शिक्षा व रोजगार के क्षेत्र में नए अवसर मिलेंगे। - प्रेमलता बक्शी, जिला शिक्षा अधिकारी।
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जगाधरी। राजकीय विद्यालयों में जर्मन भाषा को वैकल्पिक विषय के रूप में शुरू करने की शिक्षा विभाग ने तैयारी तेज कर दी है। इसके लिए विभाग ने पात्र शिक्षकों से ऑनलाइन एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (ईओआई) आवेदन आमंत्रित किए हैं। यह कार्यक्रम हरियाणा विद्यालय शिक्षा विभाग की ओर से जर्मन एंबेसी के सहयोग से शुरू किया जा रहा है।
शिक्षा विभाग की ओर से इसे लेकर कई दिनों से कसरत की जा रही है। निर्देशों के अनुसार प्रदेशभर के राजकीय विद्यालयों में जर्मन भाषा शिक्षा लागू करने के उद्देश्य से इच्छुक शिक्षकों का एक समूह तैयार किया जाएगा। इसके लिए शिक्षक एमआईएस पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। पीजीटी इंग्लिश, टीजीटी सोशल स्टडीज और टीजीटी इंग्लिश शिक्षक इस कार्यक्रम के लिए आवेदन कर सकते हैं।
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शिक्षकों को एमआईएस पोर्टल पर ऑनलाइन ईओआई फॉर्म भरना होगा। हालांकि अभी तक जिला शिक्षा विभाग के पास आवेदन करने वाले शिक्षकों की जानकारी नहीं है। चूंकि आवेदन ऑनलाइन मंगवाए गए हैं, जो पोर्टल पर हैं। पंरतु अधिकारियों का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य राजकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों को विदेशी भाषाओं की शिक्षा से जोड़ना और शिक्षकों को नई भाषा प्रशिक्षण के अवसर उपलब्ध करवाना है।
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राजकीय विद्यालयों में जर्मन भाषा पढ़ाए जाने से विद्यार्थियों को बहुत लाभ होगा। इससे अपनाकर विद्यार्थी अंतरराष्ट्रीय शिक्षा से जुड़ेंगे। वहीं, अन्य देशों में रोजगार व स्वरोजगार के अवसरों के बारें में जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। इससे उनका कौशल विकास होगा। इसके साथ वे वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए स्वयं को तैयार भी कर सकेंगे। ऐसे में निदेशालय इसे लेकर बेहद गंभीरता से कार्य कर रहा है।
यदि किसी शिक्षक के पास जर्मन या अन्य विदेशी भाषाओं के ज्ञान संबंधित कोई प्रमाणपत्र अथवा कोर्स है, तो उन्हें आवेदन करते समय फार्म में यह जानकारी भी देनी होगी। ऐसे शिक्षकों को शिक्षा विभाग की ओर से प्राथमिकता दी जाएगी। हालांकि विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि केवल ईओआई जमा करने से चयन की गारंटी नहीं होगी। इसमें केवल एमआईएस पोर्टल से किए ऑनलाइन आवेदन ही मान्य होंगे।
शिक्षा विभाग निदेशालय ने ऑनलाइन ही आवेदन मांगे हैं, अभी जिला मुख्यालय पर इसकी रिपोर्ट नहीं आई है। जर्मन भाषा की शुरुआत से विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय शिक्षा व रोजगार के क्षेत्र में नए अवसर मिलेंगे। - प्रेमलता बक्शी, जिला शिक्षा अधिकारी।