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Yamuna Nagar News: लकड़ी की ट्रालियां मंडी में भेजने पर आढ़तियों की हड़ताल
Tue, 13 Feb 2024 04:55 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Tue, 13 Feb 2024 04:55 AM IST
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यमुनानगर। चंडीगढ़ से आई टीम ने सोमवार तड़के लक्कड़ मंडी मंडौली के बाहर खड़ी लकड़ी से भरी ट्रैक्टर-ट्रालियों व ट्रकों को मंडी के अंदर पहुंचा दिया। देखते ही देखते लक्कड़ मंडी के अंदर ट्रालियों का जमावड़ा लग गया। ट्रालियां मंडी के अंदर पहुंचाने के विरोध में मंडी के आढ़तियों ने हड़ताल कर दी।
उन्होंने लकड़ी को खरीदने से साफ इंकार कर दिया और नारेबाजी की। आढ़ती दरी बिछाकर मंडी के अंदर बैठ गए। आढ़तियों ने आरोप लगाया कि मंडी के अंदर लकड़ी बेचने पर प्लाईवुड फैक्टरी संचालक उनसे बिल नहीं लेते। जीएसटी व अन्य टैक्स की चोरी प्लाईवुड फैक्टरी संचालक कर रहे हैं, लेकिन उल्टा मंडी के आढ़तियों को परेशान किया जा रहा है। दोपहर के समय मार्केट कमेटी के सचिव गौरव आर्य व डीएमओ ईश्वर सिंह आढ़तियों से बात करने मंडी में पहुंचे। उन्होंने फैक्टरियों में लकड़ी की जांच करने तथा पंचकूला में सीए से मीटिंग कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद शाम को लकड़ी की खरीद शुरू हो सकी।
लक्कड़ मंडी मंडौली के आढ़तियों ने आरोप लगाया कि जीएसटी व अन्य टैक्स बचाने के लिए प्लाईवुड फैक्टरी संचालक हेराफेरी करते हैं। इसलिए वह आढ़तियों से खरीदी गई लकड़ी का बिल नहीं लेते। सफेदा व पॉपुलर की लकड़ी से भरी जो ट्राली या ट्रक एक बार मंडी के अंदर चला जाता है वह सरकारी रिकॉर्ड में आ जाता है। परंतु फैक्टरी संचालक मंडी के अंदर आई लकड़ी को खरीदने से इंकार कर देते हैं। यदि खरीदते हैं तो उसका बिल नहीं लेते। यदि बिल दे दिया तो उस पर जीएसटी देनी पड़ेगी। इसलिए रोजाना काफी ट्रालियां लक्कड़ मंडी के बाहर ही खड़ी होती हैं।
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हालांकि ट्रालियों को अंदर पहुंचाने के लिए मार्केट कमेटी ने मंडी के पास सड़क पर नाके लगाए हुए हैं। रात को ही यूपी, पंजाब व अन्य राज्यों से लकड़ी की ट्रालियां पहुंचनी शुरू हो जाती हैं। चंडीगढ़ से सोमवार तड़के आई टीम ने बाहर खड़ी ट्रालियों को मंडी के अंदर पहुंचाना शुरू कर दिया। 400 से अधिक ट्रालियां मंडी के अंदर पहुंच गई थी। इसका पता चलने पर आढ़तियों ने लकड़ी खरीदने से मना कर दिया। वहीं एक भी फैक्टरी संचालक मंडी में लकड़ी खरीदने नहीं आया।
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आढ़ती बोले, मंडी में नहीं हैं सुविधाएं
लक्कड़ मंडी मंडौली के प्रधान नीटू राणा, आढ़ती संदीप राणा, अशोक गुर्जर, विकास बंसल, विकास राणा, राकेश कुमार ने कहा कि अधिकारी लकड़ी लाने वाले ठेकेदारों व आढ़तियों को परेशान कर रहे हैं। मंडी के अंदर मूलभूत सुविधाएं तक नहीं हैं। उसमें पीने का पानी भी नहीं है। ड्राइवरों के खाने और आराम करने की कोई व्यवस्था नहीं है। मंडी में लकड़ी खरीदने कोई नहीं आता। फैक्टरी में चेकिंग करनी चाहिए, लेकिन कोई नहीं करता। उन्हें बेवजह परेशान किया जा रहा है।
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सीए से बैठक कराने को कहा है: नीटू राणा
मंडी के प्रधान नीटू राणा ने बताया कि दोपहर को मार्केट कमेटी यमुनानगर सचिव व डीएमओ ईश्वर सिंह आढ़तियों से बात करने पहुंचे थे। आढ़तियों ने कमेटी द्वारा लगाए गए नाके खत्म करने, फैक्टरियों में जांच करने तथा पंचकूला में सीए से बात कराने की मांग रखी है। अधिकारियों ने जल्द ही इस बारे कोई निर्णय लेने की बात कही है। इसलिए शाम से लकड़ी की खरीद शुरू कर दी है।
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नाके परेशान करने के लिए नहीं हैं: सोनू राम
जगाधरी के एसडीएम सोनू राम ने बताया कि मार्केट कमेटी सचिव को मौके पर भेजा था। आढ़तियों ने अपनी मांगे बताई हैं। कमेटी ने जो नाके लगाए हैं वह किसी को परेशान करने के लिए नहीं हैं। जो मांगे रखी गई हैं उनसे उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाएगा।
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उन्होंने लकड़ी को खरीदने से साफ इंकार कर दिया और नारेबाजी की। आढ़ती दरी बिछाकर मंडी के अंदर बैठ गए। आढ़तियों ने आरोप लगाया कि मंडी के अंदर लकड़ी बेचने पर प्लाईवुड फैक्टरी संचालक उनसे बिल नहीं लेते। जीएसटी व अन्य टैक्स की चोरी प्लाईवुड फैक्टरी संचालक कर रहे हैं, लेकिन उल्टा मंडी के आढ़तियों को परेशान किया जा रहा है। दोपहर के समय मार्केट कमेटी के सचिव गौरव आर्य व डीएमओ ईश्वर सिंह आढ़तियों से बात करने मंडी में पहुंचे। उन्होंने फैक्टरियों में लकड़ी की जांच करने तथा पंचकूला में सीए से मीटिंग कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद शाम को लकड़ी की खरीद शुरू हो सकी।
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लक्कड़ मंडी मंडौली के आढ़तियों ने आरोप लगाया कि जीएसटी व अन्य टैक्स बचाने के लिए प्लाईवुड फैक्टरी संचालक हेराफेरी करते हैं। इसलिए वह आढ़तियों से खरीदी गई लकड़ी का बिल नहीं लेते। सफेदा व पॉपुलर की लकड़ी से भरी जो ट्राली या ट्रक एक बार मंडी के अंदर चला जाता है वह सरकारी रिकॉर्ड में आ जाता है। परंतु फैक्टरी संचालक मंडी के अंदर आई लकड़ी को खरीदने से इंकार कर देते हैं। यदि खरीदते हैं तो उसका बिल नहीं लेते। यदि बिल दे दिया तो उस पर जीएसटी देनी पड़ेगी। इसलिए रोजाना काफी ट्रालियां लक्कड़ मंडी के बाहर ही खड़ी होती हैं।
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हालांकि ट्रालियों को अंदर पहुंचाने के लिए मार्केट कमेटी ने मंडी के पास सड़क पर नाके लगाए हुए हैं। रात को ही यूपी, पंजाब व अन्य राज्यों से लकड़ी की ट्रालियां पहुंचनी शुरू हो जाती हैं। चंडीगढ़ से सोमवार तड़के आई टीम ने बाहर खड़ी ट्रालियों को मंडी के अंदर पहुंचाना शुरू कर दिया। 400 से अधिक ट्रालियां मंडी के अंदर पहुंच गई थी। इसका पता चलने पर आढ़तियों ने लकड़ी खरीदने से मना कर दिया। वहीं एक भी फैक्टरी संचालक मंडी में लकड़ी खरीदने नहीं आया।
आढ़ती बोले, मंडी में नहीं हैं सुविधाएं
लक्कड़ मंडी मंडौली के प्रधान नीटू राणा, आढ़ती संदीप राणा, अशोक गुर्जर, विकास बंसल, विकास राणा, राकेश कुमार ने कहा कि अधिकारी लकड़ी लाने वाले ठेकेदारों व आढ़तियों को परेशान कर रहे हैं। मंडी के अंदर मूलभूत सुविधाएं तक नहीं हैं। उसमें पीने का पानी भी नहीं है। ड्राइवरों के खाने और आराम करने की कोई व्यवस्था नहीं है। मंडी में लकड़ी खरीदने कोई नहीं आता। फैक्टरी में चेकिंग करनी चाहिए, लेकिन कोई नहीं करता। उन्हें बेवजह परेशान किया जा रहा है।
सीए से बैठक कराने को कहा है: नीटू राणा
मंडी के प्रधान नीटू राणा ने बताया कि दोपहर को मार्केट कमेटी यमुनानगर सचिव व डीएमओ ईश्वर सिंह आढ़तियों से बात करने पहुंचे थे। आढ़तियों ने कमेटी द्वारा लगाए गए नाके खत्म करने, फैक्टरियों में जांच करने तथा पंचकूला में सीए से बात कराने की मांग रखी है। अधिकारियों ने जल्द ही इस बारे कोई निर्णय लेने की बात कही है। इसलिए शाम से लकड़ी की खरीद शुरू कर दी है।
नाके परेशान करने के लिए नहीं हैं: सोनू राम
जगाधरी के एसडीएम सोनू राम ने बताया कि मार्केट कमेटी सचिव को मौके पर भेजा था। आढ़तियों ने अपनी मांगे बताई हैं। कमेटी ने जो नाके लगाए हैं वह किसी को परेशान करने के लिए नहीं हैं। जो मांगे रखी गई हैं उनसे उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाएगा।