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Yamuna Nagar News: बढ़ी हड़ताल, अभी झेलते रहिए परेशानियां
Wed, 17 Jan 2024 03:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Wed, 17 Jan 2024 03:50 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। वेतनवृद्धि की मांग के समर्थन चल रही पटवारी व कानूनगो की हड़ताल बढ़ गई है। दी रेवेन्यू पटवारी एंड कानूनगो एसोसिएशन की ओर से हड़ताल 19 जनवरी तक बढ़ा दी गई है। हड़ताल के कारण दो सप्ताह से लोगों के काम नहीं हो पाए हैं और वहीं इस सप्ताह भी लोगों के काम नहीं हो पाएंगे।
पटवारियों व कानूनगो के हड़ताल पर चले जाने से लोगों के ही नहीं बल्कि सरकारी काम भी लटके हुए हैं। इससे जहां लोगों को परेशानी हो रही है, वहीं सरकार को भी लाखों रुपये के राजस्व की चपत लग चुकी है। हड़ताल के कारण पटवारी व कानूनगो से होने वाली आय पूरी तरह बंद हो गई है। अब तक करीब ढाई करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है।
रजिस्ट्रियों पर भी असर पड़ा है। वहीं इंतकाल, जमाबंदी, फर्द इत्यादि के काम पूरी तरह ठप हैं। बैंक ऋण, गृह ऋण व अन्य आपत्तियों संबंधी रजिस्ट्रियां पूरी तरह ठप हैं। इससे सरकार को रोजाना करीब एक करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। हड़ताल के कारण मंगलवार को काम न होने के कारण लोगों को परेशान होना पड़ा।
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जिले में जहां प्रतिदिन 100 से ज्यादा रजिस्ट्रियां होती थी, वहीं इस दौरान इनकी संख्या मात्र 40 रही। इसके अलावा इंतकाल, जमाबंदी व फर्द निकालने का काम लगभग ठप रहा। मंगलवार को भी पटवारियों ने अनाजमंडी स्थित धरना से अपना प्रदर्शन जारी रखा। इस दौरान पटवारियों व कानूनगो ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन का नेतृत्व जिला प्रधान रामफल गुर्जर ने किया। सचिव अवतार सिंह ने कहा कि उनकी मांग 35400 रुपये वेतन की है।
सरकार ने पूर्व में यह बात मान ली थी, लेकिन बाद में जारी नोटिफिकेशन वापस ले लिया है। इस जारी नोटिफिकेशन में भारी त्रुटियां थी। जिसका लाभ पटवारियों को पूरी तरह नहीं मिल पा रहा था। सरकार ने यह आदेश जनवरी 2023 से लागू किए थे, जबकि यह 2016 से लागू किए जाने थे। सरकार पटवारियों व कानूनगो का शोषण कर रही है। सरकार उनकी वेतन वृद्धि की मांग पूरी करे। वहीं तीन साल से बंद पदोन्नति के नायब तहसीलदार की परीक्षा शुरू करवाए और नई पक्की भर्ती की जाए।
पटवारी व कानूनगो की हड़ताल से रजिस्ट्रियां पर असर पड़ा है। इससे करीब 50 प्रतिशत कार्य प्रभावित हुआ है। लोन व अन्य आपत्ति संबंधी रजिस्ट्रियां नहीं हो पा रही हैं। वहीं इंतकाल भी नहीं हो रहे हैं। इससे सरकार को प्रतिदिन राजस्व में करीब 30 प्रतिशत नुकसान हो रहा है। - अभिनव कुमार, नायब तहसीलदार, जगाधरी।
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जगाधरी। वेतनवृद्धि की मांग के समर्थन चल रही पटवारी व कानूनगो की हड़ताल बढ़ गई है। दी रेवेन्यू पटवारी एंड कानूनगो एसोसिएशन की ओर से हड़ताल 19 जनवरी तक बढ़ा दी गई है। हड़ताल के कारण दो सप्ताह से लोगों के काम नहीं हो पाए हैं और वहीं इस सप्ताह भी लोगों के काम नहीं हो पाएंगे।
पटवारियों व कानूनगो के हड़ताल पर चले जाने से लोगों के ही नहीं बल्कि सरकारी काम भी लटके हुए हैं। इससे जहां लोगों को परेशानी हो रही है, वहीं सरकार को भी लाखों रुपये के राजस्व की चपत लग चुकी है। हड़ताल के कारण पटवारी व कानूनगो से होने वाली आय पूरी तरह बंद हो गई है। अब तक करीब ढाई करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है।
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रजिस्ट्रियों पर भी असर पड़ा है। वहीं इंतकाल, जमाबंदी, फर्द इत्यादि के काम पूरी तरह ठप हैं। बैंक ऋण, गृह ऋण व अन्य आपत्तियों संबंधी रजिस्ट्रियां पूरी तरह ठप हैं। इससे सरकार को रोजाना करीब एक करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। हड़ताल के कारण मंगलवार को काम न होने के कारण लोगों को परेशान होना पड़ा।
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जिले में जहां प्रतिदिन 100 से ज्यादा रजिस्ट्रियां होती थी, वहीं इस दौरान इनकी संख्या मात्र 40 रही। इसके अलावा इंतकाल, जमाबंदी व फर्द निकालने का काम लगभग ठप रहा। मंगलवार को भी पटवारियों ने अनाजमंडी स्थित धरना से अपना प्रदर्शन जारी रखा। इस दौरान पटवारियों व कानूनगो ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन का नेतृत्व जिला प्रधान रामफल गुर्जर ने किया। सचिव अवतार सिंह ने कहा कि उनकी मांग 35400 रुपये वेतन की है।
सरकार ने पूर्व में यह बात मान ली थी, लेकिन बाद में जारी नोटिफिकेशन वापस ले लिया है। इस जारी नोटिफिकेशन में भारी त्रुटियां थी। जिसका लाभ पटवारियों को पूरी तरह नहीं मिल पा रहा था। सरकार ने यह आदेश जनवरी 2023 से लागू किए थे, जबकि यह 2016 से लागू किए जाने थे। सरकार पटवारियों व कानूनगो का शोषण कर रही है। सरकार उनकी वेतन वृद्धि की मांग पूरी करे। वहीं तीन साल से बंद पदोन्नति के नायब तहसीलदार की परीक्षा शुरू करवाए और नई पक्की भर्ती की जाए।
पटवारी व कानूनगो की हड़ताल से रजिस्ट्रियां पर असर पड़ा है। इससे करीब 50 प्रतिशत कार्य प्रभावित हुआ है। लोन व अन्य आपत्ति संबंधी रजिस्ट्रियां नहीं हो पा रही हैं। वहीं इंतकाल भी नहीं हो रहे हैं। इससे सरकार को प्रतिदिन राजस्व में करीब 30 प्रतिशत नुकसान हो रहा है। - अभिनव कुमार, नायब तहसीलदार, जगाधरी।

अंबाला छावनी में संत महात्मा को निमंत्रण पत्र सौंपते हिन्दू विश्व परिषद के सदस्य।

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