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स्टोर्म वॉटर सीवर प्रोजेक्ट बना मुसीबत
अमर उजाला ब्यूरो/यमुनानगर
Updated Fri, 25 Jul 2014 12:21 AM IST
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यमुनानगर। जगाधरी में स्टोर्म वॉटर सीवर प्रोजेक्ट दुकानदारों और अन्य लोगों के लिए मुसीबत बना हुआ है। पटड़ी मोहल्ला से बूड़िया चौक तक रास्ते पर चारों ओर कीचड़ जमा है।
जगह-जगह कई फुट चौड़े और गहरे गड्ढे बने हुए हैं, जो कभी भी हादसे का सबब बन सकते हैं। यह हालात प्रोजेक्ट के तहत 1200 मीटर लंबी पाइप लाइन के कछुआ गति से चल रहे काम के कारण बने हैं। प्रोजेक्ट शुरू होने के डेढ़ माह बाद भी आधे से ज्यादा काम अधूरा पड़ा है। ऐसे में मार्ग के दोनों ओर के करीब 300 दुकानदारों समेत साथ लगती दर्जनों कॉलोनियों के लोगों के लिए परेशानी खड़ी हो गई है।
इस मार्ग पर मार्केट के अलावा श्मशान घाट, बूड़िया गेट पुलिस चौकी, बिजली निगम दफ्तर, वृद्धाश्रम, गुरुद्वारा, मंदिर व अन्य कई प्रमुख स्थान स्थित हैं होने से लोगों को दिक्कतों से दो-चार होना पड़ रहा है। उधर, संबंधित विभाग का तर्क है कि बार-बार हो रही बरसात काम में रुकावट बन रही है, अभी काम पूरा होने में सितंबर माह तक का समय लग सकता है।
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बता दें कि जगाधरी के पटडी मोहल्ला से बूड़िया चौक तक के मार्ग पर दोनों ओर दर्जनों कॉलोनियां से निकलती नालियों और सीवरेज का गंदा पानी मार्ग के दोनों ओर बने नालों व नालियों में पहुंचता था। बरसात के दिनों में क्षमता से अधिक पानी आ जाने से नाले ओवरफ्लो हो जाते हैं और मार्ग पर जलभराव होने से पानी दुकानों और साथ लगती कॉलोनियों के घरों में पानी घुसने लगता था।
इससे क्षेत्र के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। लोगों की इस समस्या को वार्ड के पार्षद मौजी सेठी ने कई बार हाउस की मीटिंग में उठाया। इस पर डीसी की ओर से हरी झंडी मिलने पर जनस्वास्थ्य विभाग ने स्टोर्म वॉटर सीवर प्रोजेक्ट तैयार किया। प्रोजेक्ट के लिए प्रशासन ने करीब 70 लाख रुपये मंजूर किए। इस प्रोजेक्ट के तहत पटडी मोहल्ला से बूड़िया चौक तक तक करीब 1200 मीटर लंबी पाइप लाइन बिछाई जानी है। 19 जून से पटडी मोहल्ला की तरफ से खुदाई और पाइप लाइन डालने दोनों काम एक साथ शुरू कर दिया गया। इस दौरान चार दिन बरसात हुई और करीब दो सप्ताह के लिए काम प्रभावित रहा, क्योंकि विभाग की ओर से पाइप लाइन डालने के लिए खोदे गए गड्ढों में पानी भर गया, जिसके उतरने पर ही काम शुरू हो पाया।
गड्ढों के चारों तरफ नहीं कोई खतरे का निशान
मौजूदा समय में बूड़िया गेट स्थित श्मशान घाट से कुछ आगे तक खुदाई का काम हो चुका है, जबकि इंदिरा मार्केट से श्मशान घाट के बीच कई जगह पाइप लाइन बिछाने के लिए खोदे गए कई फुट गहरे और चौड़े गड्ढे खुले पड़े हैं। जिनके आसपास विभाग द्वारा खतरे का कोई सूचक चिह्न या बोर्ड भी नहीं लगाया गया है। ऐसे में ये गड्ढे कभी भी हादसे का कारण बन सकते हैं।
जरा-सी बरसात और मार्ग कीचड़नुमा तालाब में तब्दील
प्रोजेक्ट के अधर में लटकने से पटड़ी मोहल्ला से बूड़िया चौक के दोनाें ओर लगती सैकड़ाें दुकानों और आसपास की भगतपुरा, पटरी मोहल्ला, विश्वकर्मा कॉलोनी, कल्याण नगर, मधुबन, भगीरथ, लक्ष्मी नारायण, श्रीनगर कॉलोनी के लोगों के लिए मुसीबतें बढ़ गई हैं। क्योंकि इस काम को बरसात से पहले पूरा करने का दावा किया जा रहा था, जबकि ऐसा नहीं हो पाया। तीन-चार दिन मानसून की हल्की बरसात में ही खुदाई के बाद निकली मिट्टी से मार्ग कीचड़नुमा तालाब में तब्दील हो गया। बता दें कि मार्ग पर प्रोजेक्ट का काम शुरू होने से ही सैकड़ों दुकानदार दुकानें बंद कर घर बैठे हैं, जिससे उन्हें लगातार आर्थिक नुकसान हो रहा है। दुकानदार और स्थानीय निवासी गुरजेश, बलवंत, भूपेंद्र, बिल्ला ने बताया कि मार्ग पर पाइप लाइन बिछाने का काम कछुआ गति से चल रहा है। एक ओर विभाग इसमें तेजी नहीं दिखा रहा वहीं, बरसात भी रुकावट बन रही है। दुकानदारों की दुकानदारी पिछले डेढ़ माह से प्रभावित हो रही है और क्षेत्र के लोगों के लिए मार्ग से आना-जाना जोखिम भरा बना गया है।
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जगह-जगह कई फुट चौड़े और गहरे गड्ढे बने हुए हैं, जो कभी भी हादसे का सबब बन सकते हैं। यह हालात प्रोजेक्ट के तहत 1200 मीटर लंबी पाइप लाइन के कछुआ गति से चल रहे काम के कारण बने हैं। प्रोजेक्ट शुरू होने के डेढ़ माह बाद भी आधे से ज्यादा काम अधूरा पड़ा है। ऐसे में मार्ग के दोनों ओर के करीब 300 दुकानदारों समेत साथ लगती दर्जनों कॉलोनियों के लोगों के लिए परेशानी खड़ी हो गई है।
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इस मार्ग पर मार्केट के अलावा श्मशान घाट, बूड़िया गेट पुलिस चौकी, बिजली निगम दफ्तर, वृद्धाश्रम, गुरुद्वारा, मंदिर व अन्य कई प्रमुख स्थान स्थित हैं होने से लोगों को दिक्कतों से दो-चार होना पड़ रहा है। उधर, संबंधित विभाग का तर्क है कि बार-बार हो रही बरसात काम में रुकावट बन रही है, अभी काम पूरा होने में सितंबर माह तक का समय लग सकता है।
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बता दें कि जगाधरी के पटडी मोहल्ला से बूड़िया चौक तक के मार्ग पर दोनों ओर दर्जनों कॉलोनियां से निकलती नालियों और सीवरेज का गंदा पानी मार्ग के दोनों ओर बने नालों व नालियों में पहुंचता था। बरसात के दिनों में क्षमता से अधिक पानी आ जाने से नाले ओवरफ्लो हो जाते हैं और मार्ग पर जलभराव होने से पानी दुकानों और साथ लगती कॉलोनियों के घरों में पानी घुसने लगता था।
इससे क्षेत्र के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। लोगों की इस समस्या को वार्ड के पार्षद मौजी सेठी ने कई बार हाउस की मीटिंग में उठाया। इस पर डीसी की ओर से हरी झंडी मिलने पर जनस्वास्थ्य विभाग ने स्टोर्म वॉटर सीवर प्रोजेक्ट तैयार किया। प्रोजेक्ट के लिए प्रशासन ने करीब 70 लाख रुपये मंजूर किए। इस प्रोजेक्ट के तहत पटडी मोहल्ला से बूड़िया चौक तक तक करीब 1200 मीटर लंबी पाइप लाइन बिछाई जानी है। 19 जून से पटडी मोहल्ला की तरफ से खुदाई और पाइप लाइन डालने दोनों काम एक साथ शुरू कर दिया गया। इस दौरान चार दिन बरसात हुई और करीब दो सप्ताह के लिए काम प्रभावित रहा, क्योंकि विभाग की ओर से पाइप लाइन डालने के लिए खोदे गए गड्ढों में पानी भर गया, जिसके उतरने पर ही काम शुरू हो पाया।
गड्ढों के चारों तरफ नहीं कोई खतरे का निशान
मौजूदा समय में बूड़िया गेट स्थित श्मशान घाट से कुछ आगे तक खुदाई का काम हो चुका है, जबकि इंदिरा मार्केट से श्मशान घाट के बीच कई जगह पाइप लाइन बिछाने के लिए खोदे गए कई फुट गहरे और चौड़े गड्ढे खुले पड़े हैं। जिनके आसपास विभाग द्वारा खतरे का कोई सूचक चिह्न या बोर्ड भी नहीं लगाया गया है। ऐसे में ये गड्ढे कभी भी हादसे का कारण बन सकते हैं।
जरा-सी बरसात और मार्ग कीचड़नुमा तालाब में तब्दील
प्रोजेक्ट के अधर में लटकने से पटड़ी मोहल्ला से बूड़िया चौक के दोनाें ओर लगती सैकड़ाें दुकानों और आसपास की भगतपुरा, पटरी मोहल्ला, विश्वकर्मा कॉलोनी, कल्याण नगर, मधुबन, भगीरथ, लक्ष्मी नारायण, श्रीनगर कॉलोनी के लोगों के लिए मुसीबतें बढ़ गई हैं। क्योंकि इस काम को बरसात से पहले पूरा करने का दावा किया जा रहा था, जबकि ऐसा नहीं हो पाया। तीन-चार दिन मानसून की हल्की बरसात में ही खुदाई के बाद निकली मिट्टी से मार्ग कीचड़नुमा तालाब में तब्दील हो गया। बता दें कि मार्ग पर प्रोजेक्ट का काम शुरू होने से ही सैकड़ों दुकानदार दुकानें बंद कर घर बैठे हैं, जिससे उन्हें लगातार आर्थिक नुकसान हो रहा है। दुकानदार और स्थानीय निवासी गुरजेश, बलवंत, भूपेंद्र, बिल्ला ने बताया कि मार्ग पर पाइप लाइन बिछाने का काम कछुआ गति से चल रहा है। एक ओर विभाग इसमें तेजी नहीं दिखा रहा वहीं, बरसात भी रुकावट बन रही है। दुकानदारों की दुकानदारी पिछले डेढ़ माह से प्रभावित हो रही है और क्षेत्र के लोगों के लिए मार्ग से आना-जाना जोखिम भरा बना गया है।