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Yamuna Nagar News: आरोप-प्रत्यारोप छोड़ें, लोगों की जान बचाएं
Thu, 23 Nov 2023 02:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Thu, 23 Nov 2023 02:25 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। सड़क सुरक्षा की बैठक में जिन मुद्दों पर चर्चाएं होनी चाहिए थी, उन पर विभागों के कर्मचारी टाल मटोल कर जवाब देने से पल्ला झाड़ते नजर आए। हादसों पर कैसे रोक लगाने के मुद्दे पर कर्मचारी व अधिकारी एक-दूसरे पर आरोप लगाते रहे। इस पर सीटीएम पीयूष गुप्ता काफी नाराज हो गए। उन्होंने नसीहत देते हुए गुस्से में कहा आरोप-प्रत्यारोप छोड़े लोगों की जान कैसे बचानी है इस पर चर्चा करें।
उन्होंने कहा कि लोगों की जान अनमोल है, इन्हें रोकने के लिए सभी मिलकर इस प्रकार की योजना बनाए ताकि कभी रोड सेफ्टी की आवश्यकता न पड़े। इस बात को सुन सभी कर्मचारी व अधिकारी एक-दूसरे की बगल झांकते नजर आए। बैठक एडीसी आयुष सिन्हा की अध्यक्षता में हुई। सीटीएम पीयूष गुप्ता व एएसपी हिमाद्री कौशिक आदि अधिकारी साथ रहे। बैठक में ज्यादातर मामले पीडब्ल्यूडी व एनएचएआई से जुड़े हुए थे।
बैठक में सबसे ज्यादा स्पीड ब्रेकर व बर्म को लेकर मुद्दा गर्माया रहा। वहीं एनएचएआई द्वारा कहां-कहां पर हाइवे पर साइन बोर्ड के अलावा जो कट वहां पर हादसों को कैसे रोका जा सकता है के बारे में चर्चा की गई। इसके अलावा सीटीएम पीयूष गुप्ता ने दोनों विभागों के लंबित पड़े जो कार्य हैं उन्हें आगामी बैठक से पहले पूरा करने के सख्त निर्देश दिए हैं।
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इन खामियों से संतुष्ट नहीं हुए अधिकारी बैठक में छप्पर, कैल बाइपास चौक, रक्षक विहार, बूड़िया चौक, छछरौली रोड समता आश्रम, पुलिस लाइन, औरंगाबाद फ्लाई ओवर, गाबा से गांधीनगर थाना, गांधी नगर-विश्वकर्मा चौक, जठलाना, गुलाब नगर चौक, हरिपुर, सेक्टर-18, जोड़ियों नाका, ताहरपुर, टोडरपुर, शादीपुर आदि जगहों पर बर्म, स्पीड ब्रेकर, ट्रैफिक लाइट व ब्लिंकर आदि जैसी खामियां मिली।
हालांकि संबंधित विभागों के अधिकारियों ने इन जगहों पर इस दिशा में काम चलने जैसी के बारे में बताया, लेकिन सीटीएम इससे संतुष्ट नजर नहीं आए और उन्होंने कर्मचारियों को बेहतर कार्य करने की नसीहत दी है। बता दें अंबाला-सहारनपुर हाईवे पर एक जनवरी 2018 से लेकर अब तक इस हाइवे पर जिले की सीमा में 230 सड़क हादसे होने का अनुमान है। इनमें करीब 125 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है।
हमारे लिए लोगों की जान बहुत महत्वपूर्ण है। हम नहीं चाहते हमारी लापरवाही से किसी की जान जाए।हमारा भी कर्तव्य बनता है हम कुछ अच्छा करके दिखाएं। बैठक में जो भी जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, संबंधित विभाग के अधिकारी को उसे पूरा करने के लिए कहा गया है। - पीयूष गुप्ता, सीटीएम, यमुनानगर।
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यमुनानगर। सड़क सुरक्षा की बैठक में जिन मुद्दों पर चर्चाएं होनी चाहिए थी, उन पर विभागों के कर्मचारी टाल मटोल कर जवाब देने से पल्ला झाड़ते नजर आए। हादसों पर कैसे रोक लगाने के मुद्दे पर कर्मचारी व अधिकारी एक-दूसरे पर आरोप लगाते रहे। इस पर सीटीएम पीयूष गुप्ता काफी नाराज हो गए। उन्होंने नसीहत देते हुए गुस्से में कहा आरोप-प्रत्यारोप छोड़े लोगों की जान कैसे बचानी है इस पर चर्चा करें।
उन्होंने कहा कि लोगों की जान अनमोल है, इन्हें रोकने के लिए सभी मिलकर इस प्रकार की योजना बनाए ताकि कभी रोड सेफ्टी की आवश्यकता न पड़े। इस बात को सुन सभी कर्मचारी व अधिकारी एक-दूसरे की बगल झांकते नजर आए। बैठक एडीसी आयुष सिन्हा की अध्यक्षता में हुई। सीटीएम पीयूष गुप्ता व एएसपी हिमाद्री कौशिक आदि अधिकारी साथ रहे। बैठक में ज्यादातर मामले पीडब्ल्यूडी व एनएचएआई से जुड़े हुए थे।
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बैठक में सबसे ज्यादा स्पीड ब्रेकर व बर्म को लेकर मुद्दा गर्माया रहा। वहीं एनएचएआई द्वारा कहां-कहां पर हाइवे पर साइन बोर्ड के अलावा जो कट वहां पर हादसों को कैसे रोका जा सकता है के बारे में चर्चा की गई। इसके अलावा सीटीएम पीयूष गुप्ता ने दोनों विभागों के लंबित पड़े जो कार्य हैं उन्हें आगामी बैठक से पहले पूरा करने के सख्त निर्देश दिए हैं।
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इन खामियों से संतुष्ट नहीं हुए अधिकारी बैठक में छप्पर, कैल बाइपास चौक, रक्षक विहार, बूड़िया चौक, छछरौली रोड समता आश्रम, पुलिस लाइन, औरंगाबाद फ्लाई ओवर, गाबा से गांधीनगर थाना, गांधी नगर-विश्वकर्मा चौक, जठलाना, गुलाब नगर चौक, हरिपुर, सेक्टर-18, जोड़ियों नाका, ताहरपुर, टोडरपुर, शादीपुर आदि जगहों पर बर्म, स्पीड ब्रेकर, ट्रैफिक लाइट व ब्लिंकर आदि जैसी खामियां मिली।
हालांकि संबंधित विभागों के अधिकारियों ने इन जगहों पर इस दिशा में काम चलने जैसी के बारे में बताया, लेकिन सीटीएम इससे संतुष्ट नजर नहीं आए और उन्होंने कर्मचारियों को बेहतर कार्य करने की नसीहत दी है। बता दें अंबाला-सहारनपुर हाईवे पर एक जनवरी 2018 से लेकर अब तक इस हाइवे पर जिले की सीमा में 230 सड़क हादसे होने का अनुमान है। इनमें करीब 125 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है।
हमारे लिए लोगों की जान बहुत महत्वपूर्ण है। हम नहीं चाहते हमारी लापरवाही से किसी की जान जाए।हमारा भी कर्तव्य बनता है हम कुछ अच्छा करके दिखाएं। बैठक में जो भी जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, संबंधित विभाग के अधिकारी को उसे पूरा करने के लिए कहा गया है। - पीयूष गुप्ता, सीटीएम, यमुनानगर।