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Yamuna Nagar News: नाचरौन गांव में लंका दहन का मंचन
Sun, 18 Oct 2026 12:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sun, 18 Oct 2026 12:49 AM IST
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नाचरौन गांव मे चल रही रामलीला में मंचन करते कलाकार। आयोजक
संवाद न्यूज एजेंसी
रादौर। नाचरौन गांव में ग्रामीण रामा ड्रामेटिक क्लब की ओर से रामलीला का आयोजन किया जा रहा है। रामलीला में पंचवटी में श्रीराम, लक्ष्मण और माता सीता के पहुंचने का दृश्य दिखाया गया। इसके बाद रावण की बहन शूर्पणखा श्रीराम की सुंदरता पर मोहित होकर उनके सामने विवाह का प्रस्ताव रखती है। श्रीराम और लक्ष्मण के मना करने पर वह माता सीता की ओर बढ़ती है। इस पर क्रोधित होकर लक्ष्मण उसकी नाक काट देते हैं।
इसके बाद शूर्पणखा खर और दूषण के पास पहुंचकर उन्हें अपनी आपबीती सुनाती है। खर-दूषण श्रीराम से युद्ध करते हैं, जिसमें वे मारे जाते हैं। इसके बाद शूर्पणखा रावण के पास जाती है। रावण मामा मारीच की सहायता से छलपूर्वक माता सीता का हरण कर लेता है। सीता के वन में नहीं मिलने पर श्रीराम और लक्ष्मण दुखी हो जाते हैं और उनकी तलाश शुरू कर देते हैं।
रामलीला के माध्यम से कलाकारों ने रामायण के प्रसंगों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। गांव के लोगों ने रामलीला का आनंद लिया और कलाकारों के अभिनय की सराहना की। इस अवसर पर क्लब के प्रधान डॉ. लाभ सिंह, राहुल पुंडीर, दीपक शर्मा, जियांशु, उज्ज्वल, धर्मबीर राणा, चंद्रपाल कोच, यशपाल राणा, प्रदीप राणा, रूपेंद्र, राजपाल, सोमपाल कश्यप, संदीप राणा और गोविंद राणा सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।
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रादौर। नाचरौन गांव में ग्रामीण रामा ड्रामेटिक क्लब की ओर से रामलीला का आयोजन किया जा रहा है। रामलीला में पंचवटी में श्रीराम, लक्ष्मण और माता सीता के पहुंचने का दृश्य दिखाया गया। इसके बाद रावण की बहन शूर्पणखा श्रीराम की सुंदरता पर मोहित होकर उनके सामने विवाह का प्रस्ताव रखती है। श्रीराम और लक्ष्मण के मना करने पर वह माता सीता की ओर बढ़ती है। इस पर क्रोधित होकर लक्ष्मण उसकी नाक काट देते हैं।
इसके बाद शूर्पणखा खर और दूषण के पास पहुंचकर उन्हें अपनी आपबीती सुनाती है। खर-दूषण श्रीराम से युद्ध करते हैं, जिसमें वे मारे जाते हैं। इसके बाद शूर्पणखा रावण के पास जाती है। रावण मामा मारीच की सहायता से छलपूर्वक माता सीता का हरण कर लेता है। सीता के वन में नहीं मिलने पर श्रीराम और लक्ष्मण दुखी हो जाते हैं और उनकी तलाश शुरू कर देते हैं।
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रामलीला के माध्यम से कलाकारों ने रामायण के प्रसंगों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। गांव के लोगों ने रामलीला का आनंद लिया और कलाकारों के अभिनय की सराहना की। इस अवसर पर क्लब के प्रधान डॉ. लाभ सिंह, राहुल पुंडीर, दीपक शर्मा, जियांशु, उज्ज्वल, धर्मबीर राणा, चंद्रपाल कोच, यशपाल राणा, प्रदीप राणा, रूपेंद्र, राजपाल, सोमपाल कश्यप, संदीप राणा और गोविंद राणा सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।
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