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Yamuna Nagar News: खसरा व रूबेला की रोकथाम के लिए 12 से 17 तक चलेगा स्पेशल टीकाकरण अभियान
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फोटो: 39
- डीसी की अध्यक्षता में हुई डिस्ट्रिक्ट टास्क फोर्स की बैठक
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। खसरा एवं रूबेला उन्मूलन को लेकर डिस्ट्रिक्ट टास्क फोर्स की बैठक शुक्रवार को डीसी राहुल हुड्डा की अध्यक्षता में लघु सचिवालय में हुई। भारत सरकार द्वारा दिसंबर 2023 तक संपूर्ण देश से खसरा एवं रुबेला (मीजल्स एंड रूबेला) उन्मूलन का उद्देश्य रखा गया है। इसी लक्ष्य को लेकर यह डिस्ट्रिक्ट टास्क फोर्स गठित की गई।
डीसी राहुल हुड्डा ने कहा कि खसरा एवं रुबेला वायरस जनित संक्रमण से फैलने वाली बीमारियां हैं। जिनकी आसानी से रोकथाम इनकी उपलब्ध वैक्सीन को बच्चों को लगाने से की जा सकती है। एमआर अर्थात मीजल्स रुबेला नामक इस वैक्सीन को भारत सरकार के सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम के अंतर्गत सभी बच्चों को मुफ्त नौ महीने एवं डेढ़ साल की उम्र में लगाया जाता है। खसरा एवं रुबेला गंभीर बीमारियां हैं जिनका अन्यथा कोई विशिष्ट इलाज उपलब्ध नहीं है। खसरा एवं रुबेला दोनों में ही छोटे बच्चों में बुखार आता है और शरीर पर लाल रंग के दाने निकल आते हैं। खसरा की वजह से निमोनिया दस्त अथवा कानों का संक्रमण भी होने से मृत्यु भी हो सकती है। रूबेला का संक्रमण होने से किसी गर्भवती महिला के होने वाले बच्चे में कंजेनिटल रुबेला सिंड्रोम हो सकता है जिसमें दिल की एवं अन्य गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। डीसी ने बताया कि स्पेशल टीकाकरण अभियान 12 से 17 जून तक चलाया जाएगा।
सिविल सर्जन डॉ. मंजीत सिंह ने बताया की स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले के 100 प्रतिशत बच्चों को पूर्णता टीकाकरण हो ऐसी कोशिश लगातार स्वास्थ्य विभाग द्वारा की जाती है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. पुनीत कालरा ने लोगों से कहा कि वह बच्चों के इम्यूनाइजेशन प्रतिरक्षण के प्रति अत्यंत सजग रहें। हाल ही में जिले में कुछ मीजल्स के केस पॉजिटिव आए हैं जिसकी वजह से समाज में इनके संक्रमण सक्रिय होने की आशंका जताई जा रही है। इसलिए सभी को निर्देश दिए गए हैं कि वह जहां भी कहीं खसरा के केस पाए गए है उन क्षेत्रों में आशा वर्करों व एएनएम से घर-घर जाकर सर्वे किया जाए। उन क्षेत्रों में सभी बच्चों का दोबारा से मीजल्स रूबेला का टीकाकरण किया जाएगा। डॉ. शिवानी गुप्ता ने कहा कहा कि हम जल्द ही मीजल्स के संक्रमण को समाज में रोकने में सफल होंगे। मौके पर एडीसी आयुष सिन्हा, डीडीपीओ शंकर लाल गोयल, विश्व स्वास्थ्य संगठन के सर्वेलांस मेडिकल ऑफिसर डॉ. शिवानी, एनएचएम कार्यालय से डॉ. रितु दहिया मौजूद रहे।
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- डीसी की अध्यक्षता में हुई डिस्ट्रिक्ट टास्क फोर्स की बैठक
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। खसरा एवं रूबेला उन्मूलन को लेकर डिस्ट्रिक्ट टास्क फोर्स की बैठक शुक्रवार को डीसी राहुल हुड्डा की अध्यक्षता में लघु सचिवालय में हुई। भारत सरकार द्वारा दिसंबर 2023 तक संपूर्ण देश से खसरा एवं रुबेला (मीजल्स एंड रूबेला) उन्मूलन का उद्देश्य रखा गया है। इसी लक्ष्य को लेकर यह डिस्ट्रिक्ट टास्क फोर्स गठित की गई।
डीसी राहुल हुड्डा ने कहा कि खसरा एवं रुबेला वायरस जनित संक्रमण से फैलने वाली बीमारियां हैं। जिनकी आसानी से रोकथाम इनकी उपलब्ध वैक्सीन को बच्चों को लगाने से की जा सकती है। एमआर अर्थात मीजल्स रुबेला नामक इस वैक्सीन को भारत सरकार के सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम के अंतर्गत सभी बच्चों को मुफ्त नौ महीने एवं डेढ़ साल की उम्र में लगाया जाता है। खसरा एवं रुबेला गंभीर बीमारियां हैं जिनका अन्यथा कोई विशिष्ट इलाज उपलब्ध नहीं है। खसरा एवं रुबेला दोनों में ही छोटे बच्चों में बुखार आता है और शरीर पर लाल रंग के दाने निकल आते हैं। खसरा की वजह से निमोनिया दस्त अथवा कानों का संक्रमण भी होने से मृत्यु भी हो सकती है। रूबेला का संक्रमण होने से किसी गर्भवती महिला के होने वाले बच्चे में कंजेनिटल रुबेला सिंड्रोम हो सकता है जिसमें दिल की एवं अन्य गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। डीसी ने बताया कि स्पेशल टीकाकरण अभियान 12 से 17 जून तक चलाया जाएगा।
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सिविल सर्जन डॉ. मंजीत सिंह ने बताया की स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले के 100 प्रतिशत बच्चों को पूर्णता टीकाकरण हो ऐसी कोशिश लगातार स्वास्थ्य विभाग द्वारा की जाती है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. पुनीत कालरा ने लोगों से कहा कि वह बच्चों के इम्यूनाइजेशन प्रतिरक्षण के प्रति अत्यंत सजग रहें। हाल ही में जिले में कुछ मीजल्स के केस पॉजिटिव आए हैं जिसकी वजह से समाज में इनके संक्रमण सक्रिय होने की आशंका जताई जा रही है। इसलिए सभी को निर्देश दिए गए हैं कि वह जहां भी कहीं खसरा के केस पाए गए है उन क्षेत्रों में आशा वर्करों व एएनएम से घर-घर जाकर सर्वे किया जाए। उन क्षेत्रों में सभी बच्चों का दोबारा से मीजल्स रूबेला का टीकाकरण किया जाएगा। डॉ. शिवानी गुप्ता ने कहा कहा कि हम जल्द ही मीजल्स के संक्रमण को समाज में रोकने में सफल होंगे। मौके पर एडीसी आयुष सिन्हा, डीडीपीओ शंकर लाल गोयल, विश्व स्वास्थ्य संगठन के सर्वेलांस मेडिकल ऑफिसर डॉ. शिवानी, एनएचएम कार्यालय से डॉ. रितु दहिया मौजूद रहे।
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