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Yamuna Nagar News: उफान पर साेम, गांवों में खाली होने लगे घर
Thu, 26 Jun 2025 02:44 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Thu, 26 Jun 2025 02:44 AM IST
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छछरौली। जिले के साथ लगती शिवालिक की पहाड़ियों में दो दिन से हो रही मूसलाधार बारिश से सालभर से सूखी सोमनदी में बुधवार को उफान पर आ गई हैं। ऐसे में नदी का जलस्तर 17 हजार क्यूसेक तक पहुंच गया। नदी में पानी आ जाने से निकटवर्ती गांवों के ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। ऐसे में प्रशासन की तरफ से नदी से सटे खानूवाला, चिंतपुर, लेदी, लोपो, सलेमपुर, तिहानो, अंडोली, दादूपुर सैनी इत्यादि गांवों में अलर्ट कर दिया गया है।
सोम नदी से 500 मीटर की दूरी पर बसे गांव खानूवाला में पानी घुसने से ग्रामीणों की ज्यादा चिंता बढ़ गई है। ऐसे में यहां के लोगों ने अभी से अपने सामान को समेटना शुरू कर दिया। साथ ही, सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए तैयारी कर रहे हैं। चूंकि पिछले साल भी सोम नदी में उफान आ गया था, लेकिन तब किनारे की पटरी टूट गई थी ऐसे में इस निकटवर्ती आधा दर्जन से अधिक गांवों में बाढ़ आ गई थी। ग्रामीण गगनदीप, अमराव सिंह ने बताया कि पिछले वर्ष पटरी टूटने से खानूवाला गांव के जो हालात हुए थे। तब कुछेक ग्रामीणों ने पलायन तो कुछ ने छतों पर सामान को रख लिया था। लेकिन अब अचानक नदी में पानी आ जाने से पिछले साल का मंजर आंखों के सामने आ गया है। संवाद
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कहीं कोई बाढ़ बचाव नजर नहीं आता
ग्रामीण गगनदीप का कहना है एक तरफ सिंचाई विभाग बाढ़ बचाव कार्य की बात कर रहा है, लेकिन हमें तो कहीं पर ये कार्य नजर नहीं आया। हर साल कोई खास बाढ़ बचाव कार्य नहीं करवाए जाते, केवल कागजों में ही विकास हो रहा है। पिछले साल जिस जगह सोम नदी की पटरी टूटी थी वहां पर पत्थर के स्टड लगने थे। विभाग की लेट लतीफी से काम ही शुरू नहीं हो पाया। पत्थर तो मौके पर पहुंचे हैं पर अभी तक उनको लगाया नहीं गया।
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हम हर साल झेलते हैं परेशानी, अब नहीं देंगे वोट
ग्रामीण नरेंद्र सिंह, कुलविंद्र कौर व अमनदीप कौर का कहना है पिछले वर्ष जो आपदा आई थी वह कुदरत की तरफ से अचानक आई थी, तब प्रशासन ने आश्वासन दिया था अगले वर्ष कोई दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। लेकिन हुआ क्या ढाक के तीन पात। मानसून की पहली बारिश से सोमनदी में उफान आ गया। ऐसे में फिर से गत वर्ष वाले हालात बन सकते हैं। इसलिए सभी ग्रामीणों ने निर्णय किया है कि जब प्रशासन वह जनप्रतिनिधि उनकी इतनी बड़ी समस्या का समाधान नहीं कर पा रहे तो उनको वोट लेने का भी अधिकार नहीं है। इसलिए अगली बार जो भी जनप्रतिनिधि वोट लेने के लिए आएगा तो उसको कोरा जवाब दिया जाएगा।
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पटरी पर ग्रामीण दे रहे पहरा
ग्रामीणों ने बताया कि पिछले वर्ष भी रात के समय पटरी टूटी थी तो इसलिए ग्रामीण पूरी तरह से भयभीत है और रात को भी पटरी पर पहरा दे रहे हैं कि कहीं अचानक पानी की वजह से पटरी ना टूट जाए और पानी दोबारा गांव में ना घुस जाए। इसलिए कुछ लोग वहां पर पहरा दे रहे हैं कि अगर पटरी टूटती है तो तुरंत गांव को सूचित कर दिया जाएगा। वहीं उधर, खेतों में पानी घुसने से पशुओं के लिए चारा का संकट पैदा हो सकता है। फसलें डेढ़ से दो फीट तक डूबी पड़ी हैं।
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गुरुद्वारा साहिब में हुई अनाउंसमेंट से गांव में मची अफरातफरी
सोम नदी में बुधवार सुबह पानी की सूचना आते ही खानूवाला के गुरुद्वारा साहिब में अनाउंसमेंट की गई की सोम नदी का जलस्तर का भी बढ़ गया है। इसलिए सभी ग्रामीण चौकन्ना हो जाए और अपना जरूरी सामान इकट्ठा कर सुरक्षित स्थान पर रख दें। किसी भी समय पटरी टूट सकती है और पिछले वर्ष की तरह पानी कभी भी गांव में घुस सकता है। ग्रामीण महिला ने बताया कि जिस समय अनाउंसमेंट हुई उस समय हम सुबह नाश्ता बनाने की तैयारी कर रहे थे। अनाउंसमेंट सुनते ही सबके हाथ पांव फूल गए। सभी ग्रामीणों ने सामान समेटना शुरू कर दिया।
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सोम नदी से 500 मीटर की दूरी पर बसे गांव खानूवाला में पानी घुसने से ग्रामीणों की ज्यादा चिंता बढ़ गई है। ऐसे में यहां के लोगों ने अभी से अपने सामान को समेटना शुरू कर दिया। साथ ही, सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए तैयारी कर रहे हैं। चूंकि पिछले साल भी सोम नदी में उफान आ गया था, लेकिन तब किनारे की पटरी टूट गई थी ऐसे में इस निकटवर्ती आधा दर्जन से अधिक गांवों में बाढ़ आ गई थी। ग्रामीण गगनदीप, अमराव सिंह ने बताया कि पिछले वर्ष पटरी टूटने से खानूवाला गांव के जो हालात हुए थे। तब कुछेक ग्रामीणों ने पलायन तो कुछ ने छतों पर सामान को रख लिया था। लेकिन अब अचानक नदी में पानी आ जाने से पिछले साल का मंजर आंखों के सामने आ गया है। संवाद
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कहीं कोई बाढ़ बचाव नजर नहीं आता
ग्रामीण गगनदीप का कहना है एक तरफ सिंचाई विभाग बाढ़ बचाव कार्य की बात कर रहा है, लेकिन हमें तो कहीं पर ये कार्य नजर नहीं आया। हर साल कोई खास बाढ़ बचाव कार्य नहीं करवाए जाते, केवल कागजों में ही विकास हो रहा है। पिछले साल जिस जगह सोम नदी की पटरी टूटी थी वहां पर पत्थर के स्टड लगने थे। विभाग की लेट लतीफी से काम ही शुरू नहीं हो पाया। पत्थर तो मौके पर पहुंचे हैं पर अभी तक उनको लगाया नहीं गया।
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हम हर साल झेलते हैं परेशानी, अब नहीं देंगे वोट
ग्रामीण नरेंद्र सिंह, कुलविंद्र कौर व अमनदीप कौर का कहना है पिछले वर्ष जो आपदा आई थी वह कुदरत की तरफ से अचानक आई थी, तब प्रशासन ने आश्वासन दिया था अगले वर्ष कोई दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। लेकिन हुआ क्या ढाक के तीन पात। मानसून की पहली बारिश से सोमनदी में उफान आ गया। ऐसे में फिर से गत वर्ष वाले हालात बन सकते हैं। इसलिए सभी ग्रामीणों ने निर्णय किया है कि जब प्रशासन वह जनप्रतिनिधि उनकी इतनी बड़ी समस्या का समाधान नहीं कर पा रहे तो उनको वोट लेने का भी अधिकार नहीं है। इसलिए अगली बार जो भी जनप्रतिनिधि वोट लेने के लिए आएगा तो उसको कोरा जवाब दिया जाएगा।
पटरी पर ग्रामीण दे रहे पहरा
ग्रामीणों ने बताया कि पिछले वर्ष भी रात के समय पटरी टूटी थी तो इसलिए ग्रामीण पूरी तरह से भयभीत है और रात को भी पटरी पर पहरा दे रहे हैं कि कहीं अचानक पानी की वजह से पटरी ना टूट जाए और पानी दोबारा गांव में ना घुस जाए। इसलिए कुछ लोग वहां पर पहरा दे रहे हैं कि अगर पटरी टूटती है तो तुरंत गांव को सूचित कर दिया जाएगा। वहीं उधर, खेतों में पानी घुसने से पशुओं के लिए चारा का संकट पैदा हो सकता है। फसलें डेढ़ से दो फीट तक डूबी पड़ी हैं।
गुरुद्वारा साहिब में हुई अनाउंसमेंट से गांव में मची अफरातफरी
सोम नदी में बुधवार सुबह पानी की सूचना आते ही खानूवाला के गुरुद्वारा साहिब में अनाउंसमेंट की गई की सोम नदी का जलस्तर का भी बढ़ गया है। इसलिए सभी ग्रामीण चौकन्ना हो जाए और अपना जरूरी सामान इकट्ठा कर सुरक्षित स्थान पर रख दें। किसी भी समय पटरी टूट सकती है और पिछले वर्ष की तरह पानी कभी भी गांव में घुस सकता है। ग्रामीण महिला ने बताया कि जिस समय अनाउंसमेंट हुई उस समय हम सुबह नाश्ता बनाने की तैयारी कर रहे थे। अनाउंसमेंट सुनते ही सबके हाथ पांव फूल गए। सभी ग्रामीणों ने सामान समेटना शुरू कर दिया।