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Yamuna Nagar News: फर्जी आईडी बनाकर बेच दी दूसरे की संपत्ति
Mon, 19 May 2025 01:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 19 May 2025 01:08 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। फरीदाबाद के सेक्टर-8 के योगेश शर्मा ने चार लोगों पर मिलीभगत करके फर्जी आईडी बनाकर उसकी यमुनानगर के टैगोर गार्डन में स्थित संपत्ति को बेच देने का आरोप लगाया है। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर बिल्डिंग इंस्पेक्टर समेत चार के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
शिकायत में योगेश शर्मा ने बताया कि यमुनानगर के टैगोर गार्डन में 140 गज की प्रॉपर्टी है। इस प्रापर्टी पर विवाद चलने के कारण अदालत ने स्टे लगाया है। आरोप है कि उसकी इस प्रॉपर्टी को विक्रम व विशाल ने नगर निगम के अधिकारियों से मिलीभगत कर फर्जी तरीके से नई प्रापर्टी आइडी बनाकर उसे धोखे से बेच दिया गया। इस बारे में जब पता चला तो पुलिस में शिकायत दी।
पुलिस ने मामले में जांच की तो पता चला कि विक्रम व विशाल ने निगम अधिकारियों से मिली भगत करके प्रॉपर्टी आईडी बनाकर अदालत का स्टे लगा होने के बावजूद सस्ते में बेच दिया। पीड़ित ने बताया कि 28 अक्टूबर 2024 को रात को आठ बजकर 55 मिनट पर नई प्रापर्टी आइडी के लिए अप्लाई किया गया।
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इसके बाद नौ बजकर 46 मिनट पर नई प्रापर्टी आइडी तैयार कर दी गई। जिसमें यह प्रापर्टी सौ गज की दिखाई गई। वहीं प्रापर्टी आइडी का आवेदन दिन के समय में किया जाता है। इस मामले में जांच के बाद शहर यमुनानगर पुलिस ने विशाल, विक्रम, बिल्डिंग इंस्पेक्टर व एक अन्य आशीष के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
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यमुनानगर। फरीदाबाद के सेक्टर-8 के योगेश शर्मा ने चार लोगों पर मिलीभगत करके फर्जी आईडी बनाकर उसकी यमुनानगर के टैगोर गार्डन में स्थित संपत्ति को बेच देने का आरोप लगाया है। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर बिल्डिंग इंस्पेक्टर समेत चार के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
शिकायत में योगेश शर्मा ने बताया कि यमुनानगर के टैगोर गार्डन में 140 गज की प्रॉपर्टी है। इस प्रापर्टी पर विवाद चलने के कारण अदालत ने स्टे लगाया है। आरोप है कि उसकी इस प्रॉपर्टी को विक्रम व विशाल ने नगर निगम के अधिकारियों से मिलीभगत कर फर्जी तरीके से नई प्रापर्टी आइडी बनाकर उसे धोखे से बेच दिया गया। इस बारे में जब पता चला तो पुलिस में शिकायत दी।
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पुलिस ने मामले में जांच की तो पता चला कि विक्रम व विशाल ने निगम अधिकारियों से मिली भगत करके प्रॉपर्टी आईडी बनाकर अदालत का स्टे लगा होने के बावजूद सस्ते में बेच दिया। पीड़ित ने बताया कि 28 अक्टूबर 2024 को रात को आठ बजकर 55 मिनट पर नई प्रापर्टी आइडी के लिए अप्लाई किया गया।
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इसके बाद नौ बजकर 46 मिनट पर नई प्रापर्टी आइडी तैयार कर दी गई। जिसमें यह प्रापर्टी सौ गज की दिखाई गई। वहीं प्रापर्टी आइडी का आवेदन दिन के समय में किया जाता है। इस मामले में जांच के बाद शहर यमुनानगर पुलिस ने विशाल, विक्रम, बिल्डिंग इंस्पेक्टर व एक अन्य आशीष के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।