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Yamuna Nagar News: हादसों के बाद भी नहीं टूटती नींद, नियमित जांच न कार्रवाई

Tue, 23 Apr 2024 04:53 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Tue, 23 Apr 2024 04:53 AM IST
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Sleep is not broken even after accidents, no regular investigation or action is taken
संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। शायद ही कोई ऐसा साल बीता हो जिसमें स्कूल बस हादसे का शिकार नहीं हुई हो। इनमें कुछ हादसे दूसरे वाहनों के साथ हुए तो कई निजी स्कूल संचालकों की लापरवाही की वजह से हुए। स्कूल बसों की नियमित सर्विस न होने से कई बसें तो स्टेयरिंग फेल होने या फिर खुद ही अनियंत्रित होकर हादसे की भेंट चढ़ गई।
कई बच्चों की इन हादसों में जान चली गई। इसके बावजूद यातायात पुलिस और जिला परिवहन विभाग की तरफ से न तो हादसों का कारण जानने का प्रयास किया गया और न ही आज तक किसी स्कूल संचालक पर कोई सख्त कार्रवाई हुई। हादसा होने पर पुलिस ने एक-दो स्कूल बस के ड्राइवर पर केस तो दर्ज किया, लेकिन स्कूल संचालकों पर जी भर कर प्यार लुटाया।
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जिले के किसी भी अधिकारी ने आज तक सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी को गंभीरता से नहीं लिया। इस पर न तो रोड सेफ्टी की बैठक में कभी विस्तार से चर्चा हुई और न ही रूटीन चेकिंग हो रही है। महेंद्रगढ़ में स्कूल बस के साथ हुए हादसे से पहले तक स्कूल बसों में क्षमता से अधिक बच्चों को बिठाकर ले जाया जाता था। स्कूल संचालकों ने मैक्सी कैब जैसे वाहनों को बच्चों को घर से लाने के लिए लगा रखा है। यह काम सरेआम हो रहा है।
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यह बसें सड़क से होकर ही बच्चों को लेने व छोड़ने जाती हैं। परंतु सुबह हो या फिर दोपहर को छुट्टी का समय, अधिकारियों के पास ऐसे वाहनों पर कार्रवाई करने का समय ही नहीं है। यदि रूटीन में सड़क पर स्कूल बसों को अचानक रोक कर जांच की जाए तो व्यवस्था में काफी सुधार देखने को मिलेगा। निजी स्कूल बसों की जांच केवल पासिंग तक सिमट कर रह गई है। जनवरी व फरवरी में 38 स्कूल बसों की जांच की गई। जिनमें से 10 के चालान किए गए। इससे पहले नवंबर व दिसंबर 2023 में 35 बसों की जांच की जिनमें से 4 के ही चालान किए गए। अप्रैल 2023 में तो 62 बसों की जांच के दौरान 30 में खामियां मिली थी।

स्कूल बसों की नियमित जांच की जाती है। अभी भी जांच की जा रही है। जो स्कूल नियम तोड़ता है उसके खिलाफ कार्रवाई की जाती है। - हैरतजीत कौर, जिला परिवहन अधिकारी यमुनानगर।


यमुनानगर में अब तक हुए स्कूल बसों के हादसे
- अप्रैल 2011 को जगाधरी-पौंटा नेशनल हाइवे पर मानकपुर के पास काॅलेज बस व ट्रक की टक्कर। हादसे में 14 विद्यार्थियों की मौत, दर्जनों घायल।
- अप्रैल 2012 में लेदी गांव के निजी स्कूल की बस अनियंत्रित होकर पलटी, हादसे में एक बच्चे की मौत, 15 घायल।
- सितंबर 2014 को जगाधरी में नेशनल हाईवे पर तेज रफ्तार स्कूल बस ट्रक से टकराई। दो बच्चों सहित सात लोग घायल।
- अक्तूबर 2014 में बिलासपुर में साढौरा मार्ग पर अजात आश्रम के नजदीक स्कूल बस पलटी, 3 बच्चे घायल।
- दिसंबर 2015 में खुर्दी के पास स्कूल बस ने बाइक सवार दो युवकों को टक्कर मारी। हादसे में दोनों युवकों की मौत।
- बिलासपुर-छछरौली रोड पर बसातियांवाला गांव के पास ब्रेक फेल होने से स्कूल बस पेड़ से टकराई, 3 बच्चे घायल।
- 2015 में बिलासपुर-जगाधरी स्टेट हाइवे पर स्टेयरिंग फेल होने से स्कूल बस पेड़ से टकराई, 2 बच्चे घायल।
- नवंबर 2019 में कपालमोचन के निजी स्कूल की बस बन संतोर जंगल के पास अनियंत्रित होकर खाई में पलटी, 12 बच्चे घायल। बस में 52 से अधिक बच्चे सवार थे।
- जुलाई 2019 में गुंदियाना गांव में बस में चढ़ते समय साढ़े तीन साल के बच्चे की बस से कुचले जाने से मौत। चालक ने अचानक बस चला दी थी।
- दिसंबर 2022 को साढौरा में स्कूल बस ट्रक से टकराई, 13 बच्चों समेत 15 घायल हुए।
- 6 अप्रैल 2024 को प्रतापनगर में स्कूल वैन ने तीन साल की बच्ची की कुचलने से मौत। ड्राइवर ने अचानक वैन का बैक गीयर लगा दिया था।
- 15 अप्रैल 2024 को महाराणा प्रताप चौक पर बच्चों से भरा ऑटो पलटा। 8 वर्षीय छात्रा की मौत।
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