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Yamuna Nagar News: हड़ताल से बिगड़े हालात, शहर की सड़कों पर 750 टन से ज्यादा कूड़ा
Mon, 17 Aug 2026 12:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 17 Aug 2026 12:25 AM IST
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ईस्ट भाटिया नगर के पास लगा कूड़े का ढेर। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल ने शहर की सफाई व्यवस्था को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। शहर में 750 टन से अधिक कूड़ा सड़कों के किनारे, बाजारों और कॉलोनियों में जमा हो गया है। जिले के 420 से अधिक सफाई कर्मचारियों ने हड़ताल को अब 18 अगस्त तक बढ़ा दिया है।
सफाई व्यवस्था प्रभावित होने का असर शहर के लगभग सभी हिस्सों में दिखाई दे रहा है। सड़कों के किनारे कूड़े के ढेर लगे हैं तो कई कॉलोनियों में घरों से निकलने वाला कचरा भी जमा होता जा रहा है। समय पर उठान नहीं होने के कारण कूड़ा सड़ने लगा है। बारिश ने स्थिति को और खराब कर दिया है। सड़क किनारे पड़ा कूड़ा बारिश के पानी से गीला होने के बाद उससे दुर्गंध उठने लगी है।
शहर में सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए नगर निगम की ओर से एजेंसी के कर्मचारियों की मदद से कूड़ा उठाने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि हड़ताल पर चल रहे सफाई कर्मचारियों द्वारा एजेंसी के कर्मचारियों पर भी हड़ताल में शामिल होने का दबाव बनाए जाने की बात सामने आई है। इसके चलते कई स्थानों पर कूड़ा उठान प्रभावित हो रहा है।
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शहर के मॉडल टाउन में एसपी आवास के नजदीक भी कूड़े के ढेर लगे हुए दिखाई दिए। बताया गया कि यहां एजेंसी के कर्मचारी कूड़ा उठाने पहुंचे थे, लेकिन हड़ताली सफाई कर्मचारियों ने उन्हें कूड़ा उठाने नहीं दिया। इससे उन इलाकों में भी सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है, जहां नगर निगम वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए कूड़ा उठाने का प्रयास कर रहा है।
बारिश होने पर कूड़े के ढेर से उठ रही दुर्गंध
शहर में रोजाना निकलने वाला कूड़ा नियमित रूप से नहीं उठने के कारण जमा कचरे की मात्रा लगातार बढ़ रही है। यदि हड़ताल जल्द समाप्त नहीं हुई और कूड़ा उठान की व्यवस्था सामान्य नहीं हुई तो आने वाले दिनों में शहर के कई हिस्से कूड़े से अट सकते हैं। इससे दुर्गंध के साथ-साथ संक्रमण और अन्य बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है। बारिश के मौसम में खुले में पड़ा कूड़ा लोगों के लिए और अधिक परेशानी का कारण बन रहा है। शहरवासी सतीश, नितेश व विकास का कहना है कि प्रशासन को सफाई कर्मचारियों की मांगों पर बातचीत कर जल्द समाधान निकालना चाहिए, ताकि शहर की सफाई व्यवस्था पटरी पर लौट सके। वहीं, नगर निगम के सामने हड़ताल के बीच जमा हो रहे कूड़े का तत्काल निस्तारण करना भी बड़ी चुनौती बन गया है।
शहर से कूड़ा उठाने की अतिरिक्त व्यवस्था की गई है। कर्मचारी जेसीबी व ट्रैक्टर-ट्राली से कूड़ा उठाने में लगे हैं। - महाबीर प्रसाद, आयुक्त, नगर निगम।
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यमुनानगर। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल ने शहर की सफाई व्यवस्था को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। शहर में 750 टन से अधिक कूड़ा सड़कों के किनारे, बाजारों और कॉलोनियों में जमा हो गया है। जिले के 420 से अधिक सफाई कर्मचारियों ने हड़ताल को अब 18 अगस्त तक बढ़ा दिया है।
सफाई व्यवस्था प्रभावित होने का असर शहर के लगभग सभी हिस्सों में दिखाई दे रहा है। सड़कों के किनारे कूड़े के ढेर लगे हैं तो कई कॉलोनियों में घरों से निकलने वाला कचरा भी जमा होता जा रहा है। समय पर उठान नहीं होने के कारण कूड़ा सड़ने लगा है। बारिश ने स्थिति को और खराब कर दिया है। सड़क किनारे पड़ा कूड़ा बारिश के पानी से गीला होने के बाद उससे दुर्गंध उठने लगी है।
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शहर में सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए नगर निगम की ओर से एजेंसी के कर्मचारियों की मदद से कूड़ा उठाने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि हड़ताल पर चल रहे सफाई कर्मचारियों द्वारा एजेंसी के कर्मचारियों पर भी हड़ताल में शामिल होने का दबाव बनाए जाने की बात सामने आई है। इसके चलते कई स्थानों पर कूड़ा उठान प्रभावित हो रहा है।
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शहर के मॉडल टाउन में एसपी आवास के नजदीक भी कूड़े के ढेर लगे हुए दिखाई दिए। बताया गया कि यहां एजेंसी के कर्मचारी कूड़ा उठाने पहुंचे थे, लेकिन हड़ताली सफाई कर्मचारियों ने उन्हें कूड़ा उठाने नहीं दिया। इससे उन इलाकों में भी सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है, जहां नगर निगम वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए कूड़ा उठाने का प्रयास कर रहा है।
बारिश होने पर कूड़े के ढेर से उठ रही दुर्गंध
शहर में रोजाना निकलने वाला कूड़ा नियमित रूप से नहीं उठने के कारण जमा कचरे की मात्रा लगातार बढ़ रही है। यदि हड़ताल जल्द समाप्त नहीं हुई और कूड़ा उठान की व्यवस्था सामान्य नहीं हुई तो आने वाले दिनों में शहर के कई हिस्से कूड़े से अट सकते हैं। इससे दुर्गंध के साथ-साथ संक्रमण और अन्य बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है। बारिश के मौसम में खुले में पड़ा कूड़ा लोगों के लिए और अधिक परेशानी का कारण बन रहा है। शहरवासी सतीश, नितेश व विकास का कहना है कि प्रशासन को सफाई कर्मचारियों की मांगों पर बातचीत कर जल्द समाधान निकालना चाहिए, ताकि शहर की सफाई व्यवस्था पटरी पर लौट सके। वहीं, नगर निगम के सामने हड़ताल के बीच जमा हो रहे कूड़े का तत्काल निस्तारण करना भी बड़ी चुनौती बन गया है।
शहर से कूड़ा उठाने की अतिरिक्त व्यवस्था की गई है। कर्मचारी जेसीबी व ट्रैक्टर-ट्राली से कूड़ा उठाने में लगे हैं। - महाबीर प्रसाद, आयुक्त, नगर निगम।