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श्री रामलीला चला रहे करियाने की दुकान
यमुनानगर।
Updated Sun, 22 Sep 2013 12:48 AM IST
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करियाना की दुकान पर अगर आपको भगवान श्री राम सामान बेचता दिखाई दें तो चौंकिए मत। श्री महालक्ष्मी रामलीला ड्रामेटिक कमेटी की ओर से प्रस्तुत रामलीला में श्री राम दिन में करियाना की दुकान चलाते हैं। रात में जब उन्हें समय मिलता है, तो वे अभ्यास के लिए पहुंच जाते हैं।
राजानगली निवासी माधव ने बताया कि बाजार में उनकी करियाना की दुकान है। परिवार में आर्थिक मदद करने के लिहाज से वह दिन के समय दुकान पर सामान बेचते हैं। रात को जब दुकान बंद करने के बाद उन्हें समय मिलता है, तो वह प्रैक्टिस के लिए पहुंच जाते हैं। वह पिछले आठ साल से रामलीला में भगवान श्री राम का किरदार निभा रहे हैं। उन्हें अधिकांश संवाद कंठस्थ हैं। रामलीला के मंचन के दौरान किसी प्रकार की चूक न हो, इसलिए वह रात के समय अभ्यास करते हैं। उन्होंने बताया कि जब रामलीला शुरू हो जाती है, तो वह पूरी निष्ठा के साथ अपना किरदार अदा करते हैं। रामलीला के दिनों में वह जमीन पर सोते हैं। उनके पिता अनिल महेश्वरी रामलीला में सुलोचना, बाली, जनक के रोल अदा कर चुके हैं। इन दिनों वे मंथरा और कॉमेडियन का रोल अदा कर रहे हैं।
बाजार से गुजरता हूं तो लोग कहते हैं राम आ गए
माधव ने बताया कि शहर में लोग उसे उसके नाम के बजाय राम के नाम से ज्यादा जानते हैं। जब भी वह बाजार से गुजरता हैं, तो लोग एक दूसरे से कहते हैं कि देखो राम आ गया। उस समय मन इतना प्रसन्न होता है कि उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। माधव ने बताया कि लोगों के मुंह से स्वयं के बारे में राम सुनकर अच्छा लगता है।
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दोनों करते हैं अपने किरदारों की रिहर्सल
माधव ने बताया कि वह अपने पिता अनिल महेश्वरी के साथ रामलीला की रिहर्सल करते हैं। उनके पिता मंथरा और कॉमेडियन के रोल की रिहर्सल करते हैं, जबकि वह भगवान श्रीराम के संवाद याद करते हैं। अपने पिता से प्रेरित होकर ही उसने रामलीला में किरदार अदा करना शुरू किया। पहले वह रामलीला में छोटे मोटे रोल करते हैं, लेकिन पिछले आठ साल से श्रीराम का किरदार अदा कर रहे हैं। किरदार अदा करते समय जब लोग उनकी तारीफ करते हैं, तो उसकी खुशी का ठिकाना नहीं रहता।
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राजानगली निवासी माधव ने बताया कि बाजार में उनकी करियाना की दुकान है। परिवार में आर्थिक मदद करने के लिहाज से वह दिन के समय दुकान पर सामान बेचते हैं। रात को जब दुकान बंद करने के बाद उन्हें समय मिलता है, तो वह प्रैक्टिस के लिए पहुंच जाते हैं। वह पिछले आठ साल से रामलीला में भगवान श्री राम का किरदार निभा रहे हैं। उन्हें अधिकांश संवाद कंठस्थ हैं। रामलीला के मंचन के दौरान किसी प्रकार की चूक न हो, इसलिए वह रात के समय अभ्यास करते हैं। उन्होंने बताया कि जब रामलीला शुरू हो जाती है, तो वह पूरी निष्ठा के साथ अपना किरदार अदा करते हैं। रामलीला के दिनों में वह जमीन पर सोते हैं। उनके पिता अनिल महेश्वरी रामलीला में सुलोचना, बाली, जनक के रोल अदा कर चुके हैं। इन दिनों वे मंथरा और कॉमेडियन का रोल अदा कर रहे हैं।
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बाजार से गुजरता हूं तो लोग कहते हैं राम आ गए
माधव ने बताया कि शहर में लोग उसे उसके नाम के बजाय राम के नाम से ज्यादा जानते हैं। जब भी वह बाजार से गुजरता हैं, तो लोग एक दूसरे से कहते हैं कि देखो राम आ गया। उस समय मन इतना प्रसन्न होता है कि उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। माधव ने बताया कि लोगों के मुंह से स्वयं के बारे में राम सुनकर अच्छा लगता है।
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दोनों करते हैं अपने किरदारों की रिहर्सल
माधव ने बताया कि वह अपने पिता अनिल महेश्वरी के साथ रामलीला की रिहर्सल करते हैं। उनके पिता मंथरा और कॉमेडियन के रोल की रिहर्सल करते हैं, जबकि वह भगवान श्रीराम के संवाद याद करते हैं। अपने पिता से प्रेरित होकर ही उसने रामलीला में किरदार अदा करना शुरू किया। पहले वह रामलीला में छोटे मोटे रोल करते हैं, लेकिन पिछले आठ साल से श्रीराम का किरदार अदा कर रहे हैं। किरदार अदा करते समय जब लोग उनकी तारीफ करते हैं, तो उसकी खुशी का ठिकाना नहीं रहता।