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Yamuna Nagar News: महावीर स्वामी के सिद्धांतों पर डाला प्रकाश
Wed, 01 Apr 2026 12:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Wed, 01 Apr 2026 12:07 AM IST
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एसएस जैन सभा के प्रांगण में आयोजित सत्संग में उपस्थित संगत। आयोजक
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। मॉडल टाउन स्थित एसएस जैन सभा के प्रांगण में महावीर जयंती का उत्सव श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में जैन धर्म के विभिन्न संप्रदायों से जुड़े श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। आयोजन का शुभारंभ ध्वजारोहण से हुआ।
इस अवसर पर महा साध्वी स्वामी महाराज ने भगवान महावीर स्वामी के जीवन और उनके सिद्धांतों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि भगवान महावीर का जन्म चैत्र शुक्ल त्रयोदशी को वैशाली के कुंडलपुर में राजा सिद्धार्थ और माता त्रिशला के घर हुआ था। बचपन में उनका नाम वर्धमान था और वे जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर बने।
उन्होंने अहिंसा, सत्य और अपरिग्रह का संदेश देते हुए विश्व को शांति का मार्ग दिखाया। उनका सिद्धांत जीयो और जीने दो आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने लघु नाटिका प्रस्तुत कर महावीर स्वामी के जीवन प्रसंगों को जीवंत किया, वहीं तरुणी मंडल की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
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कई श्रद्धालुओं ने भजनों के माध्यम से अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। श्रावकों के लिए भोजन व्यवस्था नवदीप जैन व भारत भूषण जैन के परिवार ने की। कार्यक्रम का संचालन संदीप जैन ने किया। सभा के प्रधान राकेश जैन ने दूरदराज से पहुंचे श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए सभी को महावीर जयंती की शुभकामनाएं दीं।
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यमुनानगर। मॉडल टाउन स्थित एसएस जैन सभा के प्रांगण में महावीर जयंती का उत्सव श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में जैन धर्म के विभिन्न संप्रदायों से जुड़े श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। आयोजन का शुभारंभ ध्वजारोहण से हुआ।
इस अवसर पर महा साध्वी स्वामी महाराज ने भगवान महावीर स्वामी के जीवन और उनके सिद्धांतों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि भगवान महावीर का जन्म चैत्र शुक्ल त्रयोदशी को वैशाली के कुंडलपुर में राजा सिद्धार्थ और माता त्रिशला के घर हुआ था। बचपन में उनका नाम वर्धमान था और वे जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर बने।
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उन्होंने अहिंसा, सत्य और अपरिग्रह का संदेश देते हुए विश्व को शांति का मार्ग दिखाया। उनका सिद्धांत जीयो और जीने दो आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने लघु नाटिका प्रस्तुत कर महावीर स्वामी के जीवन प्रसंगों को जीवंत किया, वहीं तरुणी मंडल की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
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कई श्रद्धालुओं ने भजनों के माध्यम से अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। श्रावकों के लिए भोजन व्यवस्था नवदीप जैन व भारत भूषण जैन के परिवार ने की। कार्यक्रम का संचालन संदीप जैन ने किया। सभा के प्रधान राकेश जैन ने दूरदराज से पहुंचे श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए सभी को महावीर जयंती की शुभकामनाएं दीं।

एसएस जैन सभा के प्रांगण में आयोजित सत्संग में उपस्थित संगत। आयोजक