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Yamuna Nagar News: शारदीय नवरात्र आज से, फूलों और रंग-बिरंगी लाइटों से सजे मंदिर
Thu, 03 Oct 2024 07:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Thu, 03 Oct 2024 07:08 AM IST
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यमुनानगर। शारदीय नवरात्र वीरवार (आज) से शुरू हो रहे हैं। पहले दिन घट (कलश) स्थापना व माता शैलपुत्री का पूजन होता है। ज्योतिषों ने घट स्थापना के लिए सुबह 6.19 से 7.23 व 11.46 से दोपहर 12:33 बजे का समय शुभ बताया है। नवरात्र की पूर्व संध्या पर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह दिखा। बाजारों में व्रत व पूजन सामग्री की दुकानाें पर भीड़ रही। वहीं मंदिर फूलाें व रंग बिरंगी लाइटों से सजे नजर आए। देर शाम तक श्रद्धालु शहर के पेपर मिल गेट, मीराबाई बाजार, न्यू मार्केट, जंगलावाले माता मंदिर, कैंप मेन बाजार, जगाधरी वर्कशॉप में आईटीआई मार्ग, जगाधरी के चौक बाजार, खेड़ा बाजार, रेलवे बाजार और देवी भवन बाजार में देवियों की मूर्तियों, नारियल, चुनरी, शृंगार का सामान, घी, ज्योत, प्रसाद, फल व व्रत की खाद्य सामग्री खरीदते रहे।
पंडित रमन वत्स ने कहा कि साल भर में कुल चार नवरात्र आते हैं, जिसमें चैत्र व शारदीय नवरात्र का खास महत्व है, जबकि दो गुप्त नवरात्र होते हैं। शारदीय नवरात्र हर वर्ष आश्विन माह की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरू होकर नवमी तिथि रहते हैं। इस बार शारदीय नवरात्र तीन अक्तूबर से शुरू होकर 11 अक्तूबर तक हैं। 11 अक्तूबर को नवमी व इसके अगले दिन 12 अक्तूबर को दशहरा पर्व है। शारदीय नवरात्र में देवी दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूजा-आराधना करने का विधान है। पहले दिन यानी आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि पर घट (कलश) स्थापना के साथ विधि-विधान पूर्वक नौ दिनों तक लगातार पूजा-पाठ व मंत्रोचारण से मां दुर्गा की स्तुति की जाती है। नवरात्र के पहले दिन घट (कलश) स्थापना के लिए सुबह 6.19 से 7.23 व 11.46 से दोपहर 12:33 बजे का समय शुभ है।
ऐसे करें घट स्थापना
रमन वत्स ने बताया कि मिट्टी के घड़ा/करवा लेकर उसमें पानी भर लें। इसके बाद उसमें चावल, मीठा व दुबड़ा डाल दें। घड़े पर मौली बांध दें। उस पर कुमकुम से स्वास्तिक का चिह्न बनाने के बाद ऊपर आम का पत्ता और टहनी रख पानी वाली नारियल रखें। यह नारियल पूरे नवरात्र स्थापित रहता है। उस घड़े के पास ही मां दुर्गा की प्रतिमा किसी चौकी पर आसीन करनी चाहिए फिर जोत प्रज्वलित कर मां दुर्गा सप्तसति का पाठ करें। इसके बाद मां भगवती की आरती करें। उन्होंने कहा कि नवरात्र में सच्चे मन से मां भगवती की आराधना करने से सभी प्रकार की मनोकामनाएं पूर्ण होती है। वहीं, एक पात्र में रेत भरकर उसमें खेतरी (जौ) की बिजाई करें।
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इन मंदिरों में रहेगी ज्यादा रौनक
जगाधरी रेलवे स्टेशन स्थित प्राचीन देवी मंदिर, मॉडल टाउन स्थित सनातन धर्म मंदिर, छोटी लाइन स्थित जंगलावाले माता जी के मंदिर, मॉडल कॉलोनी स्थित रामजी की कुटिया, जगाधरी के देवी भवन बाजार स्थित प्राचीन देवी मंदिर में नवरात्र को लेकर खासी तैयारियां हैं वहीं, जिले की सीमा से लगते हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में स्थित त्रिलोकपुर धाम में मेले की विशेष तैयारी है। नवरात्र शुरू होने से पूर्व संध्या पर ही मंदिरों को पूरी तरह रंग बिरंगी लाइटों, फूलों व चुनरियों से सजाया हुआ है।
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पंडित रमन वत्स ने कहा कि साल भर में कुल चार नवरात्र आते हैं, जिसमें चैत्र व शारदीय नवरात्र का खास महत्व है, जबकि दो गुप्त नवरात्र होते हैं। शारदीय नवरात्र हर वर्ष आश्विन माह की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरू होकर नवमी तिथि रहते हैं। इस बार शारदीय नवरात्र तीन अक्तूबर से शुरू होकर 11 अक्तूबर तक हैं। 11 अक्तूबर को नवमी व इसके अगले दिन 12 अक्तूबर को दशहरा पर्व है। शारदीय नवरात्र में देवी दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूजा-आराधना करने का विधान है। पहले दिन यानी आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि पर घट (कलश) स्थापना के साथ विधि-विधान पूर्वक नौ दिनों तक लगातार पूजा-पाठ व मंत्रोचारण से मां दुर्गा की स्तुति की जाती है। नवरात्र के पहले दिन घट (कलश) स्थापना के लिए सुबह 6.19 से 7.23 व 11.46 से दोपहर 12:33 बजे का समय शुभ है।
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ऐसे करें घट स्थापना
रमन वत्स ने बताया कि मिट्टी के घड़ा/करवा लेकर उसमें पानी भर लें। इसके बाद उसमें चावल, मीठा व दुबड़ा डाल दें। घड़े पर मौली बांध दें। उस पर कुमकुम से स्वास्तिक का चिह्न बनाने के बाद ऊपर आम का पत्ता और टहनी रख पानी वाली नारियल रखें। यह नारियल पूरे नवरात्र स्थापित रहता है। उस घड़े के पास ही मां दुर्गा की प्रतिमा किसी चौकी पर आसीन करनी चाहिए फिर जोत प्रज्वलित कर मां दुर्गा सप्तसति का पाठ करें। इसके बाद मां भगवती की आरती करें। उन्होंने कहा कि नवरात्र में सच्चे मन से मां भगवती की आराधना करने से सभी प्रकार की मनोकामनाएं पूर्ण होती है। वहीं, एक पात्र में रेत भरकर उसमें खेतरी (जौ) की बिजाई करें।
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इन मंदिरों में रहेगी ज्यादा रौनक
जगाधरी रेलवे स्टेशन स्थित प्राचीन देवी मंदिर, मॉडल टाउन स्थित सनातन धर्म मंदिर, छोटी लाइन स्थित जंगलावाले माता जी के मंदिर, मॉडल कॉलोनी स्थित रामजी की कुटिया, जगाधरी के देवी भवन बाजार स्थित प्राचीन देवी मंदिर में नवरात्र को लेकर खासी तैयारियां हैं वहीं, जिले की सीमा से लगते हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में स्थित त्रिलोकपुर धाम में मेले की विशेष तैयारी है। नवरात्र शुरू होने से पूर्व संध्या पर ही मंदिरों को पूरी तरह रंग बिरंगी लाइटों, फूलों व चुनरियों से सजाया हुआ है।