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Yamuna Nagar News: आरोपियों से लैपटॉप, मोबाइल और नकदी बरामद
Thu, 03 Oct 2024 07:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Thu, 03 Oct 2024 07:11 AM IST
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यमुनानगर। फर्जीवाड़ा कर ई-रवाना के जरिए अवैध खनन कर बेचने के मामले में गिरफ्तार आरोपी देश दीपक व माइनिंग विभाग के पंचकूला मुख्यालय के पूर्व कर्मचारी राज यादव से रिमांड के दौरान लैपटॉप, टेब, आईफोन समेत चार मोबाइल, हजारों रुपये की नकदी व अन्य सामान बरामद किया है। रिमांड खत्म होने पर दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया। जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
दोनों आरोपी पूर्व में भी खनन फर्जीवाड़ा में पकड़े जा चुके हैं। आरोपी राज यादव फर्जीवाड़े का मुख्य आरोपी है। वही खनन माफिया से मिलकर पोर्टल में हेरफेर करता था। जिसके जरिए फर्जी ई रवाना जारी कराया जाता और अवैध खनन सामग्री को वैध दिखाकर बेचा जाता। आरोपी से पूछताछ में कुछ और नाम सामने आए हैं। अब पुलिस उनकी भी तलाश में है। 28 अगस्त को बिलासपुर थाने में इस फर्जीवाड़ा को लेकर मुकदमा दर्ज हुआ था। पोर्टल पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए मोबाइल व ईमेल आईडी बदल दी गई। पोर्टल से ओटीपी माफिया तक पहुंचने लगा। जिससे वह ई रवाना निकालते। जबकि उस ई रवाना का विभाग के पास भी कोई रिकॉर्ड नहीं होता। यह मामला सामने आने के बाद खनन अधिकारी निरंजन सिंह ने शिकायत देकर केस दर्ज कराया। अवैध खनन के इस खेल में अब तक आठ आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। इस पूरे फर्जीवाड़े में खनन माफिया, ट्रांसपोर्टर, स्क्रीनिंग प्लांट संचालकों का गठजोड़ है।
ये है पूरा मामला -
सरकार ने अवैध खनन रोकने के लिए 25 दिसंबर 2023 को एचएमजीआईएस (हरियाणा माइंस एंड जियोलॉजी इंफोर्मेशन सिस्टम) पोर्टल जारी किया। खनन कारोबार करने वाली फर्में इस पोर्टल के जरिए ही खनन कारोबार कर सकती है। इस पोर्टल पर खनन की खरीद व बिक्री से संबंधित जानकारी दर्ज करना होता है। इसके बाद ही परमिट जारी किया जा सकता है। बिलासपुर पुलिस ने 28 अगस्त को खान एवं भू खनन अधिकारी निरंजन कुमार की शिकायत पर जैतपुर क्षेत्र में पोर्टल पर फर्जी ई-रवाना जारी कर अवैध खनन करने का केस दर्ज किया था। निरंजन ने बताया था कि गांव जैतपुर के समीप खनन जाेन में आरके ट्रेडिंग कंपनी के माध्यम से पोर्टल पर अवैध तरीके से ई रवाना जारी किए जा रहे है। उन्होंने मौके पर जांच की तो गांव के समीप आसपास के क्षेत्र में एमआर ट्रेडिंग कंपनी के नाम से कोई फर्म नहीं मिली है। फर्जी कंपनी के द्वारा एचएमजीआईएस पोर्टल का दुरुपयोग कर फर्जी तरीके से ई रवाने जारी किए जा रहे है। जबकि विभाग की ओर से क्षेत्र में पिछले कई दिनों से खरीद बंद है और ई रवाना जारी नहीं किए गए। मामले की सूचना मिलते ही एसएचओ राय सिंह व खनन विभाग के अधिकारियों ने जैतपुर क्षेत्र का निरीक्षण किया। तब अज्ञात पर केस दर्ज किया गया था। पुलिस ने इस केस की जांच की तो पता चला कि खनन माफिया ने विभागीय अधिकारियों व कर्मियों से मिलीभगत कर बंद पड़े पोर्टलों की आईडी जनरेट कराई। वहां पर मोबाइल नंबर व ईमेल आईडी तक बदल दी। जिससे ओटीपी उनके पास आने लगी। इसके माध्यम से ई रवाना जारी कर अवैध रूप से खनिज सामग्री बेची गई। जांच में इस केस में पुलिस ने महेंद्रगढ़ जिले के गांव कोरियावास निवासी करतार सिंह, गांधी धाम जगाधरी निवासी अमरेंद्र सिंह, जय सिटी जगाधरी निवासी हरजीत सिंह, सावनपुरी निवासी गुलशन गेरा की संलिप्तता मिली। जिसके बाद पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया। इसके बाद पुलिस ने डेकडीवाला निवासी योगेश कुमार को गिरफ्तार किया था। अब आरोपी देश दीपक व माइनिंग विभाग के पंचकूला मुख्यालय के पूर्व कर्मचारी राज यादव को काबू किया था।
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वर्जन
डीएसपी राजेश कुमार ने बताया कि आरोपी राज यादव फर्जीवाड़े का मुख्य आरोपी है। उसने ही पोर्टल के जरिए फर्जीवाड़ा किया। रिमांड के दौरान आरोपी राज यादव व देश दीपक से लैपटॉप, मोबाइल व नकदी बरामद की गई है। दोनों को अब अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। मामले में अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
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दोनों आरोपी पूर्व में भी खनन फर्जीवाड़ा में पकड़े जा चुके हैं। आरोपी राज यादव फर्जीवाड़े का मुख्य आरोपी है। वही खनन माफिया से मिलकर पोर्टल में हेरफेर करता था। जिसके जरिए फर्जी ई रवाना जारी कराया जाता और अवैध खनन सामग्री को वैध दिखाकर बेचा जाता। आरोपी से पूछताछ में कुछ और नाम सामने आए हैं। अब पुलिस उनकी भी तलाश में है। 28 अगस्त को बिलासपुर थाने में इस फर्जीवाड़ा को लेकर मुकदमा दर्ज हुआ था। पोर्टल पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए मोबाइल व ईमेल आईडी बदल दी गई। पोर्टल से ओटीपी माफिया तक पहुंचने लगा। जिससे वह ई रवाना निकालते। जबकि उस ई रवाना का विभाग के पास भी कोई रिकॉर्ड नहीं होता। यह मामला सामने आने के बाद खनन अधिकारी निरंजन सिंह ने शिकायत देकर केस दर्ज कराया। अवैध खनन के इस खेल में अब तक आठ आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। इस पूरे फर्जीवाड़े में खनन माफिया, ट्रांसपोर्टर, स्क्रीनिंग प्लांट संचालकों का गठजोड़ है।
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ये है पूरा मामला -
सरकार ने अवैध खनन रोकने के लिए 25 दिसंबर 2023 को एचएमजीआईएस (हरियाणा माइंस एंड जियोलॉजी इंफोर्मेशन सिस्टम) पोर्टल जारी किया। खनन कारोबार करने वाली फर्में इस पोर्टल के जरिए ही खनन कारोबार कर सकती है। इस पोर्टल पर खनन की खरीद व बिक्री से संबंधित जानकारी दर्ज करना होता है। इसके बाद ही परमिट जारी किया जा सकता है। बिलासपुर पुलिस ने 28 अगस्त को खान एवं भू खनन अधिकारी निरंजन कुमार की शिकायत पर जैतपुर क्षेत्र में पोर्टल पर फर्जी ई-रवाना जारी कर अवैध खनन करने का केस दर्ज किया था। निरंजन ने बताया था कि गांव जैतपुर के समीप खनन जाेन में आरके ट्रेडिंग कंपनी के माध्यम से पोर्टल पर अवैध तरीके से ई रवाना जारी किए जा रहे है। उन्होंने मौके पर जांच की तो गांव के समीप आसपास के क्षेत्र में एमआर ट्रेडिंग कंपनी के नाम से कोई फर्म नहीं मिली है। फर्जी कंपनी के द्वारा एचएमजीआईएस पोर्टल का दुरुपयोग कर फर्जी तरीके से ई रवाने जारी किए जा रहे है। जबकि विभाग की ओर से क्षेत्र में पिछले कई दिनों से खरीद बंद है और ई रवाना जारी नहीं किए गए। मामले की सूचना मिलते ही एसएचओ राय सिंह व खनन विभाग के अधिकारियों ने जैतपुर क्षेत्र का निरीक्षण किया। तब अज्ञात पर केस दर्ज किया गया था। पुलिस ने इस केस की जांच की तो पता चला कि खनन माफिया ने विभागीय अधिकारियों व कर्मियों से मिलीभगत कर बंद पड़े पोर्टलों की आईडी जनरेट कराई। वहां पर मोबाइल नंबर व ईमेल आईडी तक बदल दी। जिससे ओटीपी उनके पास आने लगी। इसके माध्यम से ई रवाना जारी कर अवैध रूप से खनिज सामग्री बेची गई। जांच में इस केस में पुलिस ने महेंद्रगढ़ जिले के गांव कोरियावास निवासी करतार सिंह, गांधी धाम जगाधरी निवासी अमरेंद्र सिंह, जय सिटी जगाधरी निवासी हरजीत सिंह, सावनपुरी निवासी गुलशन गेरा की संलिप्तता मिली। जिसके बाद पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया। इसके बाद पुलिस ने डेकडीवाला निवासी योगेश कुमार को गिरफ्तार किया था। अब आरोपी देश दीपक व माइनिंग विभाग के पंचकूला मुख्यालय के पूर्व कर्मचारी राज यादव को काबू किया था।
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डीएसपी राजेश कुमार ने बताया कि आरोपी राज यादव फर्जीवाड़े का मुख्य आरोपी है। उसने ही पोर्टल के जरिए फर्जीवाड़ा किया। रिमांड के दौरान आरोपी राज यादव व देश दीपक से लैपटॉप, मोबाइल व नकदी बरामद की गई है। दोनों को अब अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। मामले में अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।