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Yamuna Nagar News: किसानों को गेहूं के भुगतान के लिए 99 करोड़ भेजे
Tue, 18 Apr 2023 01:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Tue, 18 Apr 2023 01:00 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। अनाज मंडियों में गेहूं बेच चुके किसानों के लिए खाद्य एवं आपूर्ति विभाग तथा हैफेड ने 99 करोड़ रुपये जारी किए है। गेहूं के भुगतान की राशि सोमवार की देर शाम से किसानों के खातों में आनी शुरू हो गई। कई दिनों से किसान गेहूं की पेमेंट न होने से परेशान थे। अनाज मंडियों में सोमवार शाम तक 154442 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा चुका था।
गेहूं की पेमेंट नहीं होने का मामला अमर उजाला ने 16 अप्रैल के अंक में प्रकाशित किया था। नियमानुसार गेहूं खरीद के 72 घंटे बाद किसानों को पेमेंट होनी अनिवार्य है, लेकिन यहां तो 10 दिन बाद किसानों को पेमेंट के नाम पर एक रुपया भी नहीं मिला था। दरअसल केंद्र सरकार ने पहले ज्यादा सिकुड़ा व टूटे हुए दाने वाली लस्टर लॉस गेहूं को खरीदने से मना कर दिया था। बाद में प्रति क्विंटल रुपये काटे जाने की शर्तें लगाते हुए लस्टर लॉस वाली गेहूं को खरीदने के आदेश जारी कर दिए। परंतु सॉफ्टवेयर में इसे अपडेट नहीं किया गया। इस कारण किसानों को पेमेंट नहीं हो पा रही थी।
रविवार को छुट्टी होने के चलते अनाज मंडियों में गेहूं की खरीद नहीं हो सकी थी। सोमवार को अनाज मंडियों एजेंसियों ने एक बार फिर से गेहूं की खरीद शुरू की। खरीद न होने के बावजूद किसान अनाज मंडियों में बड़ी संख्या में गेहूं लेकर पहुंच रहे थे। खरीद न होने अनाम मंडियों में गेहूं के ढेर लग गए। वहीं मंडियों की सड़कों पर दूर तक गेहूूं से भरी बोरियों के ढेर लगे हैं।
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मंडियों में अब तक खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने 62536 एमटी, हैफेड ने 86748 एमटी व हरियाणा वेयरहाउस कार्पोरेशन ने 5158 एमटी गेहूं खरीदा है। कुल खरीद में से 78462 मीट्रिक टन गेहूं का उठान हो चुका है। फिलहाल मंडियों में 75980 मीट्रिक टन गेहूं बकाया है। डीएफएससी अशोक कुमार ने बताया कि किसानों को गेहूं की पेमेंट शुरू हो गई है। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग व हैफेड ने सोमवार को 99 करोड़ रुपये पेमेंट के लिए जारी कर दिए हैं। यह राशि किसानों के खाते में आनी शुरू हो गई है।
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यमुनानगर। अनाज मंडियों में गेहूं बेच चुके किसानों के लिए खाद्य एवं आपूर्ति विभाग तथा हैफेड ने 99 करोड़ रुपये जारी किए है। गेहूं के भुगतान की राशि सोमवार की देर शाम से किसानों के खातों में आनी शुरू हो गई। कई दिनों से किसान गेहूं की पेमेंट न होने से परेशान थे। अनाज मंडियों में सोमवार शाम तक 154442 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा चुका था।
गेहूं की पेमेंट नहीं होने का मामला अमर उजाला ने 16 अप्रैल के अंक में प्रकाशित किया था। नियमानुसार गेहूं खरीद के 72 घंटे बाद किसानों को पेमेंट होनी अनिवार्य है, लेकिन यहां तो 10 दिन बाद किसानों को पेमेंट के नाम पर एक रुपया भी नहीं मिला था। दरअसल केंद्र सरकार ने पहले ज्यादा सिकुड़ा व टूटे हुए दाने वाली लस्टर लॉस गेहूं को खरीदने से मना कर दिया था। बाद में प्रति क्विंटल रुपये काटे जाने की शर्तें लगाते हुए लस्टर लॉस वाली गेहूं को खरीदने के आदेश जारी कर दिए। परंतु सॉफ्टवेयर में इसे अपडेट नहीं किया गया। इस कारण किसानों को पेमेंट नहीं हो पा रही थी।
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रविवार को छुट्टी होने के चलते अनाज मंडियों में गेहूं की खरीद नहीं हो सकी थी। सोमवार को अनाज मंडियों एजेंसियों ने एक बार फिर से गेहूं की खरीद शुरू की। खरीद न होने के बावजूद किसान अनाज मंडियों में बड़ी संख्या में गेहूं लेकर पहुंच रहे थे। खरीद न होने अनाम मंडियों में गेहूं के ढेर लग गए। वहीं मंडियों की सड़कों पर दूर तक गेहूूं से भरी बोरियों के ढेर लगे हैं।
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मंडियों में अब तक खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने 62536 एमटी, हैफेड ने 86748 एमटी व हरियाणा वेयरहाउस कार्पोरेशन ने 5158 एमटी गेहूं खरीदा है। कुल खरीद में से 78462 मीट्रिक टन गेहूं का उठान हो चुका है। फिलहाल मंडियों में 75980 मीट्रिक टन गेहूं बकाया है। डीएफएससी अशोक कुमार ने बताया कि किसानों को गेहूं की पेमेंट शुरू हो गई है। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग व हैफेड ने सोमवार को 99 करोड़ रुपये पेमेंट के लिए जारी कर दिए हैं। यह राशि किसानों के खाते में आनी शुरू हो गई है।