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एक-दूसरे को नीचा दिखाने की सोच छोड़ें : लुधियानवी
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इंसानियत के नाम संदेश कार्यक्रम में उपस्थित वक्ता। संवाद
- फोटो : Yamuna Nagar
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापनगर। मदरसा रहीमिया फैज-ए-करीमी में मोहम्मद साहब का पैगाम इंसानियत के नाम विषय पर मंगलवार को एक दिवसीय गोष्ठी करवाई गई। मुख्यातिथि पंजाब के शाही इमाम पंजाब मौलाना मोहम्मद उस्मान रहमानी लुधियानवी ने कहा कि हजरत मोहम्मद साहब का पैगाम है कि हम समाज में फैले भेदभाव, छुआछूत और एक दूसरे को नीचा दिखाने की सोच छोड़कर स्वयं को पाक रखें।
बुडिया के पीरजी हाफिज हुसैन अहमद की अध्यक्षता में आयोजित गोष्ठी में शाही इमाम लुधियानवी ने कहा कि हम उसी तरह नमाज पढ़ते हैं, जिस प्रकार नबी सल्लल्लाहु अलेही वसल्लम ने बताया है। परंतु हमारा आचरण और समाज के प्रति रवैया नबी जैसा नहीं है। चूंकि हमने हजरत मोहम्मद साहब की शिक्षाओं को पूरी तरह नहीं अपनाया है।
पीरजी हाफिज हुसैन अहमद ने कहा कि हम जिस इस्लाम के मानने वाले हैं, उसकी तमाम शिक्षाओं का पालन करना और समाज को स्वच्छ रखना भी हमारी जिम्मेदारी है। यदि हमारे कारण किसी काम, सोच व बात से किसी भी इंसान को ठेस पहुंचती है, तो इसका अर्थ है कि हम नबी के रास्ते से भटक गए हैं। पूर्व मंत्री चौधरी अकरम खान ने कहा कि समाज में भाईचारे व एकता बनाए रखने का संदेश देने वाले कार्यक्रम निरंतर होते रहने चाहिए।
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आयोजक मजलिस अहरार हरियाणा के अध्यक्ष कारी सईदुज्जमां ने कार्यक्रम के उद्देश्य और मजलिस अहरार के बारे में बताया। मजलिस ए अहरार की ओर से कौशिक खान को जिला मीडिया प्रभारी नियुक्त किया गया। इस दौरान शाहबाद के रंजीत रैना सलेमपुर, काजी मुतीउर्रहमान ने भी अपनी बात रखी। कार्यक्रम में विभिन्न धर्मों के मानने वालों ने शिरकत की।
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प्रतापनगर। मदरसा रहीमिया फैज-ए-करीमी में मोहम्मद साहब का पैगाम इंसानियत के नाम विषय पर मंगलवार को एक दिवसीय गोष्ठी करवाई गई। मुख्यातिथि पंजाब के शाही इमाम पंजाब मौलाना मोहम्मद उस्मान रहमानी लुधियानवी ने कहा कि हजरत मोहम्मद साहब का पैगाम है कि हम समाज में फैले भेदभाव, छुआछूत और एक दूसरे को नीचा दिखाने की सोच छोड़कर स्वयं को पाक रखें।
बुडिया के पीरजी हाफिज हुसैन अहमद की अध्यक्षता में आयोजित गोष्ठी में शाही इमाम लुधियानवी ने कहा कि हम उसी तरह नमाज पढ़ते हैं, जिस प्रकार नबी सल्लल्लाहु अलेही वसल्लम ने बताया है। परंतु हमारा आचरण और समाज के प्रति रवैया नबी जैसा नहीं है। चूंकि हमने हजरत मोहम्मद साहब की शिक्षाओं को पूरी तरह नहीं अपनाया है।
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पीरजी हाफिज हुसैन अहमद ने कहा कि हम जिस इस्लाम के मानने वाले हैं, उसकी तमाम शिक्षाओं का पालन करना और समाज को स्वच्छ रखना भी हमारी जिम्मेदारी है। यदि हमारे कारण किसी काम, सोच व बात से किसी भी इंसान को ठेस पहुंचती है, तो इसका अर्थ है कि हम नबी के रास्ते से भटक गए हैं। पूर्व मंत्री चौधरी अकरम खान ने कहा कि समाज में भाईचारे व एकता बनाए रखने का संदेश देने वाले कार्यक्रम निरंतर होते रहने चाहिए।
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आयोजक मजलिस अहरार हरियाणा के अध्यक्ष कारी सईदुज्जमां ने कार्यक्रम के उद्देश्य और मजलिस अहरार के बारे में बताया। मजलिस ए अहरार की ओर से कौशिक खान को जिला मीडिया प्रभारी नियुक्त किया गया। इस दौरान शाहबाद के रंजीत रैना सलेमपुर, काजी मुतीउर्रहमान ने भी अपनी बात रखी। कार्यक्रम में विभिन्न धर्मों के मानने वालों ने शिरकत की।