{"_id":"62d9b47b76eb1c7b16704a86","slug":"school-became-a-pond-children-refused-to-go-to-school-angry-villagers-set-the-lock-yamuna-nagar-news-knl1153125117","type":"story","status":"publish","title_hn":"यमुनानगर: स्कूल बना तालाब, बच्चों ने स्कूल जाने से किया इनकार, गुस्साए ग्रामीणों ने जड़ा ताला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यमुनानगर: स्कूल बना तालाब, बच्चों ने स्कूल जाने से किया इनकार, गुस्साए ग्रामीणों ने जड़ा ताला
Fri, 22 Jul 2022 02:35 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, साढौरा, यमुनानगर (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, साढौरा, यमुनानगर (हरियाणा)
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 22 Jul 2022 02:35 AM IST
सार
गांव कोटला के राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल से निकल रहा नाला बंद कराने पर ग्रामीण अड़े हैं। स्कूल की बाउंड्री के अंदर से गुजर रहे गंदे नाले के कारण स्कूल में फैली बदबू से बैठना मुश्किल हुआ है।
विज्ञापन
स्कूल में भरा पानी।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
हरियाणा के यमुनानगर जिले के साढौरा के गांव कोटला के राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल की बाउंड्री के अंदर से निकल रहे गंदे नाले के मामले ने तूल पकड़ लिया है। नाले का पानी जब सड़ने लगा तो प्राइमरी विंग के बच्चों ने स्कूल जाने से इनकार कर दिया। रही कसर को बारिश ने पूरी कर दी। जिसके चलते पूरा ग्राउंड तालाब बन गया। पानी निकलने का कोई इंतजाम न होने से नाराज ग्रामीणों ने स्कूल गेट पर ताला जड़ दिया।
विज्ञापन
शिक्षकों ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण नाले को बंद करने की मांग पर अड़ गए। उधर स्कूल के गेट पर ताला जड़ने की सूचना मिलते ही साढौरा से बीईओ रामरतन मौके पर पहुंचे। हालात का जायजा लेने के बाद बीईओ ने इसके लिए तत्कालीन पंचायत को जिम्मेदार ठहराया।
विज्ञापन
उन्होंने ग्रामीणों को आश्वासन दिया की वे हर हाल में इस समस्या का समाधान कराएंगे। आश्वासन मिलने के बाद ग्रामीणों ने स्कूल गेट का ताला खोला। उधर ग्रामीणों के चले जाने के बाद स्कूल के बाहर पानी की निकासी के लिए जेसीबी से बाहरी नाले की सफाई करवाई गई।
विज्ञापन
कहीं और करवाएंगे बच्चों का दाखिला
स्कूल में जलभराव से परेशान अभिभावक सतिंद्र कुमार और जाकर अली आदि ने आरोप लगाया कि स्कूल में यह हालात तत्कालीन पंचायत के कारण पैदा हुई है। पंचायत ने मनमर्जी से स्कूल के अंदर से नाला निकाला है। पंचायत की लापरवाही के कारण नाले का गंदा पानी सड़ रहा जिससे उनके बच्चे बीमार होने लगे हैं। ऐसे में अब वे इस प्राइमरी स्कूल से अपने बच्चों का नाम कटवाकर कहीं और दाखिला करवाएंगे।
गांव के सूबे सिंह, सलीम, दीपचंद, राजन, इकबाल, अकबर व आंगनबाड़ी वर्कर की मोना रानी, हर्ष बाला, उल्फत, मीना, मंजीत व पूनम शर्मा के मुताबिक तत्कालीन पंचायत के कार्यकाल के दौरान गांव के पानी की निकासी के लिए स्कूल परिसर के अंदर ही नाला बनाया गया।
स्कूल परिसर में नाले का गंदा पानी जमा होने से बदबू फैल रही है। उधर साढौरा बीईओ रामरतन ग्रेवाल ने स्कूल से निकल रहे नाले को बंद कराने के बारे में डीसी, बिलासपुर एसडीएम, डीडीपीओ, डीईओ, डीईईओ व साढौरा बीडीपीओ को चिट्ठी के माध्यम से अवगत कराया है।
गांव के पानी की निकासी के लिए स्कूल के अंदर से पंचायत द्वारा नाला बनाया गया है जो कि गलत है। नाले के गंदे पानी के कारण स्कूल परिसर में बदबू फैली हुई है। क्लास के अंदर तो क्या बाहर भी बच्चों को नहीं बिठाया जा सकता। नाला बंद किया जाना ही इसका समाधान होगा। -जगदीश चंद, प्रधानाध्यापक, राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल, कोटला
ग्रामीणों को समझाकर स्कूल का ताला खुलवाया गया। यहां के हालात के बारे में बीडीपीओ को कॉल की लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। स्कूल से निकल रहे गंदे नाले के कारण हालात खराब हो गए हैं। प्राइमरी स्कूल की बिल्डिंग में पानी भरने से बच्चों को बिठाया नहीं जा सकता। इस तरह से बच्चों की पढ़ाई पर गहरा असर पड़ रहा है। नाले को बंद करना ही अब इसका विकल्प है। - रामरतन, बीईओ, शिक्षा विभाग, साढौरा।