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छात्रवृत्ति लेनी तो आधार नंबर कराना होगा लिंक
यमुनानगर
Updated Mon, 17 Feb 2014 11:55 PM IST
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सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को अगर छात्रवृत्ति लेनी है तो उन्हें
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आधार नंबर लेना जरूरी है। नए सेशन से यह आधार नंबर लेना अनिवार्य कर दिया
गया है।
इससे साफ है कि अगर नए सेशन से छात्रवृत्ति चाहिए तो आधार लिंक कराना जरूरी है। सरकार ने राजकीय स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहन स्वरूप छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। यह छात्रवृत्ति बीपीएल, अनुसूचित और पिछड़े वर्ग के बच्चों को दी जाती है।
पहले यह राशि बच्चों को स्कूल प्रिंसिपल की ओर से नकद दी जाती थी। लेकिन बाद में उसे बैंक के माध्यम से देनी शुरू की गई, ताकि पारदर्शिता बनी रहे। छात्रवृत्ति लेने वाले विद्यार्थियों के बैंक खाते खुलवाए गए। लेकिन अब नई व्यवस्था लागू की गई है। इसमें विद्यार्थियों को अपना आधार नंबर बैंक में देना होगा। जिले के सरकारी स्कूलों में 20 हजार से ज्यादा विद्यार्थी इस समय छात्रवृत्ति ले रहे हैं।
शिक्षा विभाग के प्रवक्ता का कहना है कि इस बारे में सभी डीईओ का लेटर जारी कर दिया गया है। डीईओ को निर्देश दिए गए हैं कि इस बारे में बच्चों के परिजनों को सूचित किया जाए। ताकि समय रहते आधार कार्ड नंबर बैंक में जमा करा दिया जाएगा।
विभाग को होगा फायदा
छात्रवृत्ति में आधार नंबर लागू करने से सरकार और विभाग को फायदा होगा। क्योंकि ऐसा करने पर वास्तविक संख्या में बच्चों को छात्रवृत्ति मिल सकेगी। इसके साथ ही राशि वितरण में पूरी तरह से पारदर्शिता भी आएगी। क्योंकि आधार नंबर से गड़बड़ी की घटनाओं पर अंकुश लग सकेगा। इसके साथ ही स्कूलों में नकदी दाखिलों पर भी रोक लगेगी। क्योंकि कई बच्चे सरकारी स्कूल को छोड़ प्राइवेट स्कूल में एडमिशन ले लेते हैं। लेकिन सरकारी स्कूल में उनका नाम चलता रहा है। साथ ही छात्रवृत्ति भी आती रहती है।
अच्छा है प्रयास
छात्र रोबिन कुमार, मनीष और गौरव का कहना है कि यह अच्छा कदम विभाग ने उठाया है। देखने में आता है कि कई बच्चे स्कूल में पढ़ते भी नहीं उन्हें भी छात्रवृत्ति जारी कर दी जाती है। आधार नंबर होने से अपात्र छात्र छात्रवृत्ति नहीं ले पाएंगे।
चल रही प्रक्रिया
डिप्टी डीईओ रामप्रकाश का कहना है कि बच्चों के आधार नंबर बैंक एकाउंट से जोड़ने की प्रक्रिया चल रही है। सभी बीईओ को डीईओ कार्यालय से लेटर जारी कर दिया गया था और उसके आगे स्कूल मुखिया को यह जानकारी दे दी गई थी। जिन बच्चों के आधारकार्ड अभी नहीं आए हैं उनकी स्लिप से नंबर निकाल आधार नंबर जोड़ा जा रहा है।
इससे साफ है कि अगर नए सेशन से छात्रवृत्ति चाहिए तो आधार लिंक कराना जरूरी है। सरकार ने राजकीय स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहन स्वरूप छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। यह छात्रवृत्ति बीपीएल, अनुसूचित और पिछड़े वर्ग के बच्चों को दी जाती है।
पहले यह राशि बच्चों को स्कूल प्रिंसिपल की ओर से नकद दी जाती थी। लेकिन बाद में उसे बैंक के माध्यम से देनी शुरू की गई, ताकि पारदर्शिता बनी रहे। छात्रवृत्ति लेने वाले विद्यार्थियों के बैंक खाते खुलवाए गए। लेकिन अब नई व्यवस्था लागू की गई है। इसमें विद्यार्थियों को अपना आधार नंबर बैंक में देना होगा। जिले के सरकारी स्कूलों में 20 हजार से ज्यादा विद्यार्थी इस समय छात्रवृत्ति ले रहे हैं।
शिक्षा विभाग के प्रवक्ता का कहना है कि इस बारे में सभी डीईओ का लेटर जारी कर दिया गया है। डीईओ को निर्देश दिए गए हैं कि इस बारे में बच्चों के परिजनों को सूचित किया जाए। ताकि समय रहते आधार कार्ड नंबर बैंक में जमा करा दिया जाएगा।
विभाग को होगा फायदा
छात्रवृत्ति में आधार नंबर लागू करने से सरकार और विभाग को फायदा होगा। क्योंकि ऐसा करने पर वास्तविक संख्या में बच्चों को छात्रवृत्ति मिल सकेगी। इसके साथ ही राशि वितरण में पूरी तरह से पारदर्शिता भी आएगी। क्योंकि आधार नंबर से गड़बड़ी की घटनाओं पर अंकुश लग सकेगा। इसके साथ ही स्कूलों में नकदी दाखिलों पर भी रोक लगेगी। क्योंकि कई बच्चे सरकारी स्कूल को छोड़ प्राइवेट स्कूल में एडमिशन ले लेते हैं। लेकिन सरकारी स्कूल में उनका नाम चलता रहा है। साथ ही छात्रवृत्ति भी आती रहती है।
अच्छा है प्रयास
छात्र रोबिन कुमार, मनीष और गौरव का कहना है कि यह अच्छा कदम विभाग ने उठाया है। देखने में आता है कि कई बच्चे स्कूल में पढ़ते भी नहीं उन्हें भी छात्रवृत्ति जारी कर दी जाती है। आधार नंबर होने से अपात्र छात्र छात्रवृत्ति नहीं ले पाएंगे।
चल रही प्रक्रिया
डिप्टी डीईओ रामप्रकाश का कहना है कि बच्चों के आधार नंबर बैंक एकाउंट से जोड़ने की प्रक्रिया चल रही है। सभी बीईओ को डीईओ कार्यालय से लेटर जारी कर दिया गया था और उसके आगे स्कूल मुखिया को यह जानकारी दे दी गई थी। जिन बच्चों के आधारकार्ड अभी नहीं आए हैं उनकी स्लिप से नंबर निकाल आधार नंबर जोड़ा जा रहा है।