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Yamuna Nagar News: आरटीई में दाखिला न देने पर स्कूल पर दो लाख का जुर्माना
Sun, 23 Aug 2026 01:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sun, 23 Aug 2026 01:36 AM IST
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जिला शिक्षा सदन। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। आरटीई में आवंटित 40 बच्चों को दाखिला न देने के मामले में शिक्षा विभाग ने सख्त कदम उठाया है। विभाग ने 40 बच्चों को दाखिला न देने पर पुराने नेशनल हाईवे स्थित शहर के संत निश्चल पब्लिक स्कूल पर दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। निदेशक प्रारंभिक शिक्षा हरियाणा की ओर से जारी आदेश में स्कूल प्रबंधन को 15 दिन के भीतर निर्धारित मद में जुर्माना राशि जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं।
विभाग के अनुसार आरटीई अधिनियम की धारा 12 (1) (सी) के तहत स्कूल की नर्सरी कक्षा में 160 सीटों में से 25 प्रतिशत सीटें यानी 40 सीटें उज्ज्वल पोर्टल पर घोषित की थीं। 27 जून 2025 को कंप्यूटरीकृत लॉटरी से आसपास के 40 बच्चों को स्कूल आवंटित किया गया। परंतु सीट आवंटित होने के बाद भी स्कूल की ओर से बच्चों को दाखिला नहीं दिया गया।।
स्कूल प्रबंधन की ओर से स्वयं को अल्पसंख्यक संस्थान होने के कारण इस नियम से बाहर होने की बात कही। इस पर विभाग की ओर से जांच की गई। इस दौरान स्कूल प्रबंधन ने बच्चों को दाखिला देने से इन्कार करके स्कूल के अल्पसंख्यक श्रेणी में होने और मामला अल्पसंख्यक आयोग में लंबित होने का हवाला दिया। आदेश के मुताबिक पोर्टल पर सीटें घोषित करते समय स्कूल ने अपना अल्पसंख्यक दर्जा एन-ए भरा था।
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जांच में जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी ने पाया कि स्कूल के पास अल्पसंख्यक श्रेणी का प्रमाणपत्र नहीं है। विभाग ने मामले में 19 अगस्त 2025 को कारण बताओ नोटिस जारी किया और स्कूल प्रबंधन को व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर दिया। विभाग ने यह भी उल्लेख किया कि यू-डाइस के वर्ष 2019 से 2024-25 तक स्कूल में सिख विद्यार्थियों की संख्या 50 प्रतिशत से कम रही।
वहीं, माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने एक अक्तूबर 2025 को अल्पसंख्यक दर्जे के लिए स्कूल के एनओसी के दावे को खारिज कर दिया। आदेश में कहा गया है कि 40 बच्चों को दाखिला न मिलने से उनके अभिभावकों को परेशानी हुई और बच्चों की शिक्षा प्रभावित हुई। इससे शिक्षा के अधिकार कानून का उल्लंघन हुआ है।
जुर्माना भरने के लिए 15 दिन का समय : अशोक
जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी अशोक राणा ने बताया कि आरटीई के तहत बच्चों को दाखिला ने देने पर संत निश्चल सिंह पब्लिक स्कूल पर निदेशालय की ओर से कार्रवाई की गई है। स्कूल पर दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। स्कूल को जुर्माना भरने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है। यदि निर्धारित समय पर जुर्माना नहीं भरा गया तो मान्यता रद्द करने तक की कार्रवाई भी की जा सकती है।
इसके बाद जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी ने अभिभावकों की पसंद के अनुसार अन्य स्कूलों में बच्चों का दाखिला करवाया। इसकी पूरी जांच करने के बाद निदेशालय ने हरियाणा आरटीई नियमों के नियम-13 के तहत स्कूल पर दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
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जगाधरी। आरटीई में आवंटित 40 बच्चों को दाखिला न देने के मामले में शिक्षा विभाग ने सख्त कदम उठाया है। विभाग ने 40 बच्चों को दाखिला न देने पर पुराने नेशनल हाईवे स्थित शहर के संत निश्चल पब्लिक स्कूल पर दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। निदेशक प्रारंभिक शिक्षा हरियाणा की ओर से जारी आदेश में स्कूल प्रबंधन को 15 दिन के भीतर निर्धारित मद में जुर्माना राशि जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं।
विभाग के अनुसार आरटीई अधिनियम की धारा 12 (1) (सी) के तहत स्कूल की नर्सरी कक्षा में 160 सीटों में से 25 प्रतिशत सीटें यानी 40 सीटें उज्ज्वल पोर्टल पर घोषित की थीं। 27 जून 2025 को कंप्यूटरीकृत लॉटरी से आसपास के 40 बच्चों को स्कूल आवंटित किया गया। परंतु सीट आवंटित होने के बाद भी स्कूल की ओर से बच्चों को दाखिला नहीं दिया गया।।
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स्कूल प्रबंधन की ओर से स्वयं को अल्पसंख्यक संस्थान होने के कारण इस नियम से बाहर होने की बात कही। इस पर विभाग की ओर से जांच की गई। इस दौरान स्कूल प्रबंधन ने बच्चों को दाखिला देने से इन्कार करके स्कूल के अल्पसंख्यक श्रेणी में होने और मामला अल्पसंख्यक आयोग में लंबित होने का हवाला दिया। आदेश के मुताबिक पोर्टल पर सीटें घोषित करते समय स्कूल ने अपना अल्पसंख्यक दर्जा एन-ए भरा था।
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जांच में जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी ने पाया कि स्कूल के पास अल्पसंख्यक श्रेणी का प्रमाणपत्र नहीं है। विभाग ने मामले में 19 अगस्त 2025 को कारण बताओ नोटिस जारी किया और स्कूल प्रबंधन को व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर दिया। विभाग ने यह भी उल्लेख किया कि यू-डाइस के वर्ष 2019 से 2024-25 तक स्कूल में सिख विद्यार्थियों की संख्या 50 प्रतिशत से कम रही।
वहीं, माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने एक अक्तूबर 2025 को अल्पसंख्यक दर्जे के लिए स्कूल के एनओसी के दावे को खारिज कर दिया। आदेश में कहा गया है कि 40 बच्चों को दाखिला न मिलने से उनके अभिभावकों को परेशानी हुई और बच्चों की शिक्षा प्रभावित हुई। इससे शिक्षा के अधिकार कानून का उल्लंघन हुआ है।
जुर्माना भरने के लिए 15 दिन का समय : अशोक
जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी अशोक राणा ने बताया कि आरटीई के तहत बच्चों को दाखिला ने देने पर संत निश्चल सिंह पब्लिक स्कूल पर निदेशालय की ओर से कार्रवाई की गई है। स्कूल पर दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। स्कूल को जुर्माना भरने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है। यदि निर्धारित समय पर जुर्माना नहीं भरा गया तो मान्यता रद्द करने तक की कार्रवाई भी की जा सकती है।
इसके बाद जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी ने अभिभावकों की पसंद के अनुसार अन्य स्कूलों में बच्चों का दाखिला करवाया। इसकी पूरी जांच करने के बाद निदेशालय ने हरियाणा आरटीई नियमों के नियम-13 के तहत स्कूल पर दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।