{"_id":"662d84f48413939bdf09d794","slug":"satisfactory-answer-not-received-schools-may-be-closed-yamuna-nagar-news-c-246-1-sknl1020-118072-2024-04-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Yamuna Nagar News: नहीं मिला संतोषजनक जवाब, बंद हो सकते हैं स्कूल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Yamuna Nagar News: नहीं मिला संतोषजनक जवाब, बंद हो सकते हैं स्कूल
Sun, 28 Apr 2024 04:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sun, 28 Apr 2024 04:36 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। जिले में अपनी मनमानी कर स्कूल, प्ले-वे संस्थानों पर शिक्षा विभाग ने लगाम कस दी है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निरीक्षण के दौरान जिन संस्थानों में कमियां मिली थीं, उन पर कार्रवाई करने के विभाग पूरे मूड में है। विभाग ने ऐसे स्कूलों व प्ले-वे के खिलाफ केस बना कर तैयार कर दिया है। स्कूलों का केस विभाग ने निदेशालय को कार्रवाई के लिए भेजा है। प्ले-वे स्कूलों पर कार्रवाई के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग को केस भेजा गया है।
स्कूलों में मानक व नियमों की जांच, संचालकों की मनमानी के खिलाफ शिक्षा विभाग की ओर कार्रवाई लगातार जारी है। विभिन्न स्कूलों, प्ले-वे का निरीक्षण कर जिला शिक्षा अधिकारी, उपजिला शिक्षा अधिकारी ने नोटिस जारी किया है। पिछले सप्ताह ही अधिकारियों ने शहर में चल रहे कई प्ले-वे स्कूलों का निरीक्षण किया था। इस दौरान निरीक्षण में पाया कि प्ले-वे बिना अनुमति के चलाए जा रहे हैं।
यही नहीं यहां पर बच्चों की सुरक्षा दृष्टि से भी प्रबंधन नहीं किए थे। मनमाने तरीके से अभिभावकों से फीस वसूली जा रही है। यही नहीं बल्कि शहर के कई नामी स्कूलों में अधिकारियों को भारी खामियां मिली। इस दौरान कई स्कूलों के वाहनों के अलावा इमारतों में भी सुरक्षा के प्रबंध नहीं थे। स्कूल में ही निजी प्रकाशकों की किताबें बेची जा रही थीं। अभिभावकों को निर्धारित दुकान व उनके पास से पुस्तकें खरीदने का दबाव दिया जा रहा था। विभाग ने स्कूलाें को नोटिस देकर जवाब मांगा था। परंतु किसी से संतोषजनक जवाब नहीं मिला है।
विज्ञापन
शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों की मनमानी, निजी प्रकाशकों की किताबें और अन्य कमियां मिलने पर महर्षि विद्या मंदिर, सेंट थॉमस, गणपति कॉन्वेंट, बिलासपुर के न्यू हैप्पी पब्लिक स्कूल, साढौरा के एसएस पब्लिक स्कूल, एमएलपी लोट्सवैली स्कूल के खिलाफ केस बनाकर निदेशक को कार्रवाई की सिफारिश की है। इसमें एक्ट-43 के अनुसार स्कूल की मान्यता रद्द तक का प्रावधान है। इसके अलावा शिक्षा विभाग ने बचपन, सेंट पीटर्स, लीटल लीजेंड मॉन्टेसरी, लीटल टाइसन व शैमरॉक प्ले-वे स्कूल को नोटिस दिया था। नोटिस के जवाब में इन संस्थानों ने कहा कि वे प्ले-वे चलाते हैं, जिसके लिए शिक्षा विभाग से अनुमति की जरूरत नहीं है। लेकिन नोटिस के जवाब में यह नहीं बताया कि उन्होंने प्ले-वे का रजिस्ट्रेशन करवाया या नहीं करवाया है। ऐसे में विभाग ने केस महिला एवं बाल विकास विभाग को भेज दिया है। यदि यह प्ले-वे नियमानुसार नहीं चल रहे तो निश्चत रूप से बंद किए जाएंगे।
निरीक्षण के दौरान जिले के स्कूलों में खामियां मिलने व निजी प्रकाशकों की किताबें व स्वयं किताबें बेचने को लेकर संचालकों को नोटिस जारी किया गया था। इसके अलावा पांच प्ले-वे स्कूलों को नोटिस दिया गया था। किसी से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला है। जिसके बाद केस बनाकर निदेशक से कार्रवाई की सिफारिश की गई है। नियमानुसार इस कार्रवाई में स्कूल की मान्यता तक रद्द की जा सकती है। - शिवकुमार धीमान, उपजिला शिक्षा अधिकारी।
विज्ञापन
जगाधरी। जिले में अपनी मनमानी कर स्कूल, प्ले-वे संस्थानों पर शिक्षा विभाग ने लगाम कस दी है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निरीक्षण के दौरान जिन संस्थानों में कमियां मिली थीं, उन पर कार्रवाई करने के विभाग पूरे मूड में है। विभाग ने ऐसे स्कूलों व प्ले-वे के खिलाफ केस बना कर तैयार कर दिया है। स्कूलों का केस विभाग ने निदेशालय को कार्रवाई के लिए भेजा है। प्ले-वे स्कूलों पर कार्रवाई के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग को केस भेजा गया है।
स्कूलों में मानक व नियमों की जांच, संचालकों की मनमानी के खिलाफ शिक्षा विभाग की ओर कार्रवाई लगातार जारी है। विभिन्न स्कूलों, प्ले-वे का निरीक्षण कर जिला शिक्षा अधिकारी, उपजिला शिक्षा अधिकारी ने नोटिस जारी किया है। पिछले सप्ताह ही अधिकारियों ने शहर में चल रहे कई प्ले-वे स्कूलों का निरीक्षण किया था। इस दौरान निरीक्षण में पाया कि प्ले-वे बिना अनुमति के चलाए जा रहे हैं।
विज्ञापन
यही नहीं यहां पर बच्चों की सुरक्षा दृष्टि से भी प्रबंधन नहीं किए थे। मनमाने तरीके से अभिभावकों से फीस वसूली जा रही है। यही नहीं बल्कि शहर के कई नामी स्कूलों में अधिकारियों को भारी खामियां मिली। इस दौरान कई स्कूलों के वाहनों के अलावा इमारतों में भी सुरक्षा के प्रबंध नहीं थे। स्कूल में ही निजी प्रकाशकों की किताबें बेची जा रही थीं। अभिभावकों को निर्धारित दुकान व उनके पास से पुस्तकें खरीदने का दबाव दिया जा रहा था। विभाग ने स्कूलाें को नोटिस देकर जवाब मांगा था। परंतु किसी से संतोषजनक जवाब नहीं मिला है।
विज्ञापन
शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों की मनमानी, निजी प्रकाशकों की किताबें और अन्य कमियां मिलने पर महर्षि विद्या मंदिर, सेंट थॉमस, गणपति कॉन्वेंट, बिलासपुर के न्यू हैप्पी पब्लिक स्कूल, साढौरा के एसएस पब्लिक स्कूल, एमएलपी लोट्सवैली स्कूल के खिलाफ केस बनाकर निदेशक को कार्रवाई की सिफारिश की है। इसमें एक्ट-43 के अनुसार स्कूल की मान्यता रद्द तक का प्रावधान है। इसके अलावा शिक्षा विभाग ने बचपन, सेंट पीटर्स, लीटल लीजेंड मॉन्टेसरी, लीटल टाइसन व शैमरॉक प्ले-वे स्कूल को नोटिस दिया था। नोटिस के जवाब में इन संस्थानों ने कहा कि वे प्ले-वे चलाते हैं, जिसके लिए शिक्षा विभाग से अनुमति की जरूरत नहीं है। लेकिन नोटिस के जवाब में यह नहीं बताया कि उन्होंने प्ले-वे का रजिस्ट्रेशन करवाया या नहीं करवाया है। ऐसे में विभाग ने केस महिला एवं बाल विकास विभाग को भेज दिया है। यदि यह प्ले-वे नियमानुसार नहीं चल रहे तो निश्चत रूप से बंद किए जाएंगे।
निरीक्षण के दौरान जिले के स्कूलों में खामियां मिलने व निजी प्रकाशकों की किताबें व स्वयं किताबें बेचने को लेकर संचालकों को नोटिस जारी किया गया था। इसके अलावा पांच प्ले-वे स्कूलों को नोटिस दिया गया था। किसी से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला है। जिसके बाद केस बनाकर निदेशक से कार्रवाई की सिफारिश की गई है। नियमानुसार इस कार्रवाई में स्कूल की मान्यता तक रद्द की जा सकती है। - शिवकुमार धीमान, उपजिला शिक्षा अधिकारी।