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Yamunanagar: विधानसभा में ई-टेंडरिंग की मांग उठाने को लेकर सरपंचों ने किया प्रदर्शन, सरपंचों का अल्टीमेटम

Mon, 20 Feb 2023 04:06 PM IST
नवीन दलाल संवाद न्यूज एजेंसी, यमुनानगर (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुनानगर (हरियाणा) Published by: नवीन दलाल Updated Mon, 20 Feb 2023 04:06 PM IST
सार

सरपंच एसोसिएशन के जिला प्रधान छछरौली सरपंच रीटा रानी के प्रतिनिधि संजीव सैनी के नेतृत्व में सरपंच सोमवार को पंचायत भवन में एकत्रित हुए। काफी संख्या में सरपंच अपनी आवाज को बुलंद करने के लिए पहुंचे थे। पंचायत भवन में विभिन्न सरपंचों ने ई-टेंडरिंग को लेकर अपनी बात रखी।

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Sarpanchs demonstrated in Yamunanagar to raise the demand for e-tendering in the assembly
प्रदर्शन करते सरपंच - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

यमुनानगर में ई-टेंडरिंग व राइट-टू-रिकॉल के विरोध में सोमवार को सरपंच एक बार फिर सड़क पर उतर आए। सरपंचों ने पंचायत मंत्री देवेंद्र बबली व प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। सरपंचों ने कहा कि सभी विधायक उनकी मांग को चल रहे विधानसभा सत्र में उठाए। प्रदर्शन के बाद सरपंचों ने लघु सचिवालय में पहुंच कर डीसी राहुल हुड्डा के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। सरपंचों ने कहा कि जब तक ई-टेंडरिंग का निर्णय वापस नहीं लिया जाता तब तक सरपंचों का विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।

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सरपंचों ने कहा, जब तक ई-टेंडरिंग रद्द नहीं होती जारी रहेगा सरपंचों का प्रदर्शन
सरपंच एसोसिएशन के जिला प्रधान छछरौली सरपंच रीटा रानी के प्रतिनिधि संजीव सैनी के नेतृत्व में सरपंच सोमवार को पंचायत भवन में एकत्रित हुए। काफी संख्या में सरपंच अपनी आवाज को बुलंद करने के लिए पहुंचे थे। पंचायत भवन में विभिन्न सरपंचों ने ई-टेंडरिंग को लेकर अपनी बात रखी। इसके बाद सरपंच प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय पर पहुंचे। सरपंचों को सचिवालय में गेट के पास लगाए गए बैरिकेड के पास ही रोक लिया गया। सरपंचों ने लघु सचिवालय में केबिनेट देवेंद्र बबली के खिलाफ भड़ास निकाली।
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यह हैं सरपंचों की मांगें

  • राइट-टू-रिकॉल एक्ट सबसे पहले एमपी व एमएलए पर भी लागू होना चाहिए अन्यथा सरंपचों पर भी रद्द किया जाए।
  •  ई-टेंडरिंग को तुरंत रद्द किया जाए।
  • संविधान के 73वें संशोधन की 11वीं सूची के 29 अधिकार व बजट पंचायतों को डायरेक्ट दिया जाए।
  • सरपंचों व पंचों का मानदेय बढ़ाया जाए। सरपंचों का मानदेय कम से कम 25000 रुपये व पंचों का मानदेय 15000 रुपये महीना किया जाए। विधायक व सांसद कई-कई लाख रुपये मानदेय ले रहे हैं अन्यथा सभी का रद्द किया जाए।
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  • सरपंच का टोल टैक्स मुक्त किया जाए, क्योंकि गांव के कार्यों के लिए उन्हें इधर-उधर आना जाना लगा रहता है।

ये लोग रहे मौजूद

संजीव सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार गांवों का विकास रोकना चाहती है। तभी तो दो लाख से ऊपर के सभी कार्य ई-टेंडरिंग के माध्यम से कराने का निर्णय लिया है। यह गांवों के हित में बिल्कुल भी नहीं है। यह मामला उन्होंने शिक्षा मंत्री कंवरपाल के सामने भी उठाया था। उनसे मांग की थी कि वह विधानसभा में उनकी मांग को उठाएं, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं निकला है।

सरपंचों ने सरकार को सात दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गई तो एक मार्च को सीएम हाउस का घेराव किया जाएगा। जब तक निम्न मांगें नहीं मानी जाती तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। साथ ही प्रशासन के किसी भी कार्य में सहयोग नहीं किया जाएगा। इस मौके पर सरपंच कपूरी कलां के सरपंच ललित, संजीव, राजकुमार, संगीता, जसविंद्र सिंह, निक्का सिंह, तारावती, संजीव कुमार, अंजू देवी, रीतिका, अमन संधू सैदूपुर, प्रवीण कुमार, कीर्ति रानी, अमरजोत, विशाल समेत अन्य मौजूद रहे।

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