फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Yamuna Nagar News ›   Saraswati Sugar Mill ready to smoke, crushing target increased, Yamunanagar

सरस्वती शुगर मिल धुआं उगलने के लिए तैयार, पेराई का लक्ष्य बढ़ा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 09 Nov 2021 12:57 AM IST
विज्ञापन
Saraswati Sugar Mill ready to smoke, crushing target increased, Yamunanagar
सरस्वती शुगर मिल का बाहरी दृश्य। संवाद - फोटो : Yamuna Nagar
सुरेश सैनी
विज्ञापन

यमुनानगर। एशिया की नंबर वन सरस्वती शुगर मिल की चिमनी धुआं उगलने के लिए तैयार है। 16 नवंबर से मिल में गन्ने की पेराई का कार्य शुरू हो जाएगा। इस बार मिल ने 175 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई का लक्ष्य रखा गया है, जोकि पिछले साल 13 लाख क्विंटल अधिक है, जबकि पिछले साल मिल को 162 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई हो पाई थी।
मिल से जिले के 22 हजार किसान जुड़े है। इसके अलावा दूसरे जगहों से भी गन्ना आ जाता है। गन्ने की पेराई के लिए मिल की तरफ से पूरे प्रबंध कर लिए गए हैं, जिन जगहों पर गन्ने के लिए ट्रॉलियां लाइन में लगेगी, वहां के पिलर को रंग रोगन कर सही कर दिया गया है और उनके ऊपर रिफ्लेक्टर लगा दिए गए हैं।
विज्ञापन

वहीं मिल में गन्ना लाने के लिए जिले में 42 बिक्री केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर ही किसान अपना गन्ना गिराएंगे। इसके बाद यहां से सीधा मिल में ट्रक और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में गन्ना आएगा। इसके अलावा कई एरिया के किसान ऐसे हैं जो सीधे मिल में ही गन्ना लेकर आएंगे। बताया जा रहा है कि पिछले साल की तुलना में इस वर्ष लगभग गन्ने की पैदावार 10 फीसदी कम हुई है, जिसे देखते हुए यह लक्ष्य निर्धारित किया गया है, लेकिन जब तक किसान गन्ना लाएंगे, तब तक चीनी मिल चलती रहेगी। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे पहले गन्ना लाने वाले 5 किसान होते हैं सम्मानित
चीनी मिल खास प्रथा यह रही है सबसे पहले गन्ना लाने वाले किसानों को मिल प्रबंधन की ओर से सम्मानित किया जाता है।करीब पांच किसानों को सम्मानित किया जाता है। इसके लिए किसान भोर पहले में ही मिल में गन्ना लेकर पहुंच जाते हैं। यजिला में एक लाख 19 हजार हेक्टेयर भूमि कृषि के लिए है। इसमें 18 हजार हेक्टेयर पर गन्ने की पैदावार होती है। 90 हजार हेक्टेयर पर गेहूं, चार हजार हेक्टेयर पर सरसों, चार हजार हेक्टेयर पर चारा, एक हजार हेक्टेयर पर सब्जी होती है।

मिल में 16 नवंबर से गन्ने की पेराई शुरू हो जाएगी। इसके लिए 42 बिक्री सेंटर बनाए जाएंगे। गन्ने की पेराई के लिए पूरी तैयारी कर ली गई है। इस वर्ष 175 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई का लक्ष्य है। गन्ने के भुगतान में किसानों को कोई दिक्कत आने नहीं दी जाएगी। - डीपी सिंह, सीनियर वाइस प्रेसीडेंट, सरस्वती शुगर मिल।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed