{"_id":"6a286a0fdefdf0079f01d12b","slug":"risk-of-accidents-increases-due-to-damaged-culvert-yamuna-nagar-news-c-246-1-sknl1023-157508-2026-06-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Yamuna Nagar News: क्षतिग्रस्त पुलिया से बढ़ा हादसे का खतरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Yamuna Nagar News: क्षतिग्रस्त पुलिया से बढ़ा हादसे का खतरा
Wed, 10 Jun 2026 01:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Wed, 10 Jun 2026 01:01 AM IST
विज्ञापन
लाल ढांग पर क्षतिग्रस्त पुलिया बन रही हादसों का कारण। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापनगर। कलेसर-लालढांग मार्ग पर सड़क की बदहाल स्थिति और सुरक्षा इंतजामों के अभाव के कारण दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। लोगों का आरोप है कि संकरी सड़क, जगह-जगह बने गड्ढे, क्षतिग्रस्त पुलिया, टूटी रेलिंग और अव्यवस्थित गतिरोधकों के कारण यह मार्ग दुर्घटनाओं का केंद्र बन चुका है।
क्षेत्रवासियों के अनुसार लालढांग क्षेत्र में आए दिन कोई न कोई वाहन फंस जाता है, जिससे हाईवे पर लंबा जाम लग जाता है। कई स्थानों पर सड़क के किनारे गहरी खाइयां होने के कारण वाहन चालकों को जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ता है। हाल ही में इसी मार्ग पर हुए एक भीषण सड़क हादसे में चार लोगों की मौत हो चुकी है। लगातार हो रही दुर्घटनाओं के चलते स्थानीय लोग इस क्षेत्र को खूनी घाटी तक कहने लगे हैं।
लालढांग से कलेसर तक लगभग सात से आठ किलोमीटर का क्षेत्र बेहद संवेदनशील बना हुआ है। इस इलाके में सड़क सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। दुर्घटना होने की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य भी प्रभावित होते हैं, क्योंकि यहां मोबाइल नेटवर्क, बिजली टावर, टेलीफोन सुविधा और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था का अभाव है।
विज्ञापन
रात के समय यदि कोई हादसा हो जाए तो सूचना पहुंचाने और घायलों को समय पर सहायता उपलब्ध कराने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इस संबंध में नेशनल हाईवे अथॉरिटी के एक्शन महेंद्र सिंह सांगवान ने बताया कि हाईवे की समय-समय पर मरम्मत कराई जाती है। जहां पुलिया क्षतिग्रस्त है और रेलिंग टूटी हुई है, वहां जल्द ही आवश्यक मरम्मत कार्य कराया जाएगा।
विज्ञापन
प्रतापनगर। कलेसर-लालढांग मार्ग पर सड़क की बदहाल स्थिति और सुरक्षा इंतजामों के अभाव के कारण दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। लोगों का आरोप है कि संकरी सड़क, जगह-जगह बने गड्ढे, क्षतिग्रस्त पुलिया, टूटी रेलिंग और अव्यवस्थित गतिरोधकों के कारण यह मार्ग दुर्घटनाओं का केंद्र बन चुका है।
क्षेत्रवासियों के अनुसार लालढांग क्षेत्र में आए दिन कोई न कोई वाहन फंस जाता है, जिससे हाईवे पर लंबा जाम लग जाता है। कई स्थानों पर सड़क के किनारे गहरी खाइयां होने के कारण वाहन चालकों को जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ता है। हाल ही में इसी मार्ग पर हुए एक भीषण सड़क हादसे में चार लोगों की मौत हो चुकी है। लगातार हो रही दुर्घटनाओं के चलते स्थानीय लोग इस क्षेत्र को खूनी घाटी तक कहने लगे हैं।
विज्ञापन
लालढांग से कलेसर तक लगभग सात से आठ किलोमीटर का क्षेत्र बेहद संवेदनशील बना हुआ है। इस इलाके में सड़क सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। दुर्घटना होने की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य भी प्रभावित होते हैं, क्योंकि यहां मोबाइल नेटवर्क, बिजली टावर, टेलीफोन सुविधा और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था का अभाव है।
विज्ञापन
रात के समय यदि कोई हादसा हो जाए तो सूचना पहुंचाने और घायलों को समय पर सहायता उपलब्ध कराने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इस संबंध में नेशनल हाईवे अथॉरिटी के एक्शन महेंद्र सिंह सांगवान ने बताया कि हाईवे की समय-समय पर मरम्मत कराई जाती है। जहां पुलिया क्षतिग्रस्त है और रेलिंग टूटी हुई है, वहां जल्द ही आवश्यक मरम्मत कार्य कराया जाएगा।