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69 वर्षीय रिटायर्ड नर्स का जज्बा: कोरोना महामारी के बीच ट्रेंड किए नर्सिंग के 450 युवा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 12 May 2022 01:03 AM IST
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Retired nurse's spirit: 450 youths of nursing trained in the midst of corona epidemic
यमुनानगर। कोरोना महामारी से लड़ाई में फ्रंट पर रही नर्सों को कोरोना यौद्धा का सम्मान मिला। इसी दौरान बैक स्टेज रहकर एक रिटायर्ड नर्स कोरोना से जंग के लिए नर्सिंग की फौज तैयार करने में लगी थीं। हम बात कर रहे हैं सरोजनी कॉलोनी की 69 वर्षीय अशोक धवन की। जिन्होंने 43 साल की नर्सिंग सर्विस से रिटायर होने के बाद भी अपनी फील्ड नहीं छोड़ी बल्कि अपने समेत दूसरे शहरों में लेक्चर देकर नर्सिंग के हुनर बांट रही हैं। कोरोना जैसी महामारी में अस्पतालों में नर्सिंग स्टाफ की कमी थी, तब अशोक धवन ने नर्सिंग के 250 युवा तैयार कर दिए। इसी जज्बे को देख लोग उन्हें सिस्टर का खिताब दे चुके हैं और सिस्टर अशोक धवन कहकर बुलाने लगे हैं।
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अशोक धवन ने फेमिली प्लानिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया की यमुनानगर ब्रांच में फरवरी-2021 से मार्च 2022 तक दो-दो माह की अवधि के सात बैच में लड़के-लड़कियों को नर्सिंग के हुनर सिखाए। हालांकि यह ट्रेनिंग अकेले रह रहे बुजुर्ग महिलाओं-पुरुषों व असहाय मरीजों की घर पर स्वास्थ्य सेवा के प्रोजेक्ट के तहत थी, पर इसमें ट्रेंड 250 लड़के-लड़कियों ने कोरोना काल में नर्सिंग स्टाफ की कमी के चलते अस्पतालों में काम किया।
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अशोक धवन ने बताया कि उनका जन्म चंडीगढ़ में वर्ष 1953 में हुआ। पांच भाई-बहनों में वे दूसरे नंबर की हैं। पढ़ाई के दौरान उनके फॉर्मासिस्ट पिता बिहारी लाल राजपूत का हिमाचल प्रदेश के अलग-अलग जिलों में ट्रांसफार हुआ। नादौन से दसवीं (मैट्रिक) फिर पंजाबी यूनिवर्सिटी से बीए प्रथम वर्ष के आगे पढ़ाई रह गई। पिता को कई किलोमीटर पैदल चल फॉर्मासिस्ट के तौर पर सेवाएं देते देखा तो खुद भी लोगों की सेवा करने का जनून आया। सनोडन अस्पताल शिमला में जीएनएम ट्रेनिंग में नाम लिखवा दिया, जहां परीक्षा में अव्वल रही। चार साल नर्सिंग की बारीकियां सीखी। वर्ष 1975 में धर्मशाला के सरकारी अस्पताल में नौकरी लगी, जहां 1980 तक काम किया। यमुनानगर में बिजली निगम के चीफ ड्रॉफ्ट मैन दर्शन लाल धवन से शादी हुई, यहां नर्सिंग जारी रखने को फैमिली प्लानिंग एसोसिएशन को चुना। यहां सरकारी नौकरी से कम वेतन होने पर भी 38 साल सर्विस की। शहर समेत मुंबई, दिल्ली, अहमदाबाद में भी नर्सिंग पर लेक्चर दे चुकी हैं।
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