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Yamuna Nagar News: किस्तों के फेर में फंसे पात्रों के आवास

Sat, 25 Jan 2025 02:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Sat, 25 Jan 2025 02:11 AM IST
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Residences of characters stuck in installments
राहुल शर्मा
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यमुनानगर। पक्के घर की आस ने किरायेदार तो किसी को कर्जदार बना दिया पर वर्षों बाद भी उन्हें मिलने वाले आवास किस्तों के फेर में अटक गए हैं। यह हालत पीएम आवास योजना के लाभपात्रों का है। योजना के तहत काफी पात्रों को छह माह से एक साल बाद भी दूसरी व तीसरी किस्त जारी नहीं हो पाई है।
नगर निगम यमुनानगर जगाधरी के अंतर्गत अकेले वार्ड 18 में दस से अधिक मामले सामने आए हैं, वहीं अन्य कई वार्डों में भी पूर्व व निवर्तमान पार्षद योजना की दूसरी व तीसरी किस्त पात्रों को न मिलने के आरोप लगा रहे हैं। वार्ड 18 से पूर्व पार्षद एवं निवर्तमान पार्षद के प्रतिनिधि कर्मवीर गाेंदवाल ने बताया कि साल 2014 में केंद्र व प्रदेश में जब भाजपा सरकार बनी तो 2022 तक पक्का घर उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) शुरू की गई। इसके तहत किरायेदार व कच्चे घर में रह रहे लोगों को पक्का घर बनाने के लिए ढाई लाख रुपये दिए जाते हैं। यह राशि तीन किस्तों में मिलती है। इसमें पहली किस्त नींव भरने, दूसरी दीवारें बनवाने और तीसरी छत बनवाने के लिए होती है।
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वार्ड 18 से भी काफी लोगों ने योजना में आवेदन किए। इस पर उन्हें सेंक्शन लेटर दिए गए। ये लोग अपने कच्चे मकान तोड़ किराये पर रहने लगे और पहली किस्त की आस में नीवें भरवाईं लेकिन दूसरी व तीसरी किस्त के लिए फार्म जमा करने के छह माह से लेकर एक साल बाद भी पात्र परिवारों को दूसरी व तीसरी किस्त नहीं मिली है। ऐसे ही मंडेबर से किरण देवी, जोगेंद्र देवी, अमर सिंह, अमरजीत, कमल नगर से सुरेंद्र सिंह, जामपुर से रणजीत, औरंगाबाद से उषा, शशि, जसवंत की तीसरी किस्त नहीं आई और औरंगाबाद के मलकीत की दूसरी किस्त नहीं आई है।
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इस तरह किस्त समय पर न मिलने से पक्का मकान मिलना तो दूर काफी परिवारों के सिर से उनकी कच्ची छत भी छिन गई है। किसी के घर की नींव ही भर पाई है तो कई के घर में अधूरी दीवारें खड़ी हैं। साथ ही वह किराए के मकान में रहने को मजबूर है। योजना के तहत मिलने वाली राशि से अधिक तो लोग किराये के मकानों में किराया दे चुके हैं। कई लोग नीवें भरने या दीवारें बनने के लिए कर्ज ले चुके हैं। ये लोग लगातार उनके पास आ रहे हैं और पूछ रहे हैं कि किस्तें कब जारी होगी। इस पर निगम अफसरों की ओर से भी स्थिति स्पष्ट नहीं की जा रही। कर्मवीर गोंदवाल ने आरोप लगाया कि नगर निगम के कन्हैया साहिब चौक स्थित कार्यालय में बैठे जिन अफसरों व कर्मचारियों पर योजना के कार्यों का जिम्मा है, उनकी लापरवाही से योजना के पात्रों को ऐसे हालात देखने पड़े। ऐसे में सरकार को मामले की जांच करानी चाहिए और जो भी अफसर व कर्मचारी जिम्मेदार पाया जाता है, उस पर कार्रवाई की जाए। साथ ही योजना के तहत जारी होने वाली तीनों किस्तों का समय निर्धारित किया जाए। संवाद

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वर्जन-
मामले में संबंधित अफसर से बात करेंगे। योजना बारे पूरी रिपोर्ट लेंगे। किस्त जारी होने में कहां रुकावट आ रही है, इसका पता कर जल्द समस्या के समाधान के निर्देश देंगे।
- आयुष सिन्हा, आयुक्त, नगर निगम।
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