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दो साल से धूल फांक रहा रेडक्रॉस के फिजियोथेरेपी सेँटर का सामान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 03 May 2022 02:21 AM IST
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Red Cross's Physiotherapy Center's stuff gathering dust for two years
रेडक्रॉस के पुनर्वास केंद्र में धूल फांक रहा फिजियोथेरेपी का सामान व मशीन। - फोटो : Yamuna Nagar
यमुनानगर। जरूरतमंद लोगों के लिए जिला रेडक्रॉस सोसायटी द्वारा शुरू किए गए फिजियोथेरेपी सेंटर की मशीनें व सामान दो साल से धूल फांक रहा है। यह सामान बस स्टैंड यमुनानगर के निकट स्थित दिव्यांग पुनर्वास केंद्र में पड़ा है। सामान व मशीनों को लंबे समय से कपड़े से साफ तक नहीं किया गया है। लोग फिजियोथेरेपी कराने के लिए आते हैं, लेकिन वहां फिजियोथेरेपिस्ट न मिलने से वह वापस लौट जाते हैं। मजबूरी में उन्हें सिविल अस्पताल में जाना पड़ता है या फिर प्राइवेट सेंटर में 100 से 200 रुपये एक बार के लिए चुकाने पड़ते हैं।
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जिला रेडक्रॉस सोसायटी की तरफ से सिविल अस्पताल जगाधरी में फिजियोथेरेपी सेंटर चलाया जा रहा था। एक मरीज का उपचार करने की एवज में मात्र 25 रुपये ही लिए जाते थे। दो साल पहले स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल में अपना फिजियोथेरेपी सेंटर खोल दिया। अस्पताल ने रेडक्रॉस सोयायटी का सामान व मशीने वहां से उठवा कर कमरा खाली करवा दिया। इस सेंटर को चलाने के लिए सोसायटी की तरफ से बकायदा एक फिजियोथेरेपिस्ट भी रखा हुआ है। इस सेंटर का रोजाना दर्जनों लोगों को काफी लाभ मिल रहा था। मौजूदा दौर में बहुत से लोगों को ऐसी बीमारी होती है जो कि दवाइयों से नहीं जाती। अगर जाती है तो भी उसके ऊपर बहुत ज्यादा खर्च होता है। मानसिक तनाव, घुटनों में दर्द, पीठ दर्द, जोड़ों में दर्द जैसी समस्याओं के समाधान के लिए कुछ लोग फिजियोथेरेपी के माध्यम से उपचार कराना पसंद करते हैं।
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पुनर्वास केंद्र में पड़ी हैं मशीनें
अस्पताल से सामान को उठवा कर दिव्यांग पुनर्वास केंद्र में रखवा दिया। जब यह सामान अस्पताल से उठाया गया था तो उसके बाद कोरोना महामारी फैल गई। जिस कारण इसे चलाया नहीं जा सका। इसके बाद बीमारी ठीक हुई तो इसे रेडक्रॉस ने शुरू करने की जहमत नहीं उठाई। निजी सेंटरों में एक विजिट के 100 से 200 रुपये लिए जाते हैं। लोगों को मजबूरी में वहां जाना पड़ता है। यदि रेडक्रॉस इस सेंटर को चला दे तो केवल 25 रुपये में ही उपचार मिल सकता है।
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इसकी जानकारी नहीं है: सुनील कुमार
जिला रेडक्रॉस सचिव सुनील कुमार का कहना है कि फिजियोथेरेपी सेंटर से लोगों को उपचार नहीं मिल रहा इसकी जानकारी नहीं है। इसका पता कर इसे दोबारा चलाया जाएगा
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