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Yamuna Nagar News: प्ले-वे स्कूलों पर कार्रवाई की सिफारिश ठंडे बस्ते में
Tue, 25 Jun 2024 05:56 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Tue, 25 Jun 2024 05:56 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। शिक्षा विभाग टीम ने करीब दो महीने पहले शहर के बीच चल रहे प्ले-वे स्कूलों का निरीक्षण किया गया था। जिला शिक्षा अधिकारी के नेतृत्व वाली टीम ने शहर के पांच प्ले-वे स्कूलों का निरीक्षण किया था और सभी में अनियमितताएं पाई गईं थीं। न दो महीने बाद भी इन स्कूलों पर अभी तक कार्रवाई नहीं हो पाई है।
हालांकि प्ले-वे स्कूल जिला शिक्षा विभाग के नहीं बल्कि महिला एवं बाल विकास विभाग के अधीन आते हैं। निरीक्षण के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने इन पांच स्कूलों में मिली कमियों की रिपोर्ट बनाकर महिला एवं बाल विकास विभाग को भेज दी थी। परंतु विभाग ने अभी तक इन स्कूलों पर कार्रवाई नहीं की।
जिला शिक्षा अधिकारी सुमन बहमनी, उप जिला शिक्षा अधिकारी शिव कुमार धीमान ने टीम के साथ 19 अप्रैल को जगाधरी व यमुनानगर के पांच स्कूलों का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान स्कूल में जहां निजी प्रकाशकों की किताबें, नोटबुक व अन्य शैक्षणिक सामग्री बेची जा रही थी। वहीं एक स्कूल में बच्चे कक्षा में बंद मिले थे और स्टाफ वहां से गायब था। जिसकी अधिकारियों ने फोटो के साथ वीडियो तक बनाई थी।
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इस दौरान जगाधरी के विष्णु गार्डन स्थित बचपन स्कूल, प्रोफेसर कॉलोनी के लीटल लीजेंट मांटेसरी, प्रोफेसर कॉलोनी का शेमरॉक चाइल्डहुड, मॉडल टाउन के सेंट पीटर स्कूल और लीटल टीटन स्कूल का निरीक्षण किया। इस दौरान किसी स्कूल में सुरक्षा को लेकर कोई बंदोबस्त नहीं था। जिसके बाद पांचों स्कूलों को नोटिस जारी कर दिया गया। जिसके जवाब में स्कूलों ने कहा कि वे प्ले-वे चला रहे और शिक्षा विभाग के दायर से बाहर हैं।
इसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी की ओर से कार्रवाई के लिए मामला महिला एवं बाल विकास विभाग को भेज दिया गया था। परंतु अभी तक विभाग ने इस पर कार्रवाई नहीं की है। अभी गर्मी की छुट्टियां चल रही हैं, जिस कारण अभी कार्रवाई हो नहीं सकती है। ऐसे में यह मामला स्कूल खुलने तक लटक गया है।
जिला परियोजना अधिकारी बलजीत कौर ने कहा कि जिले के सभी प्ले-वे स्कूलों का निरीक्षण किया जा चुका है। विभाग की टीम ने सभी प्ले-वे की सूची बनाकर जांच की। कई स्कूलों के पंजीकरण भी रोक दिए गए हैं, ताकि वे अपनी कमियां पूरी कर लें। शिक्षा विभाग की ओर से भेजे मामलों के संदर्भ में भी पांचों स्कूलों से जवाब मांगा गया है।
इसके अलावा सभी प्ले-वे को भी नोटिस जारी किया गया है। डीपीओ ने बताया सभी स्कूलों की उनकी क्षमता, स्थान, पंजीकरण के आधार पर लिस्ट जारी तैयार की गई है। इस पर लगातार काम किया जा रहा है। जिन स्कूलों में कमियां मिली हैं, उन्हें नोटिस देकर कमियां दूर करने का समय दिया गया है। यदि इसमें सुधार नहीं होता ऐसे स्कूल बंद किए जाएंगे।
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जगाधरी। शिक्षा विभाग टीम ने करीब दो महीने पहले शहर के बीच चल रहे प्ले-वे स्कूलों का निरीक्षण किया गया था। जिला शिक्षा अधिकारी के नेतृत्व वाली टीम ने शहर के पांच प्ले-वे स्कूलों का निरीक्षण किया था और सभी में अनियमितताएं पाई गईं थीं। न दो महीने बाद भी इन स्कूलों पर अभी तक कार्रवाई नहीं हो पाई है।
हालांकि प्ले-वे स्कूल जिला शिक्षा विभाग के नहीं बल्कि महिला एवं बाल विकास विभाग के अधीन आते हैं। निरीक्षण के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने इन पांच स्कूलों में मिली कमियों की रिपोर्ट बनाकर महिला एवं बाल विकास विभाग को भेज दी थी। परंतु विभाग ने अभी तक इन स्कूलों पर कार्रवाई नहीं की।
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जिला शिक्षा अधिकारी सुमन बहमनी, उप जिला शिक्षा अधिकारी शिव कुमार धीमान ने टीम के साथ 19 अप्रैल को जगाधरी व यमुनानगर के पांच स्कूलों का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान स्कूल में जहां निजी प्रकाशकों की किताबें, नोटबुक व अन्य शैक्षणिक सामग्री बेची जा रही थी। वहीं एक स्कूल में बच्चे कक्षा में बंद मिले थे और स्टाफ वहां से गायब था। जिसकी अधिकारियों ने फोटो के साथ वीडियो तक बनाई थी।
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इस दौरान जगाधरी के विष्णु गार्डन स्थित बचपन स्कूल, प्रोफेसर कॉलोनी के लीटल लीजेंट मांटेसरी, प्रोफेसर कॉलोनी का शेमरॉक चाइल्डहुड, मॉडल टाउन के सेंट पीटर स्कूल और लीटल टीटन स्कूल का निरीक्षण किया। इस दौरान किसी स्कूल में सुरक्षा को लेकर कोई बंदोबस्त नहीं था। जिसके बाद पांचों स्कूलों को नोटिस जारी कर दिया गया। जिसके जवाब में स्कूलों ने कहा कि वे प्ले-वे चला रहे और शिक्षा विभाग के दायर से बाहर हैं।
इसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी की ओर से कार्रवाई के लिए मामला महिला एवं बाल विकास विभाग को भेज दिया गया था। परंतु अभी तक विभाग ने इस पर कार्रवाई नहीं की है। अभी गर्मी की छुट्टियां चल रही हैं, जिस कारण अभी कार्रवाई हो नहीं सकती है। ऐसे में यह मामला स्कूल खुलने तक लटक गया है।
जिला परियोजना अधिकारी बलजीत कौर ने कहा कि जिले के सभी प्ले-वे स्कूलों का निरीक्षण किया जा चुका है। विभाग की टीम ने सभी प्ले-वे की सूची बनाकर जांच की। कई स्कूलों के पंजीकरण भी रोक दिए गए हैं, ताकि वे अपनी कमियां पूरी कर लें। शिक्षा विभाग की ओर से भेजे मामलों के संदर्भ में भी पांचों स्कूलों से जवाब मांगा गया है।
इसके अलावा सभी प्ले-वे को भी नोटिस जारी किया गया है। डीपीओ ने बताया सभी स्कूलों की उनकी क्षमता, स्थान, पंजीकरण के आधार पर लिस्ट जारी तैयार की गई है। इस पर लगातार काम किया जा रहा है। जिन स्कूलों में कमियां मिली हैं, उन्हें नोटिस देकर कमियां दूर करने का समय दिया गया है। यदि इसमें सुधार नहीं होता ऐसे स्कूल बंद किए जाएंगे।