{"_id":"1f8bf16e0a4efc7f291e157177a6558a","slug":"rain-ymn-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सावन के पहले दिन झमाझम बारिश ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सावन के पहले दिन झमाझम बारिश
अमर उजाला ब्यूरो, यमुनानगर
Updated Sun, 02 Aug 2015 12:08 AM IST
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अगस्त के पहले दिन जिले भर में बरसात हुई। छछरौली और बिलासपुर में सबसे अधिक बरसात होने से यहां कई एकड़ फसल जलमग्न हो गई। फसलों के लिए इस बरसात को काफी लाभदायक माना जा रहा है। उधर, पहाड़ों पर बारिश होने से यमुना नदी का जलस्तर शनिवार को 49 हजार क्यूसेक तक पहुंच गया।
कृषि विभाग के मुताबिक सुबह आठ बजे तक जिले के सभी खंडों में बारिश हुई। इस दौरान बिलासपुर में 41 मिलीमीटर, छछरौली में 22 एमएम, जगाधरी में 14 एमएम, साढौरा में 15 एमएम, मुस्तफाबाद में चार और रादौर में चार एमएम बारिश दर्ज की गई।
बिलासपुर और छछरौली में अधिक बरसात होने से यहां खेत पानी से लबालब हो गए। बता दें कि जुलाई में कई दिन तक बारिश न होने से किसान अपनी फसलों को जेनरेटर से पानी दे रहे थे। शनिवार को जिले भर में बरसात होने से अगले दो-तीन दिन तक धान और गन्ने की फसल को पानी की जरूरत नहीं पड़ेगी।
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यमुना नदी के कैचमेंट एरिया में बारिश होने से शनिवार को यमुना नदी का जलस्तर बढ़ गया। हालांकि यह बाढ़ के निशान तक नहीं पहुंच पाया। सिंचाई विभाग के मुताबिक सुबह से ही यमुना नदी में पानी बढ़ने लगा। हथिनी कुंड बैराज पर 10 बजे यमुना का जलस्तर 256785 क्यूसेक रिकार्ड किया गया।
दोपहर एक बजे तक जलस्तर 49 हजार क्यूसेक तक पहुंच गया। लेकिन इसके बाद पानी घटना शुरू हो गया और शाम चार बजे 23708 क्यूसेक पानी रह गया। यमुना का जलस्तर बढ़ने से हरियाणा की ओर बहने वाली पश्चिमी यमुना नहर और उत्तरप्रदेश की ओर बहने वाली पूर्वी यमुना नहर को उनकी मांग के अनुसार पानी मिलता रहा। शनिवार को पश्चिमंी यमुना नहर में पानी की मांग 17 हजार क्यूसेक और पूर्वी यमुना नहर में तीन हजार क्यूसेक थी।
छछरौली के एक दर्जन गांवों में फसलें जलमग्न
छछरौली में गांव भंगेड़ा, मुजाफत, टिहमो, कड़कौली, लाहसाबाद, हाफिजपुर, हाफजी, दसौरा, दसौरी, याकूबपुर, डमौली माजरा, रायपुर, तारूवाला व बलौली में सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न हो गई। वहीं सुबह इन गांवों की सड़कों में भी जलभराव हो गया, जो कई घंटों बाद उतरा। क्षेत्र की अधिकतर सड़कें पहले ही खस्ताहाल हैं। बारिश से इनकी हालत और अधिक खराब हो गई है। खिजराबाद से बिलासपुर की ओर जाने वाली सड़क की हालत काफी खराब हो चुकी है।
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कृषि विभाग के मुताबिक सुबह आठ बजे तक जिले के सभी खंडों में बारिश हुई। इस दौरान बिलासपुर में 41 मिलीमीटर, छछरौली में 22 एमएम, जगाधरी में 14 एमएम, साढौरा में 15 एमएम, मुस्तफाबाद में चार और रादौर में चार एमएम बारिश दर्ज की गई।
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बिलासपुर और छछरौली में अधिक बरसात होने से यहां खेत पानी से लबालब हो गए। बता दें कि जुलाई में कई दिन तक बारिश न होने से किसान अपनी फसलों को जेनरेटर से पानी दे रहे थे। शनिवार को जिले भर में बरसात होने से अगले दो-तीन दिन तक धान और गन्ने की फसल को पानी की जरूरत नहीं पड़ेगी।
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यमुना नदी के कैचमेंट एरिया में बारिश होने से शनिवार को यमुना नदी का जलस्तर बढ़ गया। हालांकि यह बाढ़ के निशान तक नहीं पहुंच पाया। सिंचाई विभाग के मुताबिक सुबह से ही यमुना नदी में पानी बढ़ने लगा। हथिनी कुंड बैराज पर 10 बजे यमुना का जलस्तर 256785 क्यूसेक रिकार्ड किया गया।
दोपहर एक बजे तक जलस्तर 49 हजार क्यूसेक तक पहुंच गया। लेकिन इसके बाद पानी घटना शुरू हो गया और शाम चार बजे 23708 क्यूसेक पानी रह गया। यमुना का जलस्तर बढ़ने से हरियाणा की ओर बहने वाली पश्चिमी यमुना नहर और उत्तरप्रदेश की ओर बहने वाली पूर्वी यमुना नहर को उनकी मांग के अनुसार पानी मिलता रहा। शनिवार को पश्चिमंी यमुना नहर में पानी की मांग 17 हजार क्यूसेक और पूर्वी यमुना नहर में तीन हजार क्यूसेक थी।
छछरौली के एक दर्जन गांवों में फसलें जलमग्न
छछरौली में गांव भंगेड़ा, मुजाफत, टिहमो, कड़कौली, लाहसाबाद, हाफिजपुर, हाफजी, दसौरा, दसौरी, याकूबपुर, डमौली माजरा, रायपुर, तारूवाला व बलौली में सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न हो गई। वहीं सुबह इन गांवों की सड़कों में भी जलभराव हो गया, जो कई घंटों बाद उतरा। क्षेत्र की अधिकतर सड़कें पहले ही खस्ताहाल हैं। बारिश से इनकी हालत और अधिक खराब हो गई है। खिजराबाद से बिलासपुर की ओर जाने वाली सड़क की हालत काफी खराब हो चुकी है।