{"_id":"5f3c32978ebc3e3d0a3b12c2","slug":"rain-water-entered-in-house-in-city-yamuna-nagar-news-knl41172166","type":"story","status":"publish","title_hn":"शहर की निचली कॉलोनियों में बने घरों में घुसा पानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शहर की निचली कॉलोनियों में बने घरों में घुसा पानी
विज्ञापन
बाढ़ में डूबा प्रतापनगर स्थित मंदिर।
- फोटो : Yamuna Nagar
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बादल पानी बरसा के भले ही थम गए हों, लेकिन अब लोगों के आंखों से पानी निकाल रहा है। पहाड़ों व मैदानी क्षेत्रों में बादलों से बरस रहा पानी लोगों के लिए आफत बन गया है। तीन दिन हुई मूसलाधार बारिश के बाद आए नदियों में आए पानी शहर व गांव में पानी भर गया है। मंगलवार को कम बारिश के बावजूद गलियों व कॉलोनियों में दो से तीन फीट पानी भर गया। वहीं बाढ़ प्रभावित गांवों में हालात और अधिक बदतर हो गए।
तीन दिन में जिले में भारी बारिश हुई है। वहीं कैचमैंट एरिया में अभी भी भारी बारिश की संभावना जताई जा रही है। इससे यमुना सहित सभी नदियों के आसपास के क्षेत्र में अलर्ट कर दिया गया है। अधिकारी और कर्मचारी बचाव कार्यों में जुट हैं। बाढ़ के कारण जो तबाही हुई है। उसका मंजर पानी उतरने के बाद दिखाई दे रहा है। बाढ़ सैकड़ों लोगों के पास अपनी बर्बादी के निशां छोड़ गई है। मंगलवार सुबह चार बजे शुरू हुई बारिश पांच बजे तक तेज हो गई। आठ बजे तक झमाझम बादल बरसे। सोमवार को पानी भरने के दौरान सामान संभालने के बाद गहरी नींद में सो रहे लोगों पर फिर से आफत आ गई। निचली कॉलोनियां जलमय हो गई। फिर से लोग पानी निकासी और भीतर घुसने से रोकने के प्रयासों में जुट गए।
पानी भरे से लोगों में भारी रोष
जगाधरी में दूसरे दिन भी बारिश के बाद पानी भरा। लोगों को काफी परेशान होना पड़ा। घरों में पानी घुसने पर लोग सामान बचाने में जुटे रहे। शर्मा टैंट से डीडी अग्रवाल स्कूल को जाने वाली सड़क पर तीन-तीन फीट तक पानी भर गया। वहीं गांधी मार्ग से पुलिस चौकी जगाधरी पर भी पानी भरा। यहां जल भराव की समस्या नालों की सफाई और व्यवस्थित सफाई न होना है। जल भराव के कारण लोगों में भारी रोष है। लोगों का कहना है कि आए साल नाला सफाई का काम अधर में छोड़ा दिया जाता है। जिस कारण लोगों को यह समस्या आती है।
विज्ञापन
दुकानों में भरा पानी
सबसे ज्यादा समस्या दुकानदारों को हुई। सोमवार को बंद के कारण दुकानें नहीं खुली। सोमवार अल सुबह मूसलाधार बारिश के बाद पूरा शहर डूब गया। ऐसे में दुकानदार माल बचाने के लिए दुकानों की ओर दौड़े। मंगलवार को भी तेज बारिश में लोगों को दुकान की चिंता होने लगी। हाल चाल जानने के लिए वे सुबह ही दुकानों पर पहुंच गए। कईं दुकानदारों का काफी नुकसान हुआ।
तीन दिन में यहां हुई इतनी बारिश
यमुनानगर 03 82 22
छछरौली 00 71 16
बिलासपुर 08 80 00
साढ़ौरा 50 72 04
सरस्वतीनगर 05 12 08
रादौर 00 15 31
प्रतापनगर 11 35 00
विज्ञापन
तीन दिन में जिले में भारी बारिश हुई है। वहीं कैचमैंट एरिया में अभी भी भारी बारिश की संभावना जताई जा रही है। इससे यमुना सहित सभी नदियों के आसपास के क्षेत्र में अलर्ट कर दिया गया है। अधिकारी और कर्मचारी बचाव कार्यों में जुट हैं। बाढ़ के कारण जो तबाही हुई है। उसका मंजर पानी उतरने के बाद दिखाई दे रहा है। बाढ़ सैकड़ों लोगों के पास अपनी बर्बादी के निशां छोड़ गई है। मंगलवार सुबह चार बजे शुरू हुई बारिश पांच बजे तक तेज हो गई। आठ बजे तक झमाझम बादल बरसे। सोमवार को पानी भरने के दौरान सामान संभालने के बाद गहरी नींद में सो रहे लोगों पर फिर से आफत आ गई। निचली कॉलोनियां जलमय हो गई। फिर से लोग पानी निकासी और भीतर घुसने से रोकने के प्रयासों में जुट गए।
विज्ञापन
पानी भरे से लोगों में भारी रोष
जगाधरी में दूसरे दिन भी बारिश के बाद पानी भरा। लोगों को काफी परेशान होना पड़ा। घरों में पानी घुसने पर लोग सामान बचाने में जुटे रहे। शर्मा टैंट से डीडी अग्रवाल स्कूल को जाने वाली सड़क पर तीन-तीन फीट तक पानी भर गया। वहीं गांधी मार्ग से पुलिस चौकी जगाधरी पर भी पानी भरा। यहां जल भराव की समस्या नालों की सफाई और व्यवस्थित सफाई न होना है। जल भराव के कारण लोगों में भारी रोष है। लोगों का कहना है कि आए साल नाला सफाई का काम अधर में छोड़ा दिया जाता है। जिस कारण लोगों को यह समस्या आती है।
विज्ञापन
दुकानों में भरा पानी
सबसे ज्यादा समस्या दुकानदारों को हुई। सोमवार को बंद के कारण दुकानें नहीं खुली। सोमवार अल सुबह मूसलाधार बारिश के बाद पूरा शहर डूब गया। ऐसे में दुकानदार माल बचाने के लिए दुकानों की ओर दौड़े। मंगलवार को भी तेज बारिश में लोगों को दुकान की चिंता होने लगी। हाल चाल जानने के लिए वे सुबह ही दुकानों पर पहुंच गए। कईं दुकानदारों का काफी नुकसान हुआ।
तीन दिन में यहां हुई इतनी बारिश
यमुनानगर 03 82 22
छछरौली 00 71 16
बिलासपुर 08 80 00
साढ़ौरा 50 72 04
सरस्वतीनगर 05 12 08
रादौर 00 15 31
प्रतापनगर 11 35 00