फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Yamuna Nagar News ›   Rain is over, no drought, crops filled with water

Yamuna Nagar News: बारिश खत्म, नहीं सूखा फसलों में भरा पानी

Sun, 01 Oct 2023 01:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Sun, 01 Oct 2023 01:36 AM IST
विज्ञापन
Rain is over, no drought, crops filled with water
नवाब खान
विज्ञापन

प्रतापनगर। बारिश का सीजन खत्म होने के बाद भी फसलों से पानी सूखने का नाम नहीं ले रहा है। ऐसे में किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है क्योंकि धान की फसल के साथ-साथ खेतों में खड़े पेड़ भी बाढ़ के पानी की भेंट चढ़ गए। ऐसे में किसानों को दोहरा नुकसान हो रहा है। किसानों ने सरकार से उचित मुआवजे की मांग की है।
बक्करवाला, मेघुवाला, भंगेड़ी, भंगेड़ा, लहासाबाद, तिहमों, कड़कौली, हाजी हाफिजपुर, रायपुर डमौली, तारूवाला, बलौली, ऊर्जनी, याकूबपुर, शेरपुर, सिंहपुर, शेखुपुरा, तिहानो, हडौली, खानपुर, सलेमपुर खादर समेत सैकड़ों गांवों की फसलों में आज भी बारिश का पानी भरा खड़ा है।
विज्ञापन

किसान शराफत अली कोटड़ा, मशरूफ, शराफत अली, शमशाद, मुस्तकीम, दिलशाद का कहना है कि उनके गांव व आसपास क्षेत्र की सैकड़ों एकड़ फैसले पानी में डूबी खड़ी है। पहाड़ों से बहने वाली नदियों का सारा पानी उनके गांव में आसपास के गांवों की फसलों में घुस गया था। जहां से पानी निकासी का कोई इंतजाम नहीं है और अब फसलें पूरी तरह से गल चुकी हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

सैकड़ों एकड़ फसलें पानी में डूब गई। सरकार की तरफ से कुछ जगहों पर पटरी तो बांधी गई, लेकिन पानी निकासी का कोई स्थाई इंतजाम नहीं किया गया। जिस कारण उनके फसलें बर्बाद हो रही हैं। उन्होंने सरकार से दोबारा से स्पेशल गिरदावरी करके मुआवजे की मांग की है।
किसानों का कहना है कि बारिश का सीजन खत्म हो चुका है, लेकिन उनकी फसलों में आज भी पानी जमा है। जिससे फसलें व पेड़ पूरी तरह से गल चुके हैं। ऐसे में किसानों का करोड़ों रुपये का नुकसान हो गया है, लेकिन सरकार की तरफ से मुआवजे के नाम पर मजाक किया जाता है। किसानों ने सरकार से एक बार फिर स्पेशल गिरदावरी कर मुआवजे की मांग की है। संवाद


क्षतिपूर्ति पोर्टल पर करें आवेदन : कानूनगो
कानूनगो लियाकत अली ने बताया कि सरकार की तरफ से क्षतिपूर्ति पोर्टल चालू किया गया है। बारिश में गिरे मकान, दुकान या किसान की खराब हुई फसल का ब्यौरा फसल पोर्टल पर आवेदन करने के बाद नुकसान का सत्यापन डीसी की अध्यक्षता वाली कमेटी करेगी। क्षतिपूर्ति पोर्टल पर किसान अपनी खराब हुई फसल का ब्योरा डाल सकते हैं, जिस गांव में फसल खराब हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed