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शहर आने के लिए हर रोज जिंदगी को दांव पर लगा रहे लोग

Tue, 08 Sep 2015 12:07 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला यमुनानगर
ब्यूरो/अमर उजाला यमुनानगर Updated Tue, 08 Sep 2015 12:07 AM IST
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पुराना रादौर रोड स्थित रेलवे फाटक पर फ्लाईओवर या अंडरब्रिज शहर की अहम जरूरत है। इस मांग को लेकर व्यापारिक संगठन एक दशक से संघर्ष कर रहे हैं, बावजूद इसके शहर को यह सौगात नहीं मिल पाई।
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इसके अभाव में लाइन पार बसे हजारों लोगों को रोजाना रेलवे फाटक पर जाम की दिक्कत झेलनी पड़ती है वहीं, फाटक बंद होने पर रेलवे कॉसिंग करते वक्त कई लोगों की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो जाती है। फाटक पर सुबह-शाम जाम रहने के साथ हादसों का ग्राफ भी निरंतर बढ़ रहा है, किंतु रेलवे व सरकार की ओर से इस दिशा में सुधार के लिए कोई कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
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बता दें कि शहर को रेलवे स्टेशन के पार के इलाके से जोड़ने के लिए पुराना रादौर रोड पर रेलवे फाटक क्रासिंग मुख्य मार्ग है। लाइन पार की दर्जनों कॉलोनियों व गांवों के लोग तथा औद्योगिक इकाइयों के वाहन रोजाना इसी मार्ग से शहर आते-जाते हैं।
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इंडस्ट्रियल एरिया में आने-जाने वाले भारी वाहन भी रेलवे फाटक से होकर गुजरते हैं। इस कारण फाटक बंद होते ही पुराना रादौर रोड बाजार, इंडस्ट्रियल एरिया और सहारनपुर रोड तक वाहनों की कतार लग जाती है। जाम की स्थिति बन जाती है।

इस बीच स्कूल-कॉलेज जाने वाले विद्यार्थी व नौकरीपेशा लोग फंस जाते हैं। रेलवे फाटक बंद होने के बावजूद राहगीर व बाइक, स्कूटर व रिक्शा चालक उसके नीचे से निकलते हैं, जिससे हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है। कई लोगों की ट्रेन की चपेट में आने से मौत भी हो चुकी है।

रेलवे पुलिस के मुताबिक रेलवे क्रासिंग के दौरान हर साल लगभग 8-10 व्यक्ति ट्रेन की चपेट में आकर अपनी जान गंवा बैठते हैं। रेलवे कानूनों के मुताबिक बंद रेलवे फाटक के नीचे से गुजरना जुर्म है, लेकिन रेलवे प्रशासन भी कानून तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई से गुरेज करता नजर आ रहा है।

सिरे नहीं चढ़ पाई पुल बनाने की कवायद
रादौर रोड रेलवे क्रासिंग के ऊपर फ्लाईओवर या फिर अंडरब्रिज बनाने के लिए करीब तीन साल पहले कवायद शुरू की गई थी। तब प्रदेश सरकार ने ब्रिज की निर्माण में दिलचस्पी दिखाई और इसके बाद पीडब्ल्यूडी विभाग की ओर से इसके निर्माण कार्य की संभावनाएं भी तलाशीं लेकिन पीडब्ल्यूडी ने अपनी रिपोर्ट में रादौर रोड बाजार के कारण ब्रिज के निर्माण को सिरे से नकार दिया। इस पर व्यापारिक संगठनों की ओर से इंडस्ट्रियल एरिया से सहारनपुर रोड तक पुल के निर्माण की मांग की जा रही है, किंतु इस पर रेलवे व सरकार की ओर से फिलहाल कोई कदम नहीं उठाया जा सका है।

दुकानों व औद्योगिक इकाइयों को नुकसान पहुंचाए बिना हो पुल का निर्माण
रादौर रोड बाजार के दुकानदार भी चाहते हैं कि रेलवे फाटक पर फ्लाईओवर या अंडरब्रिज का निर्माण कराया जाए। उनका कहना है कि रेलवे व सरकार कुछ ऐसा रास्ता निकाले कि दुकानों व औद्योगिक इकाइयों को नुकसान पहुुंचाए बिना पुल का निर्माण हो जाए। जिससे रादौर रोड के रेलवे फाटक पर रोज की जाम की दिक्कत के साथ हादसों के ग्राफ पर भी अंकुश लग पाए।

व्यापारियों के सुझाव
हरियाणा उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेशाध्यक्ष और रादौर रोड बाजार के व्यापारी महेंद्र मित्तल का कहना है कि यदि रादौर रोड से ब्रिज के निर्माण में दिक्कत है, तो इंडस्ट्रियल एरिया की ओर से पुल का निर्माण किया जा सकता है।
व्यापारी प्रवीण वर्मा का कहना है कि रेलवे फाटक पर भारी वाहनों की वजह से जाम लगता है। अगर दिन के समय क्रॉसिंग से भारी वाहनों के गुजरने पर प्रतिबंध लगे तो जाम की समस्या दूर हो सकती है।

व्यापारी महिंद्र गोयल का कहना है कि रेलवे फाटक बंद होने के समय नीचे से गुजरने वालों के खिलाफ रेलवे कार्रवाई करे तो इससे दूसरों को सीख मिलेगी और दुर्घटनाओं पर भी अंकुश लगेगा।


व्यापारी संजय मित्तल का कहना है कि रेलवे फाटक से लकड़ी व प्लाई पत्ता से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के आने-जाने से जाम लगता है और दुर्घटना की संभावना बनी रहती है। रेलवे क्रॉसिंग से इनके आने-जाने पर रोक लगनी चाहिए।
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