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खेतों में पानी भरने पर भड़के किसान
अमर उजाला ब्यूरो/यमुनानगर
Updated Fri, 01 Aug 2014 12:33 AM IST
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जठलाना। गांव छोटाबांस में पश्चिमी यमुना नहर की पटरी से लगती करीब 50 एकड़ धान और गन्ने की फसल में बुधवार की रात पानी घुस गया।
नहर का पानी पटरी से लगती पाइप के जरिए खेतों में घुसा, जिससे किसानों को लाखों का नुकसान होने का अनुमान है। गुस्साए किसानों ने सरपंच दलीप सिंह रींकू के नेतृत्व में नहरी विभाग और सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रोष व्यक्त किया।
ग्रामीणों का आरोप है कि खेतों में पानी घुसने की शिकायत के बावजूद नहरी विभाग का कोई अधिकारी व कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। सूचना पाकर प्रशासन की ओर से नायब तहसीलदार चेतना चौधरी, बीडीपीओ राजबीर सिंह, पंचायत अधिकारी अंग्रेज सिंह मोर, पटवारी संजीव शर्मा जठलाना मौके का मुआयना करने पहुंचे।
किसानों का कहना है कि नहरी विभाग के अधिकारियों के कारण उनकी फसलों को नुकसान पहुंचा है, जिसको लेकर वह अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे और सरकार से प्रति एकड़ 40 हजार रुपये मुआवजे की मांग करेंगे। गांव छोटाबांस के सरपंच दलीप सिंह रींकू, जगमिंद्र सिंह, बिटू मलिक, करनैल सिंह, दिलबाग सिंह ने बताया कि नहरी विभाग द्वारा बरसाती पानी की निकासी के लिए गांव छोटाबांस में जेएमआईटी इंजीनियरिंग कॉलेज के पास एक बड़ा पाइप नहर की पटरी से अंदर डाला गया है।
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बुधवार को नहर में पानी अधिक छोड़े जाने के कारण पाइप के जरिए पानी खेतों में घुस गया। प्रभावित किसानों ने बताया कि उन्हें फसलें डूबने का पता वीरवार की सुबह उस समय लगा, जब वे अपने खेतों में पहुंचे। उन्होंने नहर विभाग के एक्सईएन को मामले की सूचना दी, लेकिन सूचना देने के बावजूद विभाग का कोई भी अधिकारी और कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा।
अधिकारियों को बुलाया, भेज दिया चौकीदार
किसानों का आरोप है कि विभाग के अधिकारियों को इसकी सूचना देने पर मौके पर कैनाल रेस्ट हाउस के चौकीदार को भेज दिया गया। बाद में लगभग दस बजे किसानों ने नहर के बीच जाकर बड़ी मशक्कत से नहर के पाइप को बंद किया। पानी बंद होने के बाद नायब तहसीलदार चेतना चौधरी और बीडीपीओ राजबीर सिंह मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। किसानों ने अधिकारियों के समक्ष फसलों के प्रभावित होने के बाबत मुआवजे की मांग की।
कोट
नहर के पानी से किसानों को लाखों का नुकसान हुआ है। जिसके लिए विभाग के अधिकारी जिम्मेदार हैं। हम न्याय के लिए जल्द अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे।
- दलीप सिंह रींकू, सरपंच, गांव छोटाबांस।
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नहर का पानी पटरी से लगती पाइप के जरिए खेतों में घुसा, जिससे किसानों को लाखों का नुकसान होने का अनुमान है। गुस्साए किसानों ने सरपंच दलीप सिंह रींकू के नेतृत्व में नहरी विभाग और सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रोष व्यक्त किया।
ग्रामीणों का आरोप है कि खेतों में पानी घुसने की शिकायत के बावजूद नहरी विभाग का कोई अधिकारी व कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। सूचना पाकर प्रशासन की ओर से नायब तहसीलदार चेतना चौधरी, बीडीपीओ राजबीर सिंह, पंचायत अधिकारी अंग्रेज सिंह मोर, पटवारी संजीव शर्मा जठलाना मौके का मुआयना करने पहुंचे।
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किसानों का कहना है कि नहरी विभाग के अधिकारियों के कारण उनकी फसलों को नुकसान पहुंचा है, जिसको लेकर वह अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे और सरकार से प्रति एकड़ 40 हजार रुपये मुआवजे की मांग करेंगे। गांव छोटाबांस के सरपंच दलीप सिंह रींकू, जगमिंद्र सिंह, बिटू मलिक, करनैल सिंह, दिलबाग सिंह ने बताया कि नहरी विभाग द्वारा बरसाती पानी की निकासी के लिए गांव छोटाबांस में जेएमआईटी इंजीनियरिंग कॉलेज के पास एक बड़ा पाइप नहर की पटरी से अंदर डाला गया है।
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बुधवार को नहर में पानी अधिक छोड़े जाने के कारण पाइप के जरिए पानी खेतों में घुस गया। प्रभावित किसानों ने बताया कि उन्हें फसलें डूबने का पता वीरवार की सुबह उस समय लगा, जब वे अपने खेतों में पहुंचे। उन्होंने नहर विभाग के एक्सईएन को मामले की सूचना दी, लेकिन सूचना देने के बावजूद विभाग का कोई भी अधिकारी और कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा।
अधिकारियों को बुलाया, भेज दिया चौकीदार
किसानों का आरोप है कि विभाग के अधिकारियों को इसकी सूचना देने पर मौके पर कैनाल रेस्ट हाउस के चौकीदार को भेज दिया गया। बाद में लगभग दस बजे किसानों ने नहर के बीच जाकर बड़ी मशक्कत से नहर के पाइप को बंद किया। पानी बंद होने के बाद नायब तहसीलदार चेतना चौधरी और बीडीपीओ राजबीर सिंह मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। किसानों ने अधिकारियों के समक्ष फसलों के प्रभावित होने के बाबत मुआवजे की मांग की।
कोट
नहर के पानी से किसानों को लाखों का नुकसान हुआ है। जिसके लिए विभाग के अधिकारी जिम्मेदार हैं। हम न्याय के लिए जल्द अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे।
- दलीप सिंह रींकू, सरपंच, गांव छोटाबांस।