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Yamuna Nagar News: वार्डबंदी ड्राफ्ट की सुझाव प्रक्रिया पर उठाए सवाल

Tue, 24 Dec 2024 12:45 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Tue, 24 Dec 2024 12:45 AM IST
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Questions raised on suggestion process of ward division draft
संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। नगर निगम यमुनानगर-जगाधरी की नई वार्डबंदी का ड्राफ्ट जारी करने से लेकर उस पर सुझाव व एतराज लेने की प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं। पूर्व पार्षदों का आरोप है कि गुपचुप तरीके से ड्राफ्ट जारी कर सुझाव व एतराज लेने की प्रक्रिया कम समय में खत्म कर दी गई। ऐसे में पूर्व पार्षद व अन्य लोग चाहकर भी ड्राफ्ट पर सुझाव व एतराज नहीं दे पाए, इसलिए ड्राफ्ट पर सुझाव व एतराज का दोबारा मौका देना चाहिए।
शहरी स्थानीय निकाय विभाग की ओर से नगर निगम यमुनानगर-जगाधरी की नई वार्डबंदी का ड्राफ्ट की प्रति सात जनवरी को नगर निगम यमुनानगर कार्यालय में चस्पाई दी गई थी। इस पर 16 दिसंबर तक सुझाव व एतराज मांगे गए। नई वार्डबंदी के ड्राफ्ट में भी वर्तमान की तरह वार्डों की संख्या 22 ही है, पर कई वार्डों के वर्तमान क्षेत्र नई वार्डबंदी के ड्राफ्ट में इधर-उधर किए गए हैं।
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इस पर कई पूर्व पार्षदों का एतराज है, वहीं कई पार्षद नई वार्डबंदी के ड्राफ्ट में प्रॉपर्टी मालिक के नाम के स्थान पर प्रॉपर्टी आईडी दिए जाने से नाराज हैं। ऐसे में कई पूर्व पार्षद वार्डबंदी के ड्राफ्ट पर सुझाव व एतराज देना चाहते हैं, पर इसके लिए तय की गई अवधि गत 16 दिसंबर को खत्म हो चुकी है।
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पूर्व पार्षद रामआसरा भारद्वाज, निर्मल चौहान, नीरज राणा ने बताया कि उनका कार्यकाल करीब एक साल पहले खत्म हो चुका है, पर लाल डोरा व आबादी देह में स्थित संपत्तियों पर दस साल से काबिज संपत्ति धारकों को संपत्ति प्रमाण पत्र देने की प्रक्रिया के लिए गठित कमेटियों में उन्हें चेयरमैन बनाया गया है।
ऐसे ही अन्य कई कामों में पूर्व पार्षदों को साथ लिया जा रहा है, पर आमजन तो दूर पूर्व पार्षदों को भी नई वार्डबंदी का ड्राफ्ट जारी करने से लेकर उस पर सुझाव व एतराज लेने की प्रक्रिया से दूर रखा गया, जबकि यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए। लेकिन नई वार्डबंदी का ड्राफ्ट गुपचुप तरीके से जारी किया गया। इस बारे में पूर्व पार्षदों को कई दिन बाद पता चला। ड्राफ्ट की प्रति शनिवार को छुट्टी के दिन नगर निगम कार्यालय में चस्पाई गई। इसके अगले दिन रविवार की छुट्टी रही। इन दो दिन सहित सुझाव व एतराज देने के लिए मिले कुल दस दिन में एक और दिन रविवार की छुट्टी थी। इसके अलावा ड्राफ्ट की प्रति नगर निगम की वेबसाइट एमसीवाईएनआर डॉट कॉम पर कुछ दिन बाद अपलोड हुई। वहीं जिला प्रशासन की वेबसाइट यमुनानगर डॉट निक डॉट इन पर यह अभी तक अपलोड नहीं है।

साथ ही ड्राफ्ट में वार्डों के क्षेत्र व सीमाएं समझाने के लिए मकान मालिक के नाम के बजाय प्रॉपर्टी आईडी देकर उलझा दिया गया, वहीं सुझाव व एतराज के लिए भी सिर्फ दस दिन दिए गए। इस बीच छुट्टियों भी रहीं। इसलिए सरकार को ड्राफ्ट पर सुझाव व एतराज देने के लिए दोबारा मौका देना चाहिए।
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