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Yamuna Nagar News: पीडब्ल्यूडी दूर कराएगा नागरिक अस्पताल की सभी खामियां
Thu, 12 Feb 2026 03:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Thu, 12 Feb 2026 03:20 AM IST
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यमुनानगर। 105 करोड़ रुपये की लागत से बने मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल और सिविल सर्जन कार्यालय की निर्माण खामियों पर चल रहा विवाद सुलझ गया है। बैठक में डिफेक्ट लाइबिलिटी पीरियड (डीएलपी) को 31 मई 2026 तक बढ़ाने पर सहमति बन गई है। एडीसी नवीन आहूजा की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग और पीडब्ल्यूडी अधिकारियों की बैठक में यह निर्णय लिया गया। इससे स्वास्थ्य विभाग को बड़ी राहत मिली है।
जानकारी के अनुसार 200 बेड के पांच मंजिला जिला नागरिक अस्पताल और तीन मंजिला सिविल सर्जन कार्यालय का उद्घाटन 11 मई 2023 को तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने किया था। अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस इस भवन में उद्घाटन के बाद से ही लगातार खामियां सामने आ रही हैं। छत से पानी टपकने की घटनाएं कई बार सामने आईं। दीवारों और फर्श की टाइलें उखड़ने, टूटने और गिरने की शिकायतें आम हो गई हैं। डॉक्टरों और कर्मचारियों का कहना है कि भवन के विभिन्न हिस्सों से कभी भी टाइल गिरने का खतरा बना रहता है, जिससे वे खुद को असुरक्षित महसूस करते हैं। अब तो सिविल सर्जन कार्यालय के फर्श और मीटिंग हॉल की टाइलें भी उखड़ चुकी हैं। इन समस्याओं को लेकर सिविल सर्जन की ओर से कई बार पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन को पत्र लिखकर खामियां दूर करने की मांग की गई। कुछ कमियों को ठीक किया गया, लेकिन कई कार्य अभी लंबित हैं। विवाद उस समय गहरा गया जब पीडब्ल्यूडी अधिकारियों ने यह तर्क दिया कि निर्माण एजेंसी का डीएलपी समय समाप्त हो चुका है, इसलिए एजेंसी से कार्य नहीं कराया जा सकता। वहीं सिविल सर्जन ने आरोप लगाया कि एजेंसी का डीएलपी समय समय से पहले ही समाप्त कर दिया गया, जिससे विभाग को नुकसान उठाना पड़ रहा है। क्योंकि अब सारे काम स्वास्थ्य विभाग को पैसा जमा करवा कर कराने पड़ते।
मामला बढ़ने पर एडीसी के समक्ष दोनों विभागों की संयुक्त बैठक बुलाई गई। बैठक में तथ्यों पर चर्चा के बाद निर्णय लिया गया कि डीएलपी अवधि को 31 मई 2026 तक बढ़ाया जाएगा। इस अवधि के दौरान पीडब्ल्यूडी अपने स्तर पर अस्पताल और सिविल सर्जन कार्यालय की सभी निर्माण संबंधी कमियों को दूर कराएगा। बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि लंबित खामियों की सूची तैयार कर प्राथमिकता के आधार पर कार्य पूरा किया जाएगा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि अस्पताल जैसे संवेदनशील संस्थान में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संवाद
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वर्जन:
डीएलपी अवधि बढ़ने से हमें बड़ी राहत मिली है। डीएलपी समय को 31 मई तक बढ़ा दिया गया है। जो भी कमियां हैं उन्हें पीडब्ल्यूडी विभाग के एक्सईएन पूरा करवाएंगे। जो भी खामियां हैं उनके बारे में एक्सईएन व उच्चाधिकारियों को अवगत कराया हुआ है।
- डॉ. जितेंद्र सिंह, सिविल सर्जन, यमुनानगर।
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जानकारी के अनुसार 200 बेड के पांच मंजिला जिला नागरिक अस्पताल और तीन मंजिला सिविल सर्जन कार्यालय का उद्घाटन 11 मई 2023 को तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने किया था। अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस इस भवन में उद्घाटन के बाद से ही लगातार खामियां सामने आ रही हैं। छत से पानी टपकने की घटनाएं कई बार सामने आईं। दीवारों और फर्श की टाइलें उखड़ने, टूटने और गिरने की शिकायतें आम हो गई हैं। डॉक्टरों और कर्मचारियों का कहना है कि भवन के विभिन्न हिस्सों से कभी भी टाइल गिरने का खतरा बना रहता है, जिससे वे खुद को असुरक्षित महसूस करते हैं। अब तो सिविल सर्जन कार्यालय के फर्श और मीटिंग हॉल की टाइलें भी उखड़ चुकी हैं। इन समस्याओं को लेकर सिविल सर्जन की ओर से कई बार पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन को पत्र लिखकर खामियां दूर करने की मांग की गई। कुछ कमियों को ठीक किया गया, लेकिन कई कार्य अभी लंबित हैं। विवाद उस समय गहरा गया जब पीडब्ल्यूडी अधिकारियों ने यह तर्क दिया कि निर्माण एजेंसी का डीएलपी समय समाप्त हो चुका है, इसलिए एजेंसी से कार्य नहीं कराया जा सकता। वहीं सिविल सर्जन ने आरोप लगाया कि एजेंसी का डीएलपी समय समय से पहले ही समाप्त कर दिया गया, जिससे विभाग को नुकसान उठाना पड़ रहा है। क्योंकि अब सारे काम स्वास्थ्य विभाग को पैसा जमा करवा कर कराने पड़ते।
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मामला बढ़ने पर एडीसी के समक्ष दोनों विभागों की संयुक्त बैठक बुलाई गई। बैठक में तथ्यों पर चर्चा के बाद निर्णय लिया गया कि डीएलपी अवधि को 31 मई 2026 तक बढ़ाया जाएगा। इस अवधि के दौरान पीडब्ल्यूडी अपने स्तर पर अस्पताल और सिविल सर्जन कार्यालय की सभी निर्माण संबंधी कमियों को दूर कराएगा। बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि लंबित खामियों की सूची तैयार कर प्राथमिकता के आधार पर कार्य पूरा किया जाएगा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि अस्पताल जैसे संवेदनशील संस्थान में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संवाद
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वर्जन:
डीएलपी अवधि बढ़ने से हमें बड़ी राहत मिली है। डीएलपी समय को 31 मई तक बढ़ा दिया गया है। जो भी कमियां हैं उन्हें पीडब्ल्यूडी विभाग के एक्सईएन पूरा करवाएंगे। जो भी खामियां हैं उनके बारे में एक्सईएन व उच्चाधिकारियों को अवगत कराया हुआ है।
- डॉ. जितेंद्र सिंह, सिविल सर्जन, यमुनानगर।