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जलभराव के विरोध में हाईवे पर लगाया जाम

Wed, 13 Aug 2014 12:52 AM IST
Updated Wed, 13 Aug 2014 12:52 AM IST
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Put the jam on the highway to protest logging
जलनिकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण गांव सरावां की गलियों और मकानों में दो से तीन फुट तक पानी जमा होने के विरोध में ग्रामीणों ने साढौरा-शाहाबाद मार्ग पर जाम लगा दिया।
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तीन घंटे तक जाम रहने के बाद अधिकारियों द्वारा जलनिकासी के लिए नाला बनाए जाने का आश्वासन दिए जाने पर ही ग्रामीण रास्ता खोलने को राजी हुए।

गांव सरावां में कुछ किसानों द्वारा गांव के जलनिकासी के मार्ग को अवरुद्ध करने के कारण तीन साल से जलभराव की समस्या बनी हुई है।

इस समस्या से परेशान ग्रामीणों ने कई बार अधिकारियों को अवगत भी करवाया, लेकिन उसके बावजूद समस्या जस की तस बनी है।

समस्या का समाधान न होने पर ग्रामीणों ने मंगलवार को स्टेट हाईवे पर जाम लगा दिया।

रास्ता जाम करने वालों में महिलाएं भी शामिल थीं। एक घंटा तक रास्ता जाम रहने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण अधिकारियों से बात करने पर अड़े रहे।
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रास्ता जाम रहने से दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। पुलिस ने वाहनों को वैकल्पिक रास्तों से निकालने का प्रबंध किया। इसी दौरान साढौरा के विधायक राजपाल भूखड़ी भी जाम में फंस गए।
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उन्होंने पुलिस को रास्ता खुलवाने के निर्देश दिए। पुलिस ने जब रास्ता खुलवाने का प्रयास किया तो जाम लगा रही महिलाओं से झड़प हो गई।

महिलाओं ने विधायक की गाड़ी को रोककर उन्हें अपनी समस्या बताने का प्रयास किया, लेकिन विधायक ने गाड़ी से उतरने की जहमत तक नहीं की।

उन्हाेंने गाड़ी में बैठे ही हाथ जोड़े और वहां से चले गए। तीन घंटे तक रास्ता जाम रहने के बाद पीडब्लयूडी विभाग के एसडीओ अमित मनोचा और बिलासपुर के तहसीलदार ईश्वर चंद मौके पर पहुंच गए। उन्होंने इस समस्या के समाधान के लिए नाला बनाने का आश्वासन देकर ग्रामीणों को रास्ता खोलने के लिए राजी कर लिया।


खराब हो जाता है घरेलू सामान
महिलाओं बलविंद्र, शीला देवी, रानी, जीतो और सुनीता ने बताया कि बरसात शुरू होते ही गांव की गलियों और मकानों में जलभराव हो जाता है। इस साल भी ऐसा ही हो रहा है। बारिश के पानी से उनका घरेलू सामान खराब होने के अलावा गलियों में पानी जमा होने से उन्हें आवाजाही में परेशानी हो रही है। गदे पानी से होकर जाने से ग्रामीणों को कई तरह की बीमारियां हो गई हैं। पानी जमा रहने से पशुओं को बांधने के लिए जगह तक की समस्या हो गई है।
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