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चुनाव से गेहूं की आवक पर लगा ब्रेक
अमर उजाला, यमुनानगर
Updated Wed, 09 Apr 2014 04:39 PM IST
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यमुनानगर। गेहूं के आवक के सीजन के बीच लोकसभा चुनाव आ जाने से मंडियाें में गेहूं की आवक पर ब्रेक लगा गया है। सीजन शुरू होने के एक सप्ताह बाद भी जिले की अनाज मंडियां गेहूं की आवक के लिए तरस रही हैं। उधर, फसल कटाई में लगे किसान अब चुनाव निपटने के बाद ही मंडियाें में गेहूं लेकर आने कामूड बना चुके हैं।
बता दें कि जगाधरी अनाज मंडी और ब्लॉक स्तर पर बनी 12 अनाज मंडियाें में हर बार एक अप्रैल से गेहूं की आवक शुरू हो जाती थी, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। इसका एक कारण मौसम का बिगड़ा मिजाज तो दूसरा सीजन के बीच लोकसभा चुनाव का होना है। जिले में करीब 85 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की फसल लगी है, जो अंतिम चरण में बारिश और तेज हवाआें के कारण प्रभावित हुई। इसके चलते फसल को पूरी तरह से तैयार होने में समय लगा। मौजूदा समय में किसान फसल कटाई में जुटे हैं, जबकि अब तक गेहूं मंडियाें में पहुंच जाता था। उधर, सीजन के बीच में लोकसभा चुनाव के आ जाने से किसानों ने भी चुनाव के बाद ही गेहूं को मंडियों में लेकर पहुंचने का मूड बना लिया है।
-बाक्स-
गेहूं ना आने से थमा कारोबार
मंडियाें में गेहूं की आवक ना होने के कारण मंडियाें में आढ़तियों का कारोबार भी थम सा गया है। आढ़ती धर्मेंद्र, गुरबचन और रवि का कहना है कि अप्रैल के पहले सप्ताह में मंडियों में गेहूं की आवक होनी शुरू हो जाती थी, लेकिन इस बार चुनाव के बीच में आ जाने से ऐसा नहीं हो सका है। उम्मीद है कि 10 अप्रैल को मतदान के बाद एक-दो दिनाें में मंडियाें में गेहूं पहुंचने लगेगा। बता दें कि जिले की 13 अनाज मंडियों में करीब 750 आढ़ती हैं, जिनका कारोबार गेहूं की आवक नहीं होने के चलते प्रभावित हो रहा है।
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वर्जन
वैसे तो अप्रैल माह में गेहूं की आवक का सीजन शुरू हो जाता है, लेकिन इस बार गेहूं की फसल पूरी तैयार होने में समय लगा है। अभी किसान फसल की कटाई में लगे हैं, इसलिए अगले सप्ताह के बीच मंडियों में गेहूं पहुंचने की उम्मीद है।
- राधेश्याम, सचिव, मार्केट कमेटी।
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बता दें कि जगाधरी अनाज मंडी और ब्लॉक स्तर पर बनी 12 अनाज मंडियाें में हर बार एक अप्रैल से गेहूं की आवक शुरू हो जाती थी, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। इसका एक कारण मौसम का बिगड़ा मिजाज तो दूसरा सीजन के बीच लोकसभा चुनाव का होना है। जिले में करीब 85 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की फसल लगी है, जो अंतिम चरण में बारिश और तेज हवाआें के कारण प्रभावित हुई। इसके चलते फसल को पूरी तरह से तैयार होने में समय लगा। मौजूदा समय में किसान फसल कटाई में जुटे हैं, जबकि अब तक गेहूं मंडियाें में पहुंच जाता था। उधर, सीजन के बीच में लोकसभा चुनाव के आ जाने से किसानों ने भी चुनाव के बाद ही गेहूं को मंडियों में लेकर पहुंचने का मूड बना लिया है।
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गेहूं ना आने से थमा कारोबार
मंडियाें में गेहूं की आवक ना होने के कारण मंडियाें में आढ़तियों का कारोबार भी थम सा गया है। आढ़ती धर्मेंद्र, गुरबचन और रवि का कहना है कि अप्रैल के पहले सप्ताह में मंडियों में गेहूं की आवक होनी शुरू हो जाती थी, लेकिन इस बार चुनाव के बीच में आ जाने से ऐसा नहीं हो सका है। उम्मीद है कि 10 अप्रैल को मतदान के बाद एक-दो दिनाें में मंडियाें में गेहूं पहुंचने लगेगा। बता दें कि जिले की 13 अनाज मंडियों में करीब 750 आढ़ती हैं, जिनका कारोबार गेहूं की आवक नहीं होने के चलते प्रभावित हो रहा है।
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वैसे तो अप्रैल माह में गेहूं की आवक का सीजन शुरू हो जाता है, लेकिन इस बार गेहूं की फसल पूरी तैयार होने में समय लगा है। अभी किसान फसल की कटाई में लगे हैं, इसलिए अगले सप्ताह के बीच मंडियों में गेहूं पहुंचने की उम्मीद है।
- राधेश्याम, सचिव, मार्केट कमेटी।