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Yamuna Nagar News: 76 कॉलोनियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया तेज, सत्यापन शुरू
Wed, 29 Jul 2026 01:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Wed, 29 Jul 2026 01:22 AM IST
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शहर मेंबसी कॉलोनियां। आर्काइव
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। वर्ष 1996 में तकनीकी त्रुटि के कारण अवैध की श्रेणी में रह गईं 76 कॉलोनियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया ने रफ्तार पकड़ ली है। नगर निगम की ओर से इन कॉलोनियों के सीमा निर्धारण और आवश्यक दस्तावेजों के सत्यापन का कार्य शुरू कर दिया गया है।
नगर निगम आयुक्त महाबीर प्रसाद की अध्यक्षता में मंगलवार को अधिकारियों की बैठक में कॉलोनियों का सर्वे कराने और वर्ष 1996 से पहले बने भवनों के प्रमाण जुटाने का निर्णय लिया गया। बैठक के बाद निगम की टीमों ने विभिन्न क्षेत्रों में दस्तावेजों की जांच और सर्वे का कार्य शुरू कर दिया।
वर्ष 1996 में शहर की कई कॉलोनियों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सर्वे कर रिपोर्ट शहरी स्थानीय निकाय विभाग को भेजी गई थी। हालांकि अधिसूचना जारी करते समय पोर्टल पर तकनीकी एवं शाब्दिक त्रुटि के कारण कॉलोनी को वैध दर्शाने के बजाय केवल भवनों को वैध दर्ज कर दिया गया। इस गलती के चलते 76 कॉलोनियां कागजों में अवैध रह गईं।
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इनमें 54 कॉलोनियां जगाधरी और 22 कॉलोनियां यमुनानगर क्षेत्र की हैं। इनमें से 12 कॉलोनियों का नियमितीकरण पहले ही हो चुका है, जबकि शेष 64 कॉलोनियों के लिए सरकार से अंतिम अधिसूचना जारी होना बाकी है। नियमितीकरण की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए हाल ही में नगर निगम सदन की बैठक में आयुक्त की अध्यक्षता में विशेष कमेटी का गठन किया गया था।
नगर निगम आयुक्त प्रसाद ने बताया कि सीमा निर्धारण के तहत प्रत्येक कॉलोनी के चारों कोनों और बाहरी सीमाओं की पैमाइश कर लेआउट तैयार किया जाएगा। इसके आधार पर अंतिम प्रस्ताव बनाकर राज्य सरकार को स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। निगम की टीमें कॉलोनियों की बाहरी सीमाओं पर वर्ष 1996 से पहले बने भवनों के प्रमाणों का सत्यापन कर रही हैं।
नागरिक बिजली बिल, पानी का बिल, स्वीकृत भवन नक्शा अथवा अन्य वैध दस्तावेज दिखाकर सर्वे टीम का सहयोग करें, ताकि प्रक्रिया समय पर पूरी हो सके। बैठक में अतिरिक्त नगर निगम आयुक्त धीरज कुमार, डीटीपी राजेश कुमार, प्लानिंग एक्सपर्ट आशीष सांगवान, एटीपी मृणाल जैसवाल, एटीपी मुनेश्वर भारद्वाज, अमित सिंह, जेडटीओ अजय वालिया, रघुबीर सिंह, जितेंद्र मल्होत्रा, मनप्रीत सिंह और सागर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
नियमित होने के इंतजार में कॉलोनियों के लोग
कॉलोनियों में रहने वाले लोग नियमित होने का इंतजार कर रहे हैं। नगर निगम ने जिन कॉलोनियों को नियमित करने की तैयारी की है, उनमें गोल्डन कॉलोनी, दशमेश कॉलोनी, यमुना कॉलोनी, आजाद नगर प्रथम व द्वितीय, प्रोफेसर कॉलोनी, रामनगर, चोपड़ा गार्डन, लक्ष्मी गार्डन, आनंद कॉलोनी, कुलदीप नगर, इंद्रपुरी, वीणा नगर, आदर्श नगर, दयालपुरी, कृष्ण पुरी, गोरी शंकर कॉलोनी, राजेश नगर, शांति कॉलोनी, विश्वकर्मा कॉलोनी, विजय नगर एक्सटेंशन, सरस्वती कॉलोनी, मनोहर कॉलोनी, दर्शन नगर, पूर्ण विहार, प्रताप नगर, धीमान नगर, श्री गणेश नगर, रूप नगर एक्सटेंशन सहित अन्य शामिल हैं।
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यमुनानगर। वर्ष 1996 में तकनीकी त्रुटि के कारण अवैध की श्रेणी में रह गईं 76 कॉलोनियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया ने रफ्तार पकड़ ली है। नगर निगम की ओर से इन कॉलोनियों के सीमा निर्धारण और आवश्यक दस्तावेजों के सत्यापन का कार्य शुरू कर दिया गया है।
नगर निगम आयुक्त महाबीर प्रसाद की अध्यक्षता में मंगलवार को अधिकारियों की बैठक में कॉलोनियों का सर्वे कराने और वर्ष 1996 से पहले बने भवनों के प्रमाण जुटाने का निर्णय लिया गया। बैठक के बाद निगम की टीमों ने विभिन्न क्षेत्रों में दस्तावेजों की जांच और सर्वे का कार्य शुरू कर दिया।
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वर्ष 1996 में शहर की कई कॉलोनियों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सर्वे कर रिपोर्ट शहरी स्थानीय निकाय विभाग को भेजी गई थी। हालांकि अधिसूचना जारी करते समय पोर्टल पर तकनीकी एवं शाब्दिक त्रुटि के कारण कॉलोनी को वैध दर्शाने के बजाय केवल भवनों को वैध दर्ज कर दिया गया। इस गलती के चलते 76 कॉलोनियां कागजों में अवैध रह गईं।
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इनमें 54 कॉलोनियां जगाधरी और 22 कॉलोनियां यमुनानगर क्षेत्र की हैं। इनमें से 12 कॉलोनियों का नियमितीकरण पहले ही हो चुका है, जबकि शेष 64 कॉलोनियों के लिए सरकार से अंतिम अधिसूचना जारी होना बाकी है। नियमितीकरण की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए हाल ही में नगर निगम सदन की बैठक में आयुक्त की अध्यक्षता में विशेष कमेटी का गठन किया गया था।
नगर निगम आयुक्त प्रसाद ने बताया कि सीमा निर्धारण के तहत प्रत्येक कॉलोनी के चारों कोनों और बाहरी सीमाओं की पैमाइश कर लेआउट तैयार किया जाएगा। इसके आधार पर अंतिम प्रस्ताव बनाकर राज्य सरकार को स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। निगम की टीमें कॉलोनियों की बाहरी सीमाओं पर वर्ष 1996 से पहले बने भवनों के प्रमाणों का सत्यापन कर रही हैं।
नागरिक बिजली बिल, पानी का बिल, स्वीकृत भवन नक्शा अथवा अन्य वैध दस्तावेज दिखाकर सर्वे टीम का सहयोग करें, ताकि प्रक्रिया समय पर पूरी हो सके। बैठक में अतिरिक्त नगर निगम आयुक्त धीरज कुमार, डीटीपी राजेश कुमार, प्लानिंग एक्सपर्ट आशीष सांगवान, एटीपी मृणाल जैसवाल, एटीपी मुनेश्वर भारद्वाज, अमित सिंह, जेडटीओ अजय वालिया, रघुबीर सिंह, जितेंद्र मल्होत्रा, मनप्रीत सिंह और सागर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
नियमित होने के इंतजार में कॉलोनियों के लोग
कॉलोनियों में रहने वाले लोग नियमित होने का इंतजार कर रहे हैं। नगर निगम ने जिन कॉलोनियों को नियमित करने की तैयारी की है, उनमें गोल्डन कॉलोनी, दशमेश कॉलोनी, यमुना कॉलोनी, आजाद नगर प्रथम व द्वितीय, प्रोफेसर कॉलोनी, रामनगर, चोपड़ा गार्डन, लक्ष्मी गार्डन, आनंद कॉलोनी, कुलदीप नगर, इंद्रपुरी, वीणा नगर, आदर्श नगर, दयालपुरी, कृष्ण पुरी, गोरी शंकर कॉलोनी, राजेश नगर, शांति कॉलोनी, विश्वकर्मा कॉलोनी, विजय नगर एक्सटेंशन, सरस्वती कॉलोनी, मनोहर कॉलोनी, दर्शन नगर, पूर्ण विहार, प्रताप नगर, धीमान नगर, श्री गणेश नगर, रूप नगर एक्सटेंशन सहित अन्य शामिल हैं।