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Yamuna Nagar News: अधूरे ट्रामा सेंटर को शुरू करने की तैयारी तेज
Fri, 27 Mar 2026 11:57 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Fri, 27 Mar 2026 11:57 PM IST
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ट्रॉमा सेंटर यमुनानगर। आर्काइव
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। लंबे समय से अधर में लटका ट्रामा सेंटर अब शुरू होने की ओर बढ़ता नजर आ रहा है। स्वास्थ्य महानिदेशक के हालिया निरीक्षण और सख्त रुख के बाद विभाग ने इसकी तैयारियां तेज कर दी हैं। नवीनीकरण के बाद ट्रामा सेंटर का ग्राउंड फ्लोर कई महीनों से तैयार पड़ा है, लेकिन आवश्यक कार्य पूरे न होने के कारण अब तक इसे शुरू नहीं किया जा सका है।
ट्रामा सेंटर को जनवरी 2025 तक हैंडओवर किया जाना था, लेकिन तय समयसीमा में काम पूरा नहीं हो पाया। इसके बाद जनवरी 2026 में इसके संचालन की उम्मीद जताई गई थी, जो अब तक पूरी नहीं हो सकी। गत सप्ताह स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. मनीष बंसल और स्वास्थ्य विभाग (प्रशासन) के निदेशक डॉ. वीरेंद्र यादव ने जिले का दौरा कर ट्रामा सेंटर की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने काम में देरी पर अधिकारियों को फटकार लगाई और जल्द से जल्द इसे शुरू करने के निर्देश दिए थे।
निरीक्षण में सामने आया कि ग्राउंड फ्लोर का सिविल कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन इलेक्ट्रिक विंग का काम अधूरा होने के कारण भवन उपयोग के लिए तैयार नहीं है। अब इन कार्यों को पूरा करने के लिए करीब 92 लाख रुपये का अतिरिक्त बजट स्वीकृत किया गया है। खासतौर पर गर्मी के मौसम को देखते हुए ट्रामा सेंटर में एयर कंडीशनिंग की व्यवस्था अनिवार्य मानी जा रही है।
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गौरतलब है कि करीब 15 साल पुराने ट्रामा सेंटर भवन के ग्राउंड फ्लोर का नवीनीकरण लगभग 82 लाख रुपये की लागत से किया गया है। इसके चलते जून 2024 में ट्रामा सेंटर को मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल के ब्लॉक-ए में अस्थायी रूप से शिफ्ट किया गया था। वर्तमान में ट्रामा सेंटर सीमित स्थान में संचालित हो रहा है, जहां पहले दो मंजिला भवन में मिलने वाली सुविधाएं अब एक छोटे से हॉल तक सिमट गई हैं।
जगह की कमी के कारण गंभीर मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इमरजेंसी में आने वाले मरीजों के लिए पर्याप्त बेड उपलब्ध नहीं हैं, जिसके चलते पांच बेड बरामदे में लगाने पड़ रहे हैं। इससे न केवल मरीजों बल्कि उनके परिजनों को भी असुविधा हो रही है।
निरीक्षण के दौरान महानिदेशक ने अधिकारियों से ट्रामा सेंटर से जुड़े हर पहलू पर सवाल किए, जिसमें टेंडर प्रक्रिया, कार्य शुरू होने की तिथि, खर्च की गई राशि और देरी के कारण शामिल थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
वर्जन:
- पीडब्ल्यूडी की तरफ से कार्य में कोई देरी नहीं है। हमारा सारा कार्य बहुत पहले पूरा हो चुका है। स्वास्थ्य विभाग जब चाहे ट्रामा सेंटर को टेकओवर कर सकता है। - पुनीत मित्तल, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी।
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यमुनानगर। लंबे समय से अधर में लटका ट्रामा सेंटर अब शुरू होने की ओर बढ़ता नजर आ रहा है। स्वास्थ्य महानिदेशक के हालिया निरीक्षण और सख्त रुख के बाद विभाग ने इसकी तैयारियां तेज कर दी हैं। नवीनीकरण के बाद ट्रामा सेंटर का ग्राउंड फ्लोर कई महीनों से तैयार पड़ा है, लेकिन आवश्यक कार्य पूरे न होने के कारण अब तक इसे शुरू नहीं किया जा सका है।
ट्रामा सेंटर को जनवरी 2025 तक हैंडओवर किया जाना था, लेकिन तय समयसीमा में काम पूरा नहीं हो पाया। इसके बाद जनवरी 2026 में इसके संचालन की उम्मीद जताई गई थी, जो अब तक पूरी नहीं हो सकी। गत सप्ताह स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. मनीष बंसल और स्वास्थ्य विभाग (प्रशासन) के निदेशक डॉ. वीरेंद्र यादव ने जिले का दौरा कर ट्रामा सेंटर की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने काम में देरी पर अधिकारियों को फटकार लगाई और जल्द से जल्द इसे शुरू करने के निर्देश दिए थे।
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निरीक्षण में सामने आया कि ग्राउंड फ्लोर का सिविल कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन इलेक्ट्रिक विंग का काम अधूरा होने के कारण भवन उपयोग के लिए तैयार नहीं है। अब इन कार्यों को पूरा करने के लिए करीब 92 लाख रुपये का अतिरिक्त बजट स्वीकृत किया गया है। खासतौर पर गर्मी के मौसम को देखते हुए ट्रामा सेंटर में एयर कंडीशनिंग की व्यवस्था अनिवार्य मानी जा रही है।
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गौरतलब है कि करीब 15 साल पुराने ट्रामा सेंटर भवन के ग्राउंड फ्लोर का नवीनीकरण लगभग 82 लाख रुपये की लागत से किया गया है। इसके चलते जून 2024 में ट्रामा सेंटर को मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल के ब्लॉक-ए में अस्थायी रूप से शिफ्ट किया गया था। वर्तमान में ट्रामा सेंटर सीमित स्थान में संचालित हो रहा है, जहां पहले दो मंजिला भवन में मिलने वाली सुविधाएं अब एक छोटे से हॉल तक सिमट गई हैं।
जगह की कमी के कारण गंभीर मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इमरजेंसी में आने वाले मरीजों के लिए पर्याप्त बेड उपलब्ध नहीं हैं, जिसके चलते पांच बेड बरामदे में लगाने पड़ रहे हैं। इससे न केवल मरीजों बल्कि उनके परिजनों को भी असुविधा हो रही है।
निरीक्षण के दौरान महानिदेशक ने अधिकारियों से ट्रामा सेंटर से जुड़े हर पहलू पर सवाल किए, जिसमें टेंडर प्रक्रिया, कार्य शुरू होने की तिथि, खर्च की गई राशि और देरी के कारण शामिल थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
वर्जन:
- पीडब्ल्यूडी की तरफ से कार्य में कोई देरी नहीं है। हमारा सारा कार्य बहुत पहले पूरा हो चुका है। स्वास्थ्य विभाग जब चाहे ट्रामा सेंटर को टेकओवर कर सकता है। - पुनीत मित्तल, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी।