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Yamuna Nagar News: गणतंत्र दिवस समारोह की तैयारी पूरी, बजट बना परेशानी
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अभय सिंह
जगाधरी। हर साल की तरह इस साल सभी जिले के तमाम स्कूलों में गणतंत्र दिवस पर समारोह किया जाएगा। इस दौरान जिले के सभी राजकीय प्राथमिक, माध्यमिक, उच्च व वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में भी समारोह होगा। इसे लेकर स्कूलों में तैयारी भी शुरू हो गई है। जिले के कई वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में भव्य समारोह के लिए झांकियां, नाटक व सांस्कृतिक कार्यक्रम करवाए जाएंगे। इसके लिए विद्यार्थियों के साथ अध्यापक भी तैयार कर रहे हैं। परंतु बजट की कमी इसमें अडंगा बन रही है। चूंकि शिक्षा विभाग की ओर से गणतंत्र दिवस समारोह के लिए प्रत्येक स्कूल को मात्र पांच सौ रुपये का बजट जारी किया जाता है। यह 500 रुपये स्कूलों को समारोह के बाद लड्डू बांटने के लिए दिए जाते हैं, लेकिन यह लड्डू के लिए भी पूरे नहीं होते हैं। जिन स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या काफी कम है, उन स्कूलों में तो लड्डू के लिए यह राशि पूरी हो जाती है। जबकि विद्यार्थियों की अधिक संख्या वाले स्कूलों में अध्यापक अपने स्तर पर बंदोबस्त करते हैं। अन्यथा किसी सामाजिक संस्था से अनुदान लेते हैं। जिसके बाद समारोह पूरा हो पाता है। वहीं इस बार विभाग ने अभी तक समारोह के लिए अभी तक बजट नहीं जारी किया है। इतनी कम राशि में कार्यक्रम करवाने में स्टाफ को परेशानी उठानी पड़ती है। अध्यापकों व स्कूल मुखियाओं की मांग है कि विभाग को महंगाई और विद्यार्थियों की संख्या, बाजार के दाम के अनुसार बजट जारी करना चाहिए, ताकि समारोह में किसी प्रकार की परेशानी न हो।बता दें कि राजकीय विद्यालयों में साल 2011 से पहले गांव स्तर पर कमेटी सामाजिक कार्य देखती थी। इसके बाद स्कूल स्तर पर एसएमसी (स्कूल मैनेजमेंट कमेटी) का गठन किया गया। इनमें विद्यार्थियों के अभिभावकों को शामिल किया जाने लगा। फिर कमेटी की देखरेख में कार्यक्रम होने लगे। तभी से हर वर्ष स्वतंत्रता दिवस समारोह और गणतंत्र दिवस समारोह के लिए बजट जारी किया जाता है। परंतु 12 साल से केवल 500 रुपये ही स्कूलों के लिए जारी किए जाते हैं। इतनी राशि में कार्यक्रम करवाने को लेकर मुखियाओं व अध्यापकों को दिक्कत होती है। स्कूलों की ओर से शिक्षा विभाग को पत्र भेजकर मांग भी की जा चुकी है कि विद्यार्थियों की संख्या अनुसार बजट उपलब्ध करवाया जाए। बावजूद इसके 500 रुपये ही जारी किए जाते हैं। बता दें कि जिले में करीब 999 राजकीय स्कूल हैं। जिसमें 111 उच्च एवं वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल हैं और बाकी प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालय हैं। जिनमें करीब एक लाख 10 हजार विद्यार्थी पड़ रहे हैं।
समीक्षा कर जारी किया जाए बजट
राजकीय अध्यापक संघ के जिला प्रधान महेंद्र सिंह कलेर ने कहा कि स्वतंत्रता व गणतंत्र दिवस पर समारोह के लिए मात्र 500 रुपये का बजट जारी किया जाता है, जो बेहद कम है। विभाग को बजट जारी करने से पहले समीक्षा करनी चाहिए। विद्यालयों को विद्यार्थियों की संख्या, महंगाई के अनुसार बजट जारी करना चाहिए। जिससे समारोह मनाने में परेशानी न हो।
स्वतंत्रता व गणतंत्र दिवस समारोह के लिए विभाग की ओर से 500 रुपये का बजट जारी किया जाता है। इसके लिए स्कूलों को अन्य ग्रांट भी मिलती है। स्कूल ग्रांट से इसमें राशि इस्तेमाल कर सकते हैं। बजट का निर्णय मुख्यालय की ओर से लिया जाता है। इस साल के लिए फिलहाल बजट नहीं आया है, संभव है कि एक दो दिन में यह जारी कर दिया जाए।
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डॉ. धर्मवीर सिंह, सहायक परियोजना समन्वयक।
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जगाधरी। हर साल की तरह इस साल सभी जिले के तमाम स्कूलों में गणतंत्र दिवस पर समारोह किया जाएगा। इस दौरान जिले के सभी राजकीय प्राथमिक, माध्यमिक, उच्च व वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में भी समारोह होगा। इसे लेकर स्कूलों में तैयारी भी शुरू हो गई है। जिले के कई वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में भव्य समारोह के लिए झांकियां, नाटक व सांस्कृतिक कार्यक्रम करवाए जाएंगे। इसके लिए विद्यार्थियों के साथ अध्यापक भी तैयार कर रहे हैं। परंतु बजट की कमी इसमें अडंगा बन रही है। चूंकि शिक्षा विभाग की ओर से गणतंत्र दिवस समारोह के लिए प्रत्येक स्कूल को मात्र पांच सौ रुपये का बजट जारी किया जाता है। यह 500 रुपये स्कूलों को समारोह के बाद लड्डू बांटने के लिए दिए जाते हैं, लेकिन यह लड्डू के लिए भी पूरे नहीं होते हैं। जिन स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या काफी कम है, उन स्कूलों में तो लड्डू के लिए यह राशि पूरी हो जाती है। जबकि विद्यार्थियों की अधिक संख्या वाले स्कूलों में अध्यापक अपने स्तर पर बंदोबस्त करते हैं। अन्यथा किसी सामाजिक संस्था से अनुदान लेते हैं। जिसके बाद समारोह पूरा हो पाता है। वहीं इस बार विभाग ने अभी तक समारोह के लिए अभी तक बजट नहीं जारी किया है। इतनी कम राशि में कार्यक्रम करवाने में स्टाफ को परेशानी उठानी पड़ती है। अध्यापकों व स्कूल मुखियाओं की मांग है कि विभाग को महंगाई और विद्यार्थियों की संख्या, बाजार के दाम के अनुसार बजट जारी करना चाहिए, ताकि समारोह में किसी प्रकार की परेशानी न हो।बता दें कि राजकीय विद्यालयों में साल 2011 से पहले गांव स्तर पर कमेटी सामाजिक कार्य देखती थी। इसके बाद स्कूल स्तर पर एसएमसी (स्कूल मैनेजमेंट कमेटी) का गठन किया गया। इनमें विद्यार्थियों के अभिभावकों को शामिल किया जाने लगा। फिर कमेटी की देखरेख में कार्यक्रम होने लगे। तभी से हर वर्ष स्वतंत्रता दिवस समारोह और गणतंत्र दिवस समारोह के लिए बजट जारी किया जाता है। परंतु 12 साल से केवल 500 रुपये ही स्कूलों के लिए जारी किए जाते हैं। इतनी राशि में कार्यक्रम करवाने को लेकर मुखियाओं व अध्यापकों को दिक्कत होती है। स्कूलों की ओर से शिक्षा विभाग को पत्र भेजकर मांग भी की जा चुकी है कि विद्यार्थियों की संख्या अनुसार बजट उपलब्ध करवाया जाए। बावजूद इसके 500 रुपये ही जारी किए जाते हैं। बता दें कि जिले में करीब 999 राजकीय स्कूल हैं। जिसमें 111 उच्च एवं वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल हैं और बाकी प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालय हैं। जिनमें करीब एक लाख 10 हजार विद्यार्थी पड़ रहे हैं।
समीक्षा कर जारी किया जाए बजट
राजकीय अध्यापक संघ के जिला प्रधान महेंद्र सिंह कलेर ने कहा कि स्वतंत्रता व गणतंत्र दिवस पर समारोह के लिए मात्र 500 रुपये का बजट जारी किया जाता है, जो बेहद कम है। विभाग को बजट जारी करने से पहले समीक्षा करनी चाहिए। विद्यालयों को विद्यार्थियों की संख्या, महंगाई के अनुसार बजट जारी करना चाहिए। जिससे समारोह मनाने में परेशानी न हो।
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स्वतंत्रता व गणतंत्र दिवस समारोह के लिए विभाग की ओर से 500 रुपये का बजट जारी किया जाता है। इसके लिए स्कूलों को अन्य ग्रांट भी मिलती है। स्कूल ग्रांट से इसमें राशि इस्तेमाल कर सकते हैं। बजट का निर्णय मुख्यालय की ओर से लिया जाता है। इस साल के लिए फिलहाल बजट नहीं आया है, संभव है कि एक दो दिन में यह जारी कर दिया जाए।
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डॉ. धर्मवीर सिंह, सहायक परियोजना समन्वयक।