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करेहड़ा खुर्द में बाईपास पर फ्लाईओवर बनाने की तैयारी, एनएचएआई ने 31 करोड़ा का बनाया एस्टीमेट

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 08 Feb 2022 01:20 AM IST
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Preparations for construction of flyover on bypass in Karehra Khurd, NHAI made an estimate of 31 crores
यमुनानगर। सहारनपुर-पंचकूला बाईपास पर हो रहे हादसों को देखते हुए नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अधिकारियों ने करेहड़ा खुर्द में फ्लाईओवर बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। फ्लाईओवर के लिए एनएचएआई ने करीब 31 करोड़ रुपये का एस्टीमेट बनाया है। फ्लाईओवर की ड्राइंग बन चुकी है। हालांकि फ्लाईओवर का काम शुरू होने में अभी करीब एक साल का समय लग सकता है, चूंकि इसे वित्तीय मंजूरी के लिए भेजा गया है। जिसमें सात से आठ माह का समय लग सकता है। इसके बाद टेंडर व वर्क अलॉटमेंट में समय लगेगा। फ्लाईओवर बनने के बाद करेहड़ा खुर्द में बाईपास पर होने वाले हादसों से लोगों को निजात मिलेगी।
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छोटी सी गलती से करोड़ों रुपये का नुकसान
उत्तर प्रदेश की सीमा पर कलानौर से जिला में बाईपास की लंबाई 20.6 किलोमीटर है, जो 27 गांवों से होकर गुजरता है। 170 से अधिक गांवों के लोगों का बाईपास से रोजाना आना जाना है। बाईपास को खजूरी-करेहड़ा खुर्द, खंडवा, हरनौल, सुढ़ल-सुढैल, कैल व छप्पर की सड़कें मिलती हैं। इसलिए इन गांवों में बाईपास पर अंडरपास बनाने की मांग की जा रही थी। अंडरपास के लिए इसके निर्माण के वक्त आसपास के लोगों ने कई दिनों तक धरना-प्रदर्शन भी किया था। परंतु अधिकारियों ने लोगों की एक नहीं सुनी। अब करेहड़ा खुर्द में फ्लाईओवर बनाने के लिए 31 करोड़ रुपये का एस्टीमेट बनाया गया है। इसके बाद अन्य जगहों पर भी अंडरपास व फ्लाईओवर बनाने की योजना है। यदि शुरुआत में ही लोगों की मांग मान ली जाती तो फ्लाईओवर पर करोड़ों रुपये बर्बाद करने की जरूरत नहीं पड़ती।
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20 किलोमीटर में 110 लोगों ने गंवाई जान
पिछले दिनों पुलिस ने जनवरी 2018 से दिसंबर 2020 तक बाईपास पर होने वाले हादसों का रिकॉर्ड खंगाला तो उसे देख कर सब हैरान रह गए। तीन साल में बाईपास पर जिले में 185 सड़क हादसे हुए जिनमें 110 लोगों की मौत हुई जबकि 170 घायल हुए। जिले में 54 ब्लैक स्पॉट व 19 दुर्घटना संभावित क्षेत्र हैं। ब्लैक स्पॉट वह होता है जहां तीन साल में पांच हादसे हुए हो या 10 लोगों की मौत हुई हो। जबकि दुर्घटना संभावित क्षेत्र वह होता है जहां तीन महीने में तीन या इससे ज्यादा हादसे हुए हो। जिले में 20 किलोमीटर के दायरे में ही बाईपास पर दो जगहों पर ही 63 हादसों में 32 लोगों ने जान गंवाई व 49 घायल हुए हैं। छप्पर में 28 हादसों में 15 की मौत व 22 घायल हुए हैं। इसी तरह करेहड़ा खुर्द में 25 हादसों में 18 मौत व 29 घायल हुए हैं। जबकि बाईपास पर ही नौ अन्य जगहों पर हुए 72 हादसों में 44 मौत व 67 घायल हो चुके हैं।
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भेदभाव कर रही सरकार: रेनू बाला
साढौरा से कांग्रेस विधायक रेनू बाला का कहना है कि भाजपा विधायक घनश्याम दास अरोड़ा ने निर्माण के समय अपने गांव करेहड़ा में अंडरपास बनवाया। क्या दूसरे गांवों के लोगों की जान कीमती नहीं है। अब गांव के पास जठलाना जाने वाली रोड पर भी फ्लाईओवर बनवाने जा रहे हैं। जबकि छप्पर, कैल, भंभौली समेत अन्य जगहों पर भी हादसों में लोगों की जान जा रही है। सरकार भेदभाव कर रही है। जिसका खामियाजा लोगों को अपनी जान देकर चुकाना पड़ रहा है।

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31 करोड़ का एस्टीमेट बनाया है: प्रदीप अत्री
एनएचएआई के परियोजना निदेशक प्रदीप अत्री ने बताया कि करेहड़ा खुर्द में बाईपास पर फ्लाईओवर बनाने के लिए 31 करोड़ का एस्टीमेट बनाया है। मंजूरी मिलते ही काम शुरू करवा देंगे।
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