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Yamuna Nagar News: भगवान शिव की महिमा का किया गुणगान
Tue, 30 Jul 2024 03:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Tue, 30 Jul 2024 03:15 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
रादौर। महाशिवरात्रि के अवसर पर श्री बालाजी सेवा समिति व नामदेव सेवा समिति की ओर से शहर के कॉलेज रोड पर स्थित श्री बालाजी मंदिर में चल रही पांच दिवसीय कथा का सोमवार को समापन हो गया। कथावाचक आचार्य अरविंद महाराज ने भगवान शिव की महिमा का गुणगान किया।
उन्होंने बताया कि जब दुख तकलीफ की घड़ी आती है, तब जिस चीज की जरूरत होती है वहां हमें जाना पड़ता है। दुख के घड़ी में अवश्य रूप से भगवान शिव के पास एक लोटा जल व चावल के दाने, बेल पत्र लेकर जाइए. भगवान शिव को कुछ नहीं चाहिए बस आप की श्रद्धा चाहिए।
सारी दुनिया में किए गए व्रत, दान का पुण्य भले फलदायी न हो, लेकिन भगवान शिव को चढ़ाया गया समर्पण, बेलपत्र, अक्षत और जल का फसल आपके साथ जीवन भर रहेगा। उसका पुण्य कभी समाप्त नहीं होता है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की शिव से आस्था है, भक्त देर रात तक भजन कीर्तन करते हैं और सुबह ठंडे पानी में नहाकर शिव जाप करते हुए शिव कथा का इंतजार करते हैं। उनसे बड़ा साधु कोई नहीं हो सकता है।
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शिव पुराण के अनुसार शिव कथा का स्थल कैलाश का प्रतीक होता है। संगत का जीवन में बहुत असर होता है। तुम कहां बैठ रहे हो, तुम किसके साथ बैठ रहे हो उस परिस्थितियों से उस व्यक्ति की कीमत आंकी जाती है। जो व्यक्ति अपने माता-पिता का कहना छोड़ दूसरों की बात मानता है वो अपने विनाश को आमंत्रित करता है। उन्होंने बताया कि भगवान शिव को जो दिल से जपता है, उसे बाबा दिल से सुनते हैं।
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रादौर। महाशिवरात्रि के अवसर पर श्री बालाजी सेवा समिति व नामदेव सेवा समिति की ओर से शहर के कॉलेज रोड पर स्थित श्री बालाजी मंदिर में चल रही पांच दिवसीय कथा का सोमवार को समापन हो गया। कथावाचक आचार्य अरविंद महाराज ने भगवान शिव की महिमा का गुणगान किया।
उन्होंने बताया कि जब दुख तकलीफ की घड़ी आती है, तब जिस चीज की जरूरत होती है वहां हमें जाना पड़ता है। दुख के घड़ी में अवश्य रूप से भगवान शिव के पास एक लोटा जल व चावल के दाने, बेल पत्र लेकर जाइए. भगवान शिव को कुछ नहीं चाहिए बस आप की श्रद्धा चाहिए।
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सारी दुनिया में किए गए व्रत, दान का पुण्य भले फलदायी न हो, लेकिन भगवान शिव को चढ़ाया गया समर्पण, बेलपत्र, अक्षत और जल का फसल आपके साथ जीवन भर रहेगा। उसका पुण्य कभी समाप्त नहीं होता है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की शिव से आस्था है, भक्त देर रात तक भजन कीर्तन करते हैं और सुबह ठंडे पानी में नहाकर शिव जाप करते हुए शिव कथा का इंतजार करते हैं। उनसे बड़ा साधु कोई नहीं हो सकता है।
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शिव पुराण के अनुसार शिव कथा का स्थल कैलाश का प्रतीक होता है। संगत का जीवन में बहुत असर होता है। तुम कहां बैठ रहे हो, तुम किसके साथ बैठ रहे हो उस परिस्थितियों से उस व्यक्ति की कीमत आंकी जाती है। जो व्यक्ति अपने माता-पिता का कहना छोड़ दूसरों की बात मानता है वो अपने विनाश को आमंत्रित करता है। उन्होंने बताया कि भगवान शिव को जो दिल से जपता है, उसे बाबा दिल से सुनते हैं।