17 दिन से हड़ताल कर रही आशा वर्कर्स को तमाम कर्मचारी संगठनों ने समर्थन दिया। संगठन नेताओं ने आशा वर्कर्स की मांगे पूरी होने तक संघर्ष में साथ देने की बात कही। आशा वर्कर्स मांगों को लेकर 17 दिन से अनाजमंडी में हड़तापल पर बैठी हैं। मंगलवार को सर्व कर्मचारी संघ के बैनर तले नगरपालिका, अग्निश्मन, पब्लिक हेल्थ, पीटीआई शिक्षक संघर्ष समिति, बिजली कर्मचारी, अध्यापकों सहित विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने हड़ताल को समर्थन दिया। एसकेएस सदस्यों ने अनाजमंडी के सामने एकत्र होकर जुलूस की शक्ल में सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। संगठन अनाजमंडी में हड़ताल पर बैठी आशावर्कर को समर्थन देने के लिए पहुंचे थे। इसके बाद सभी आशावर्कर ने संघ के बैनर तले मुख्यमंत्री के नाम डीसी को ज्ञापन सौंपा। कार्यक्रम की अध्यक्षता आशा वर्कर जिला प्रधान नीरू बाला और संचालन जिला सचिव गुरविंदर कौर ने किया। नगरपालिका महासचिव मांगेराम तिगरा, सीटू जिला कोषाध्यक्ष रामकुमार कांबोज, रिटायर्ड कर्मचारी संघ नेता विनोद त्यागी, महिपाल चमरोड़ी ने कर्मचारियों को संबोधित किया।
सरकार द्वारा आशावर्कर के साथ भेदभाव की नीति अपनाकर इन्हें आंदोलन के लिए मजबूर किया जा रहा है। हड़ताल पर बैठी आशावर्कर्स के साथ सरकार बातचीत करने को तैयार नहीं है। संघ नेताओं ने बताया कि कोरोना महामारी के चलते बिना किसी सुरक्षा किट के अपनी जान जोखिम में डालकर जनता की सेवा पर मान सम्मान देने की बजाए। इनकी समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है। विभाग द्वारा एस्मा लगाने की भी धमकियां दी जा रही है। जिस कारण से प्रदेश की तमाम आशा वर्कर में रोष है। जिला प्रधान महिपाल सोढ़े और जिला सचिव राजपाल सांगवान और प्रवेश परोचा ने कहा कि आशा वर्कर और एनएचएम कर्मचारियों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा, जोखिम भत्ता और प्रोत्साहन राशि, न्यूनतम वेतनमान, जीवन सुरक्षा उपकरण, 50 लाख रुपये रिस्क बीमा कवर आदि दिया जाना चाहिए। इस दौरान अग्निश्मन सेवा से गुलशन भारद्वाज, रिंकू कुमार, विजेंद्र दहिया, नगरपालिका शाखा प्रधान विक्की पारचा, मुकेश जनकराज, पब्लिक हेल्थ से प्रेम शर्मा, सुरेंद्र, बिजली विभाग से सतीश, एसकेएस से सतीश राणा व सहित सभी आशा वर्कर्स उपस्थित रहीं।