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तनाव से बचने के लिए सकारात्मक सोच और संवाद जरूरी : डॉ. नंदिनी

Thu, 22 Oct 2026 03:41 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Thu, 22 Oct 2026 03:41 AM IST
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Positive thinking and communication are essential to avoid stress: Dr. Nandini
राजकीय कॉलेज छछरौली में विद्या​र्थियों को जानकारी देती वक्ता। संस्थान
छछरौली। राजकीय महाविद्यालय के रोजगार प्रकोष्ठ और यूथ रेडक्रॉस की इकाइयों की ओर से बुधवार को मानसिक स्वास्थ्य और तनाव प्रबंधन पर व्याख्यान का आयोजन किया गया। इसमें विद्यार्थियों को करियर का तनाव दूर करने, सकारात्मक सोच अपनाने और आत्महत्या रोकथाम के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम का आयोजन उच्चतर शिक्षा विभाग के निर्देशों के तहत प्राचार्य डॉ. सुनील तनेजा के मार्गदर्शन में किया गया।
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राजकीय महाविद्यालय अहड़वाला, बिलासपुर की सहायक प्रोफेसर डॉ. नंदिनी मौदगिल ने मुख्य वक्ता के रूप में विद्यार्थियों और यूथ रेडक्रॉस स्वयंसेवकों को संबोधित किया। उन्होंने विद्यार्थियों में बढ़ते तनाव, चिंता, अवसाद, परीक्षा के दबाव और सोशल मीडिया के प्रभावों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य भी शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही महत्वपूर्ण है। पढ़ाई और करियर की चुनौतियों का सामना करने के लिए सकारात्मक सोच और समय प्रबंधन जरूरी है।
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प्राचार्य डॉ. सुनील तनेजा ने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े जागरूकता कार्यक्रम जरूरी हैं। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को समस्याओं को समझने और उनका उचित समाधान खोजने में मदद करते हैं। कार्यक्रम का संचालन यूथ रेडक्रॉस इकाइयों के प्रभारी सहायक प्राध्यापक राजबीर और स्वाति, सदस्यों शिवम, किरन व भावना शर्मा तथा प्लेसमेंट के सह-समन्वयक डॉ. विशाल वर्मा ने किया।
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परेशानी होने पर मदद लेने से न हिचकें
डॉ. नंदिनी मौदगिल ने विद्यार्थियों को योग, ध्यान और नियमित दिनचर्या अपनाने के साथ परिवार व मित्रों से संवाद बनाए रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि परेशानी के समय अपनी भावनाओं को परिवारजनों, मित्रों या काउंसलर के साथ साझा करना चाहिए। जरूरत पड़ने पर मदद लेने में संकोच नहीं करना चाहिए। समय रहते सहयोग मिलने से कठिन परिस्थितियों से निपटने में मदद मिल सकती है। उन्होंने विद्यार्थियों को पढ़ाई से जुड़ी उपयोगी तकनीकों और जरूरत के समय सहायता प्राप्त करने के लिए हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी दी। साथ ही कठिन परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखने और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया। संवाद
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