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कोहरे में धुआं मिलने से आसमान में छाया स्मॉग, एक्यूआई 340 के पार

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 30 Oct 2019 01:09 AM IST
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Pollution
आसमान पर छाया धुएं का गुब्बार। - फोटो : Yamuna Nagar
कोहरे में धुआं मिलने की वजह से मंगलवार को सुबह से लेकर रात तक आसमान पर स्मॉग की चादर बन गई। दिन में तीन घंटे ही सूरज के दर्शन हुए। उसके बाद घना कोहरा छाया रहा। स्मॉग की वजह से विजिविलिटी भी घटकर 500 मीटर रह गई। इसके कारण दिनभर ऐसा वातावरण रहा जैसे बादल छाए हों। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक तापमान में गिरावट, पटाखों, पराली और इंडस्ट्रीज के धुएं के चलते यह हालात बने हैं। इस पूरे सप्ताह तक स्मॉग छाया रहेगा। सोमवार तीन नवंबर के बाद ही स्थिति कुछ साफ होगी। मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को अधिकतम तापमान 30 डिग्री रहा जो सामान्य से दो डिग्री कम है। वहीं न्यूनतम तापमान भी 16 डिग्री सेल्सियस रहा। यह सामान्य से तीन डिग्री कम है। हवा में नमी का स्तर 39 से 92 पर्सेंट दर्ज हुआ है। हालांकि कुछ जगहों पर पहाड़ी क्षेत्र में न्यूनतम तापमान 15 से 16 डिग्री तक दर्ज हुआ है। स्मॉग की वजह से अगले तीन दिन अधिकतम तापमान में 1 से दो डिग्री की वृद्धि भी हो सकती है।
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मंगलवार को शहर के ज्यादातर इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स 340 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर के पार बना हुआ है, जो काफी खतरनाक श्रेणी है। लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही है, बुजुर्गों और बच्चों की हालत और भी खराब है। घर में भी प्रदूषण के चलते आंखों में जलन और पानी गिरने की शिकायत सामने आ रही है। दिक्कत में आए लोग अस्पताल भी पहुंच रहे हैं। पीएम 2.5 का न्यूनतम स्तर 285, अधिकतम 429 और मध्य 340 रिकॉर्ड किया गया। वहीं पीएम 10 का न्यूनतम स्तर 185, अधिकतम 468 और मध्य 280 दर्ज किया गया। जो प्रदूषण का खतरनाक स्तर है।
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पर्यावरण विशेषज्ञ एसएल सैनी का कहना है कि दीपावली पर जलाए गए पटाखों की वजह से सोमवार को जहरीली हुई शहर की हवा मंगलवार तक वैसी ही बनी हुई है। हवा हमेशा गर्म क्षेत्र से ठंडे क्षेत्र की ओर बहती है। दिल्ली के मुकाबले यमुनानगर ठंडा इलाका है। स्मॉग वाली गरम हवा वातावरण में ऊपर उठकर बहते हुए जिले में आसमान में फैल जाती है। धूल के कण बारिश होने से जल्दी साफ होते हैं। इसके अलावा कणों के बार-बार नमी सोखने से भारी होकर भी नीचे बैठ जाते हैं। केवल प्राकृतिक रूप से ही ये नीचे बैठते हैं।
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