{"_id":"69c4548c1854ce733603e7a5","slug":"png-consumers-will-have-to-surrender-their-lpg-connections-leaving-people-confused-yamuna-nagar-news-c-246-1-sknl1023-153378-2026-03-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Yamuna Nagar News: पीएनजी उपभोक्ताओं को एलपीजी कनेक्शन करना होगा सरेंडर, असमंजस में लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Yamuna Nagar News: पीएनजी उपभोक्ताओं को एलपीजी कनेक्शन करना होगा सरेंडर, असमंजस में लोग
Thu, 26 Mar 2026 03:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Thu, 26 Mar 2026 03:03 AM IST
विज्ञापन
टैगोर गार्डन में घर के बाहर लगी पीएनजी पाइप लाइन। आर्काइव
- फोटो : samvad
यमुनानगर। शहर में पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) का उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं को अब एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करने के निर्देश दिए गए हैं। केंद्र सरकार के निर्देशों के तहत पीएनजी उपभोक्ताओं को तीन माह के भीतर अपना एलपीजी कनेक्शन जमा कराना होगा। इस संबंध में शहर में पीएनजी सप्लाई करने वाली एजेंसी बीपीसीएल द्वारा उपभोक्ताओं को संदेश भेजकर अवगत कराया जा रहा है।
शहर में कुल 11,772 उपभोक्ताओं ने पीएनजी कनेक्शन ले रखा है, जिनमें 72 कनेक्शन वाणिज्यिक श्रेणी के हैं। हालांकि निर्देश जारी होने के बावजूद अब तक किसी भी उपभोक्ता ने अपना एलपीजी कनेक्शन सरेंडर नहीं किया है। उपभोक्ताओं में इसे लेकर असमंजस और आशंका का माहौल बना हुआ है। दरअसल, हाल के दिनों में एलपीजी सिलिंडरों की सप्लाई प्रभावित होने की घटनाओं ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। उपभोक्ताओं का कहना है कि जिस प्रकार सिलिंडर की आपूर्ति में देरी या बाधा देखने को मिल रही है, उसी तरह यदि भविष्य में पीएनजी सप्लाई प्रभावित होती है तो उनके पास कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं बचेगी। यही कारण है कि लोग एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करने को लेकर हिचकिचा रहे हैं। पीएनजी के ज्यादातर उपभोक्ताओं ने तो एहतियातन अपने घरों में एलपीजी के दो से तीन सिलिंडर पहले ही भरवा कर रख लिए हैं, ताकि आपात स्थिति में उन्हें परेशानी का सामना न करना पड़े। पीएनजी उपभोक्ता सेक्टर राजकुमार, रमेश का कहना है कि सरकार ने एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करने के लिए तीन माह का समय दिया है। इसलिए अभी बहुत समय है। तीन माह में यह तय हो जाएगा कि गैस संकट है या नहीं। उसी हिसाब से आगामी निर्णय लेंगे।
-- -- -- --
एलपीजी से ज्यादा सुरक्षित है पीएनजी:
विशेषज्ञों के अनुसार, पीएनजी प्राकृतिक गैस है, जिसमें मुख्य रूप से मीथेन होती है। यह गैस भूमिगत पाइपलाइन नेटवर्क के माध्यम से सीधे घरों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और उद्योगों तक पहुंचाई जाती है। एलपीजी के विपरीत, इसमें सिलिंडर बुकिंग या डिलीवरी का इंतजार नहीं करना पड़ता और यह 24 घंटे उपलब्ध रहती है। पीएनजी भारत के राष्ट्रीय गैस ग्रिड के माध्यम से सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के जरिए उपभोक्ताओं तक पहुंचती है, जहां यह स्मार्ट मीटर से होकर सीधे स्टोव, गीजर या अन्य उपकरणों से जुड़ जाती है। इसमें गैस खत्म होने का झंझट नहीं है।
विज्ञापन
-- -- -- --
वर्जन:
केंद्र सरकार के निर्देशानुसार पीएनजी उपभोक्ताओं को एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करना अनिवार्य किया गया है। इसके लिए उपभोक्ताओं को जागरूक करने हेतु संदेश भेजे जा रहे हैं। जिनके पास पीएनजी कनेक्शन है उन्हें एलपीजी कनेक्शन का सरेंडर करना ही होगा।
- शुलभ यादव, सहायक कार्यकारी संचालन (गैस) बीपीसीएल, यमुनानगर।
विज्ञापन
शहर में कुल 11,772 उपभोक्ताओं ने पीएनजी कनेक्शन ले रखा है, जिनमें 72 कनेक्शन वाणिज्यिक श्रेणी के हैं। हालांकि निर्देश जारी होने के बावजूद अब तक किसी भी उपभोक्ता ने अपना एलपीजी कनेक्शन सरेंडर नहीं किया है। उपभोक्ताओं में इसे लेकर असमंजस और आशंका का माहौल बना हुआ है। दरअसल, हाल के दिनों में एलपीजी सिलिंडरों की सप्लाई प्रभावित होने की घटनाओं ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। उपभोक्ताओं का कहना है कि जिस प्रकार सिलिंडर की आपूर्ति में देरी या बाधा देखने को मिल रही है, उसी तरह यदि भविष्य में पीएनजी सप्लाई प्रभावित होती है तो उनके पास कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं बचेगी। यही कारण है कि लोग एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करने को लेकर हिचकिचा रहे हैं। पीएनजी के ज्यादातर उपभोक्ताओं ने तो एहतियातन अपने घरों में एलपीजी के दो से तीन सिलिंडर पहले ही भरवा कर रख लिए हैं, ताकि आपात स्थिति में उन्हें परेशानी का सामना न करना पड़े। पीएनजी उपभोक्ता सेक्टर राजकुमार, रमेश का कहना है कि सरकार ने एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करने के लिए तीन माह का समय दिया है। इसलिए अभी बहुत समय है। तीन माह में यह तय हो जाएगा कि गैस संकट है या नहीं। उसी हिसाब से आगामी निर्णय लेंगे।
विज्ञापन
एलपीजी से ज्यादा सुरक्षित है पीएनजी:
विशेषज्ञों के अनुसार, पीएनजी प्राकृतिक गैस है, जिसमें मुख्य रूप से मीथेन होती है। यह गैस भूमिगत पाइपलाइन नेटवर्क के माध्यम से सीधे घरों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और उद्योगों तक पहुंचाई जाती है। एलपीजी के विपरीत, इसमें सिलिंडर बुकिंग या डिलीवरी का इंतजार नहीं करना पड़ता और यह 24 घंटे उपलब्ध रहती है। पीएनजी भारत के राष्ट्रीय गैस ग्रिड के माध्यम से सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के जरिए उपभोक्ताओं तक पहुंचती है, जहां यह स्मार्ट मीटर से होकर सीधे स्टोव, गीजर या अन्य उपकरणों से जुड़ जाती है। इसमें गैस खत्म होने का झंझट नहीं है।
विज्ञापन
वर्जन:
केंद्र सरकार के निर्देशानुसार पीएनजी उपभोक्ताओं को एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करना अनिवार्य किया गया है। इसके लिए उपभोक्ताओं को जागरूक करने हेतु संदेश भेजे जा रहे हैं। जिनके पास पीएनजी कनेक्शन है उन्हें एलपीजी कनेक्शन का सरेंडर करना ही होगा।
- शुलभ यादव, सहायक कार्यकारी संचालन (गैस) बीपीसीएल, यमुनानगर।