{"_id":"65494011ebf3e8c5e8077f57","slug":"play-schools-are-running-by-ignoring-the-rules-yamuna-nagar-news-c-246-1-sknl1020-8712-2023-11-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Yamuna Nagar News: नियमों को ताक पर रखकर चल रहे प्ले स्कूल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Yamuna Nagar News: नियमों को ताक पर रखकर चल रहे प्ले स्कूल
विज्ञापन
जिले में नियमों को ताक पर रखकर सैकड़ों क्रैच, नर्सरी व प्ले-वे स्कूल चल रहे हैं। सरकार ने प्ले-वे स्कूल चलाने के लिए नियम निर्धारित किए हैं, लेकिन जिले में इसका असर दिखाई नहीं दे रहा है। बिना मान्यता व अनुमति के अधिकांश नर्सरी स्कूल चल रहे हैं। जिले में छोटे, बड़े करीब 400 प्ले स्कूल चल रहे हैं, लेकिन मान्यता केवल 15 से 20 के पास ही है। सरकार ने प्ले-वे स्कूल चलाने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग से पंजीकरण व मान्यता लेना अनिवार्य किया है। नियम निर्धारित होने के बाद प्रशासन ने सभी प्ले-वे स्कूल संचालकों को सितंबर तक पंजीकरण करवा मान्यता लेने के निर्देश जारी किए थे।
निर्देशाें के बावजूद प्ले-वे स्कूल संचालक विभाग से मान्यता लेने के लिए गंभीर नहीं है। यही कारण है कि अभी तक मात्र सात आठ संचालकों ने ही मान्यता के लिए आवेदन किया है। यह स्कूल चलाने के लिए सरल हरियाणा पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन लेने के लिए आवेदन करना होगा। बिना मान्यता के चलने वाले प्ले-वे स्कूल संचालकों पर कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि इन दिनों शहर में प्ले-वे स्कूलों की बाढ़ सी आ गई है। अधिकांश प्ले स्कूल एक कमरे में चल रहे हैं, जबकि इसके लिए सरकार ने नियम निर्धारित किए हुए हैं। नियमों के अनुसार इन डोर के साथ बच्चों के लिए आउट डोर गेम्स के लिए मैदान भी होना चाहिए। वहीं शौचालय सहित कमरों का निर्माण भी नियमानुसार किया होना जरूरी है।
महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से सभी सभी नर्सरी, प्ले-स्कूल व प्राइवेट स्कूलों का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन किया जा रहा है। आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज की सूची सरल हरियाणा के पोर्टल पर उपलब्ध है। ऑनलाइन आवेदन करने से भविष्य में स्कूल चलाने की अनुमति प्रदान की जाएगी। महिला एवं बाल विकास विभाग से बिना रजिस्ट्रेशन के प्ले स्कूल चलाना गैर कानूनी है। जो स्कूल बिना विभाग से रजिस्ट्रेशन व राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की जारी हिदायतों के अनुसार नहीं चलाए जाएंगे, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का प्रावधान है।
विज्ञापन
जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी बलजीत कौर ने बताया कि इसका उद्देश्य बच्चों को सुरक्षित माहौल देना सुनिश्चित करना है। प्ले स्कूल का वातावरण बच्चों के स्वास्थ्य व मानसिक विकास के अच्छा होना बहुत जरूरी है। प्ले स्कूल के लिए मान्यता लेना जरूरी है। जिले में बिना मान्यता के चलने वाले प्ले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
निर्देशाें के बावजूद प्ले-वे स्कूल संचालक विभाग से मान्यता लेने के लिए गंभीर नहीं है। यही कारण है कि अभी तक मात्र सात आठ संचालकों ने ही मान्यता के लिए आवेदन किया है। यह स्कूल चलाने के लिए सरल हरियाणा पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन लेने के लिए आवेदन करना होगा। बिना मान्यता के चलने वाले प्ले-वे स्कूल संचालकों पर कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि इन दिनों शहर में प्ले-वे स्कूलों की बाढ़ सी आ गई है। अधिकांश प्ले स्कूल एक कमरे में चल रहे हैं, जबकि इसके लिए सरकार ने नियम निर्धारित किए हुए हैं। नियमों के अनुसार इन डोर के साथ बच्चों के लिए आउट डोर गेम्स के लिए मैदान भी होना चाहिए। वहीं शौचालय सहित कमरों का निर्माण भी नियमानुसार किया होना जरूरी है।
विज्ञापन
महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से सभी सभी नर्सरी, प्ले-स्कूल व प्राइवेट स्कूलों का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन किया जा रहा है। आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज की सूची सरल हरियाणा के पोर्टल पर उपलब्ध है। ऑनलाइन आवेदन करने से भविष्य में स्कूल चलाने की अनुमति प्रदान की जाएगी। महिला एवं बाल विकास विभाग से बिना रजिस्ट्रेशन के प्ले स्कूल चलाना गैर कानूनी है। जो स्कूल बिना विभाग से रजिस्ट्रेशन व राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की जारी हिदायतों के अनुसार नहीं चलाए जाएंगे, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का प्रावधान है।
विज्ञापन
जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी बलजीत कौर ने बताया कि इसका उद्देश्य बच्चों को सुरक्षित माहौल देना सुनिश्चित करना है। प्ले स्कूल का वातावरण बच्चों के स्वास्थ्य व मानसिक विकास के अच्छा होना बहुत जरूरी है। प्ले स्कूल के लिए मान्यता लेना जरूरी है। जिले में बिना मान्यता के चलने वाले प्ले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।