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Hindi News ›   Haryana ›   Yamuna Nagar News ›   Picking shaken by the death of five Jagadhri

पांच की मौत से दहल उठा जगाधरी

Sun, 09 Feb 2014 12:12 AM IST
यमुनानगर
यमुनानगर Updated Sun, 09 Feb 2014 12:12 AM IST
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गोहाना क्षेत्र के गांव खानपुर के पास सड़क हादसे में मारे गए दो दंपतियों सहित पांच की मौत से पूरा जगाधरी शहर दहल उठा, जबकि हादसे में घायल गोपाल नगर निवासी (26) वर्षीय प्रिंस रोहतक पीजीआई में जिंदगी और मौत से जूझ रहा है।
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शहर में जिसे भी हादसे की सूचना मिली, वही मृतकों के घर पर सांत्वना देने के लिए दौड़ पड़ा।
गोपाल नगर निवासी राजेश भाटिया ने बताया कि कुछ दिन पहले उसकी ताई सरोज की चाची रोहतक निवासी की मौत हो गई थी।

शनिवार को उसकी रस्मक्रिया थी, सुबह करीब 10 बजे उसका ताऊ विशंभर (50), ताई सरोज (46), सरस्वती कॉलोनी निवासी राधेश्याम (विशंभर का जीजा), सत्या देवी (विशंभर की बहन), किरण (साली) तथा प्रिंस (विशंभर का भतीजा) कार से रोहतक के लिए निकले थे।
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कार को प्रिंस चला रहा था। जब उनकी कार गांव खानपुर के पास पहुंची, तो अनियंत्रित हो गई। हादसे में विशंभर भाटिया, उसकी पत्नी सरोज, जीजा राधेश्याम बजाज, बहन सत्या देवी तथा साली किरण की मौत हो गई, जबकि प्रिंस गंभीर रूप से घायल हो गया। जो फिलहाल रोहतक पीजीआई में जिंदगी व मौत से जूझ रहा है। मृतक के परिजनों को जब हादसे की सूचना मिली, तो परिवार के सभी आदमी गोहाना की ओर गाड़ी लेकर चल पडे़। घर में मौजूद बच्चों तथा महिलाओं को आसपास के लोग सांत्वना देते नजर आए।
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करियाना की दुकान चलाते थे विशंभर
राजेश ने बताया कि उनके ताऊ विशंभर भाटिया देवी भवन बाजार में भाटिया करियाना स्टोर के नाम से दुकान चलाते थे। विशंभर के परिवार में उनका एक बेटा कुनाल है, जिसकी तीन महीने पहले ही शादी हुई है। उन्होंने बताया कि फिलहाल विशंभर अपने छोटे भाई राजकुमार के साथ एक घर में रहते थे। राजकुमार के परिवार में एक बेटा, एक बेटी तथा पत्नी है, जबकि उनके दो अन्य छोटे भाई पहले से अलग रह रहे हैं।

अधूरा रह गया नए घर में शिफ्ट होने का सपना
विशंभर भाटिया ने कुछ महीने पहले ही अमर विहार में नया घर बनाया था। बताया जा रहा है कि मुहूर्त के बाद करीब तीन महीने पहले नए घर में धूमधाम से बेटे कुनाल की शादी की थी। परिजनों की मानें तो गर्मियों में नए घर में शिफ्ट होने का कार्यक्रम तय किया गया था। लेकिन विशंभर और उनकी पत्नी सरोज का नए घर में शिफ्ट होने का सपना अधूरा रह गया।

बिजली बोर्ड से सेवानिवृत्त हुए थे राधेश्याम
मृतक के परिजनों ने बताया कि राधेश्याम बजाज कुछ साल पहले बिजली बोर्ड से सेवानिवृत्त हुए थे। उनके दो बेटे और एक बेटी है, जो शादीशुदा है। एक बेटा दिल्ली में नौकरी करता है, जबकि दूसरा जगाधरी में रही रहता है। पिछले कुछ महीने पहले ही राधेश्याम ने रामपुरा यमुनानगर से सरस्वती कॉलोनी में अपना मकान बनाया था। उनका स्वभाव इतना मिलनसार था कि उनसे मिलने के बाद हर कोई उन्हें याद रखता था। राधेश्याम के परिवार का भरण पोषण उनकी पेंशन से ही होता था।


दुकानदारों ने बंद की दुकानें
शनिवार को देवी भवन बाजार के दुकानदारों को जब पता चला कि सड़क हादसे में विशंभर भाटिया सहित पांच लोगों की मौत हो गई है, तो नजदीक के दुकानदारों ने अपनी दुकानों को बंद कर दिया। सभी दुकानदार सांत्वना देने के लिए विशंभर के घर पहुंच गए। हादसे की सूचना मिलने के बाद विशंभर का भाई राजकुमार, जोगिंद्र और अन्य गोहाना पहुंच गए।
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