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Yamuna Nagar News: जरूरत से ज्यादा यूरिया लेने वाले लोगों की होगी पड़ताल
Sat, 19 Jul 2025 11:58 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sat, 19 Jul 2025 11:58 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों और निजी डीलरों के माध्यम से बेचा जा रहा यूरिया हाथों हाथ बिक रहा है। यदि यूरिया सही तरह से बिक रहा है तो किसानों को क्यों नहीं मिल रहा। इसके लिए कृषि विभाग के अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है। जिन समितियों व डीलरों से किसानों ने जरूरत से ज्यादा यूरिया लिया है उनका रिकॉर्ड मुख्यालय भेजा गया है।
इसका रिकॉर्ड का मिलान किसानों द्वारा मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर दिए गए फसल के विवरण से किया जाएगा। अधिकारियों को शक है कि जिन किसानों के पास दो से पांच एकड़ जमीन है उनमें से काफी ने जरूरत से ज्यादा यूरिया लिया है। अधिकारियों के मुताबिक धान के पूरे सीजन में प्रति एकड़ तीन से चार बैग यूरिया की जरूरत होती है। कई किसान ऐसे हैं जिन्होंने भविष्य के लिए भी यूरिया का स्टॉक कर लिया है।
इससे छोटे किसानों को यूरिया समय पर नहीं मिल रहा है। 10 जुलाई को जिले में यूरिया के एक एक लाख बैग (4,500 मीट्रिक टन) आए थे। इनमें से 50 प्रतिशत प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों और शेष 50 प्रतिशत निजी डीलरों के माध्यम से किसानों को दिया गया। मात्र तीन से चार दिन में ही 87 हजार बैग बिक गए। किसानों की दिक्कत इसलिए भी बढ़ी है क्योंकि इस बार जिले में पिछले साल के बजाय 90,000 बैग (4,050 मीट्रिक टन) यूरिया कम प्राप्त हुआ है।
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विभाग को शक है कि कुछ किसानों ने जरूरत से ज्यादा यूरिया लिया है। जबकि जमीन के हिसाब से उनकी जरूरत कम है। जिन डीलरों ने उन्हें यूरिया बेचा और जिन किसानों ने ज्यादा यूरिया खरीदा है उसका रिकॉर्ड मुख्यालय को भेजा गया है। इसकी जांच की जा रही है। - डॉ. आदित्य डबास, उप कृषि निदेशक, यमुनानगर।
दो दिन में यूरिया नहीं मिला तो जाम लगाएगी भाकियू
संवाद न्यूज एजेंसी
रादौर। भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष सुभाष गुर्जर के नेतृत्व में शनिवार को गांव धौडंग स्थित जिला कार्यालय में बैठक का आयोजन किया गया। जिला अध्यक्ष सुभाष गुर्जर ने कहा कि प्रदेश में डीएपी व यूरिया को लेकर कई जगह प्रदर्शन हो रहे हैं। किसानों ने डीएपी व यूरिया की कमी कालाबाजारी और बढ़ी हुई कीमतों को लेकर सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी किए हैं। पूरे प्रदेश में खाद नहीं है। जिला में तो खाद का अकाल पड़ा हुआ है।
उन्होंने कहा कि यदि जिले में अधिकारियों से खाद को लेकर बात की जाती है तो कहते हैं कि कांवड़ यात्रा चल रही है। खाद तो ट्रेन द्वारा आता है। सरकार बहानेबाजी को छोड़कर किसान को खाद देने का इंतजाम करें। यदि दो दिन में जिले में खाद नहीं आया तो भारतीय किसान यूनियन कड़ा निर्णय लेगी और कहीं न कहीं जिला में रोड जाम करने को लेकर तैयारियां की जाएगी।
पिछले कई वर्षो से ऐसा हो रहा है कि किसानों के परिवारों की महिलाएं भी खाद के लिए लाइनों में लगी और थानों में किसान को खाद दी जा रही है। किसान को मेरा पानी मेरी विरासत, मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल नामक कई बीमारियों में उलझा रखा है। फसल बुआई के समय खाद नहीं और फसल मंडियों में जाती है तो किसान को रेट नहीं मिलता। इस अवसर पर महेंद्र कांबोज चमरौड़ी, यादविंद्र कांबोज जयपुर, सुभाष शर्मा, अशोक डांगी प्रधान, सुभाष हरतौल व्यासपुर, जसविंद्र अजीजपुर आदि मौजूद रहे।
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यमुनानगर। प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों और निजी डीलरों के माध्यम से बेचा जा रहा यूरिया हाथों हाथ बिक रहा है। यदि यूरिया सही तरह से बिक रहा है तो किसानों को क्यों नहीं मिल रहा। इसके लिए कृषि विभाग के अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है। जिन समितियों व डीलरों से किसानों ने जरूरत से ज्यादा यूरिया लिया है उनका रिकॉर्ड मुख्यालय भेजा गया है।
इसका रिकॉर्ड का मिलान किसानों द्वारा मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर दिए गए फसल के विवरण से किया जाएगा। अधिकारियों को शक है कि जिन किसानों के पास दो से पांच एकड़ जमीन है उनमें से काफी ने जरूरत से ज्यादा यूरिया लिया है। अधिकारियों के मुताबिक धान के पूरे सीजन में प्रति एकड़ तीन से चार बैग यूरिया की जरूरत होती है। कई किसान ऐसे हैं जिन्होंने भविष्य के लिए भी यूरिया का स्टॉक कर लिया है।
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इससे छोटे किसानों को यूरिया समय पर नहीं मिल रहा है। 10 जुलाई को जिले में यूरिया के एक एक लाख बैग (4,500 मीट्रिक टन) आए थे। इनमें से 50 प्रतिशत प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों और शेष 50 प्रतिशत निजी डीलरों के माध्यम से किसानों को दिया गया। मात्र तीन से चार दिन में ही 87 हजार बैग बिक गए। किसानों की दिक्कत इसलिए भी बढ़ी है क्योंकि इस बार जिले में पिछले साल के बजाय 90,000 बैग (4,050 मीट्रिक टन) यूरिया कम प्राप्त हुआ है।
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विभाग को शक है कि कुछ किसानों ने जरूरत से ज्यादा यूरिया लिया है। जबकि जमीन के हिसाब से उनकी जरूरत कम है। जिन डीलरों ने उन्हें यूरिया बेचा और जिन किसानों ने ज्यादा यूरिया खरीदा है उसका रिकॉर्ड मुख्यालय को भेजा गया है। इसकी जांच की जा रही है। - डॉ. आदित्य डबास, उप कृषि निदेशक, यमुनानगर।
दो दिन में यूरिया नहीं मिला तो जाम लगाएगी भाकियू
संवाद न्यूज एजेंसी
रादौर। भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष सुभाष गुर्जर के नेतृत्व में शनिवार को गांव धौडंग स्थित जिला कार्यालय में बैठक का आयोजन किया गया। जिला अध्यक्ष सुभाष गुर्जर ने कहा कि प्रदेश में डीएपी व यूरिया को लेकर कई जगह प्रदर्शन हो रहे हैं। किसानों ने डीएपी व यूरिया की कमी कालाबाजारी और बढ़ी हुई कीमतों को लेकर सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी किए हैं। पूरे प्रदेश में खाद नहीं है। जिला में तो खाद का अकाल पड़ा हुआ है।
उन्होंने कहा कि यदि जिले में अधिकारियों से खाद को लेकर बात की जाती है तो कहते हैं कि कांवड़ यात्रा चल रही है। खाद तो ट्रेन द्वारा आता है। सरकार बहानेबाजी को छोड़कर किसान को खाद देने का इंतजाम करें। यदि दो दिन में जिले में खाद नहीं आया तो भारतीय किसान यूनियन कड़ा निर्णय लेगी और कहीं न कहीं जिला में रोड जाम करने को लेकर तैयारियां की जाएगी।
पिछले कई वर्षो से ऐसा हो रहा है कि किसानों के परिवारों की महिलाएं भी खाद के लिए लाइनों में लगी और थानों में किसान को खाद दी जा रही है। किसान को मेरा पानी मेरी विरासत, मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल नामक कई बीमारियों में उलझा रखा है। फसल बुआई के समय खाद नहीं और फसल मंडियों में जाती है तो किसान को रेट नहीं मिलता। इस अवसर पर महेंद्र कांबोज चमरौड़ी, यादविंद्र कांबोज जयपुर, सुभाष शर्मा, अशोक डांगी प्रधान, सुभाष हरतौल व्यासपुर, जसविंद्र अजीजपुर आदि मौजूद रहे।